कैंसर पीड़ित बच्ची के लिए सिर मुड़वाने वाली अफसर: जानिए सविता प्रधान की पूरी कहानी
कैंसर से पीड़ित एक बच्ची के लिए हाल ही में अपना सिर मुड़वाने वाली अफसर की कहानी चर्चा में है। यह नेक कदम उठाने वाली अफसर मध्य प्रदेश की सविता प्रधान हैं। उनकी यह संवेदनशील पहल सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। सविता प्रधान ने बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी बड़ी मुश्किलें झेली हैं।
इन तमाम बेड़ियों को तोड़कर ही वे एक बड़ी अफसर बनीं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने अपने बारे में फैल रही गलत जानकारियों पर आपत्ति जताई है। कई प्लेटफॉर्म्स पर उनकी व्यक्तिगत जिंदगी और पद को गलत दिखाया जा रहा है। इससे उनकी और उनके परिवार की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से उनके संघर्ष को गलत तरीके से पेश न करने की अपील की है। जानिए कौन हैं सविता प्रधान और क्या है उनकी कहानी।
क्या है सविता प्रधान की कहानी?
सविता प्रधान की कहानी महिलाओं को हिम्मत देने वाली कहानी है। सविता प्रधान नर्मदापुरम जिलाके मड़ई गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म एक गरीब आदिवासी परिवार में हुआ। उनके पिता महुआ और बीड़ी पत्ते बीनते थे। सविता की शादी महज 16 साल की उम्र में हो गई। इस वजह से उनकी स्कूल की पढ़ाई बीच में छूट गई। वे बताती हैं कि ससुराल में उन्होंने बहुत ज्यादा दुख और तकलीफ झेली हैं।
लेकिन सविता ने हार मानकर घुटने नहीं टेके। उन्होंने हिम्मत जुटाई और अपना ससुराल छोड़ दिया। बच्चों की परवरिश के लिए उन्होंने ब्यूटी पार्लर में काम किया। काम के साथ-साथ उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी की। वर्तमान में सिंगरौली नगर निगम में आयुक्त के पद पर पदस्थ हैं।
दो बार मिली MPPSC में सफलता
सविता प्रधान की कहानी एमपीपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए बहुत प्रेरणादायक है। उन्होंने साल 2005 और 2006 में लगातार दो बार यह परीक्षा दी। दोनों ही बार उनकी कड़ी मेहनत का शानदार परिणाम सामने आया। पहले प्रयास में उनका चयन पुलिस सेवा के लिए हुआ था। लेकिन उनका असली सपना एक प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी बार फिर से परीक्षा दी। इस बार उन्होंने पूरे प्रदेश में 83वीं रैंक हासिल की।
मैं IAS नहीं, PCS अधिकारी हूँ- सविता प्रधान
सविता प्रधान के बारे में इंटरनेट पर उनके पद को लेकर गलत जानकारी (Fake News) प्रसारित हुई थी। कई खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' (IAS) का अधिकारी बताया जाता है।
जबकि सविता प्रधान ने स्पष्ट किया था, "मैं फिलहाल IAS नहीं, बल्कि PCS (Provincial Civil Service) अधिकारी हूं।" उन्होंने बताया कि वे मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से चयनित हुई हैं। हालांकि, भविष्य में वे आईएएस कैडर में शामिल हो सकती हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें आईएएस बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
भ्रामक जानकारियों पर सविता प्रधान की अपील
वर्तमान पोस्टिंग
वर्तमान में, सविता प्रधान सिंगरौली नगर निगम (Singrauli Municipal Corporation) में आयुक्त (Commissioner) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे ग्वालियर में संयुक्त निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उन्हें मध्य प्रदेश के सबसे प्रभावशाली अफसरों में गिना जाता है।
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