सिंधिया राजघराने में संपत्ति की जंग: प्रतिमा राणा को चाहिए 10% हिस्सा, एग्रीमेंट पर क्यों फंसा पेंच?
कौन हैं प्रतिमा राणा
ये सिंधिया राजपरिवार की सबसे बड़ी बेटी पद्मा राजे की बेटी हैं। वे महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की नातिन हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके ममेरे भाई लगते हैं। बता दें वे परिवार के ही समझौते के खिलाफ कोर्ट पहुंची हैं।
खबरों के मुताबिक, उन्होंने एप्लिकेशन में परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनका हिस्सा हड़पने की कोशिश हो रही है। इसके अलावा उन्होंने समझौते की शर्तें छिपाने का भी आरोप लगाया है। ये सभी आरोप अभी कोर्ट में साबित होने बाकी हैं।
होटल में साइन कराने का आरोप
लेकिन असली कहानी 24 जून से शुरू होती है। प्रतिमा राणा के एप्लिकेशन के मुताबिक, उन्हें उस दिन नेपाल से खास तौर पर दिल्ली बुलाया गया।
इसके बाद अगले दिन यानी 25 जून को उन्हें दिल्ली के ताज मानसिंह होटल ले जाया गया। उनका दावा है कि वहां उन्हें एग्रीमेंट डॉक्यूमेंट पढ़ने तक का मौका नहीं मिला। आरोप है कि उन पर दबाव बनाया गया। इसके बाद गलत जानकारी देकर कागजों पर साइन लिए गए।
संविदा कानून की धारा 17 में धोखाधड़ी का दावा
प्रतिमा राणा ने इसे भारतीय संविदा अधिनियम (अनुबंध से जुड़ा कानून) की धारा 17 के तहत धोखाधड़ी बताया है। उनके मुताबिक, उनकी सहमति धोखे से ली गई। कोर्ट को अब इस दावे की जांच करनी होगी। सवाल सिर्फ सिग्नेचर का नहीं, हिस्से का भी है।
10% हिस्से पर प्रतिमा राणा का दावा
एप्लिकेशन के मुताबिक, प्रतिमा राणा को डर है कि उन्हें छोटा सा अंश ही मिलेगा। उनका कहना है कि संपत्ति में उनका और उनके पारिवारिक समूह का 10% हिस्सा बनता है। वे इसे अपना वैध हक बताती हैं।
उन्होंने एक और गंभीर बात कही है। उनके मुताबिक, बार-बार मांगने पर भी उन्हें एग्रीमेंट की कॉपी नहीं दी गई।
कोर्ट से फाइनल डिक्री रोकने की अपील
प्रतिमा राणा ने कोर्ट से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सभी आपत्तियों का निपटारा न हो, तब तक कोई फाइनल डिक्री जारी नहीं होना चाहिए। यह डिक्री इसी फैमिली एग्रीमेंट के आधार पर जारी होनी है।
उन्होंने बातचीत का रास्ता भी बंद नहीं किया है। वे किसी भी फेयर एग्रीमेंट पर विचार को तैयार हैं। शर्त बस इतनी है कि उन्हें उनका 10% हिस्सा मिले।
सिंधिया फैमिली एग्रीमेंट क्या है
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिला न्यायालय में एप्लिकेशन दिया था। उनकी बुआ ऊषा राजे और वसुंधरा राजे सिंधिया ने भी एप्लिकेशन दिए थे। परिवार के दूसरे सदस्य भी इसमें शामिल हैं।
इन एप्लिकेशन का मकसद पुराने मुकदमे खत्म करना था। इसका आधार सिंधिया फैमिली एग्रीमेंट था, जो सदस्यों ने आपस में किया था। इसी एग्रीमेंट पर अब परिवार की एक सदस्य ने सवाल उठाया है। इसी वजह से यह सिंधिया प्रोपर्टी डिस्प्यूट फिर सूर्खियों में है।
FAQs
- प्रतिमा राणा कौन हैं और उनका परिवार का क्या संबंध है?
प्रतिमा राणा सिंधिया राजपरिवार की सबसे बड़ी बेटी पद्मा राजे की बेटी हैं और महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की नातिन हैं। उनका ममेरे भाई ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। - प्रतिमा राणा ने कोर्ट में क्या आरोप लगाए हैं?
प्रतिमा राणा ने आरोप लगाया है कि परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके हिस्से को हड़पने की कोशिश की है और समझौते की शर्तें छिपाई हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि उन पर गलत जानकारी देकर कागजों पर साइन कराने का दबाव डाला गया। - प्रतिमा राणा ने कोर्ट से क्या मांग की है?
प्रतिमा राणा ने कोर्ट से आग्रह किया है कि जब तक उनकी सभी आपत्तियों का निपटारा न हो, तब तक कोई फाइनल डिक्री जारी नहीं की जानी चाहिए, और इसके साथ ही वे अपने 10% हिस्से पर वैध हक की भी मांग कर रही हैं।