सैयद ने राजकुमार बन तीन हिंदू युवतियों से की शादी, आरोपों के बाद लोगों ने पीटा, निकाला जुलूस
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- युवक पर हिंदू नाम बताकर शादी का झांसा देने का आरोप।
- पीड़िता का दावा- दो साल साथ रहने के बाद आरोपी ने छोड़ दिया।
- आरोपी के पास अलग-अलग नाम वाले आधार कार्ड मिलने की जांच।
- विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने आरोपी को थाने तक जुलूस निकालकर पहुंचाया।
- पुलिस ने कहा- दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर अलग से भी कार्रवाई होगी।
हिंदू बनकर प्रेम संबंध बनाने का आरोप
जबलपुर के थाना मदन महल क्षेत्र में एक कथित 'लव जिहाद' का मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी हंगामा देखने को मिला। शिकायत के अनुसार हैदराबाद निवासी सैयद अशफाक इसरार ने स्वयं को हिंदू बताया।
"राजकुमार" नाम से पहचान बनाई और कथित तौर पर अलग-अलग पहचान पत्रों का उपयोग कर कई हिंदू युवतियों से संपर्क स्थापित किया।
आरोप है कि उसने शादी का भरोसा देकर युवतियों के साथ संबंध बनाए और बाद में उन्हें छोड़ दिया। फिलहाल इन सभी आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
पीड़िता बोली- मंदिर में शादी की, फिर छोड़ गया
पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उसकी मुलाकात आरोपी से एक क्लिनिक में नौकरी के दौरान हुई थी। उसके अनुसार आरोपी ने स्वयं को हिंदू बताया और यह भी कहा कि उसका पहली पत्नी से तलाक हो चुका है।
पीड़िता का दावा है कि दोनों ने गायत्री मंदिर में विवाह किया और लगभग दो वर्ष तक साथ रहे। इसके बाद आरोपी उसे छोड़कर चला गया और कथित रूप से एक अन्य हिंदू युवती के साथ भी शादी जैसा संबंध बना लिया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने स्वयं उससे कई अन्य महिलाओं के साथ संबंध होने की बात कही थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
साकेत डेंटल क्लिनिक का नाम भी आया सामने
मामले में थाना मदन महल क्षेत्र स्थित साकेत डेंटल क्लिनिक का नाम भी सामने आया। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता से कहा था कि क्लिनिक के डॉक्टर को पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी।
इसी जानकारी के आधार पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता क्लिनिक पहुंचे और डॉक्टर से पूछताछ की। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आरोपी को अपने साथ लेकर थाना मदन महल पहुंचे। इस दौरान सड़क पर नारेबाजी हुई और आरोपी का जुलूस भी निकाला गया।
पुलिस को मिले अलग-अलग नाम वाले दस्तावेज
थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि आरोपी के पास जबलपुर का एक आधार कार्ड मिला है, जिसमें उसका नाम अलग दर्ज है, जबकि वह मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है। यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत अलग से मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही पीड़िता द्वारा लगाए गए प्रताड़ना और धोखाधड़ी के आरोपों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है। पीड़िता के बयान, आरोपी के दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य संभावित पीड़िताओं से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद शहर में इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा बनी हुई है।
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