16 साल पुराना सिंधिया राजघराने का संपत्ति विवाद सुलझा, जिला अदालत में पेश हुआ समझौता
समझें क्या है पूरा मामला...
- सिंधिया परिवार का 16 साल पुराना विवाद खत्म हुआ।
- बुआ-भतीजे के बीच संपत्ति समझौता कोर्ट में पेश।
- वसुंधरा राजे सहित तीनों बुआओं ने वापस ली रिवीजन।
- 8 जुलाई को होगी पक्षकारों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुनवाई।
- 2010 से चला आ रहा मुकदमा आपसी सहमति से सुलझा।
सिंधिया राजघराने का संपत्ति विवाद अब खत्म हो गया है। यह मामला 2010 से जिला अदालत में चल रहा था। ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं के बीच यह विवाद था। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है। अब 8 जुलाई को कोर्ट में पक्षकारों की उपस्थिति दर्ज होगी।
16 साल से चल रहा था झगड़ा
सिंधिया परिवार में संपत्ति बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह मामला करीब 16 साल पुराना है। उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे इस विवाद का एक पक्ष थीं।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी इसमें शामिल थीं। तीनों बुआओं ने 2010 में जिला अदालत में मुकदमा दायर किया था। उन्होंने पिता की संपत्ति में बेटियों को बराबर हिस्सा देने की मांग की थी।
सिंधिया ने भी दायर किया था वाद
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपनी बुआओं के खिलाफ अलग मुकदमा दायर किया था। दोनों मामले जिला अदालत में साथ-साथ चल रहे थे।
पुराने मामलों को जल्दी निपटाने की प्रक्रिया के तहत सुनवाई तेज हुई। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंच गया था। वहां 2017 से सिविल रिवीजन लंबित थी।
हाईकोर्ट में वापस ली गई याचिका
सुनवाई के दौरान बुआओं की तरफ से वकील ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपसी सहमति से विवाद खत्म हो गया है।
इसके बाद सिविल रिवीजन वापस लेने का आवेदन दिया गया। हाईकोर्ट ने इस आवेदन को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों को समझौते के लिए पर्याप्त समय दिया गया था।
अब जिला कोर्ट में पेश हुआ समझौता
हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया गया। इसके दस्तावेज अब जिला अदालत में जमा कराए जा चुके हैं। अदालत ने इस मामले में 8 जुलाई की तारीख तय की है।
इस दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी पक्षकारों की उपस्थिति दर्ज हो सकती है। इसी के साथ यह पुराना विवाद औपचारिक रूप से खत्म होने की ओर बढ़ गया है।
आगे क्या होगा
8 जुलाई की सुनवाई इस मामले में अहम मानी जा रही है। इसी दिन समझौते पर औपचारिक मुहर लग सकती है। इसके बाद सिंधिया परिवार का यह बहुचर्चित मामला पूरी तरह बंद हो जाएगा। परिवार के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है।
FAQ
- सिंधिया राजघराने का संपत्ति विवाद कब से चल रहा था?
यह विवाद वर्ष 2010 से जिला अदालत में लंबित था। यह करीब 16 साल पुराना मामला है। - इस विवाद में कौन-कौन पक्षकार थे?
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआएं उषा राजे, वसुंधरा राजे तथा यशोधरा राजे इसमें शामिल थीं। - अब आगे क्या होगा?
8 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पक्षकारों की उपस्थिति दर्ज होगी। इसके बाद समझौता औपचारिक रूप से पूरा हो सकता है।
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