रेप केस में जेल गए एसडीएम अरविंद माहौर की बिगड़ी तबीयत, डॉक्टर बुलाना पड़ा
रतन मिश्रा@ग्वालियर
समझें क्या है पूरा मामला...
- मुरैना एसडीएम अरविंद माहौर को दुष्कर्म मामले में जेल भेजा गया है।
- जेल की बैरक नंबर 4 में रात भर बेचैनी में टहलते रहे, सो नहीं सके।
- ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ा, डॉक्टर बुलाया गया, दवाई दी गई।
- जेल मैनुअल के अनुसार दाल-रोटी-चावल दिए, सिर्फ दो निवाले खाए।
- जेल अधीक्षक ने कहा, तबीयत नहीं सुधरी तो अस्पताल में भर्ती होंगे।
जेल की रात, बेचैनी की दास्तां
मुरैना जिले के एसडीएम अरविंद माहौर की जेल में पहली रात बेहद मुश्किल रही। एक महिला से दुष्कर्म के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उन्हें मुरैना जेल भेज दिया। जेल की बैरक नंबर 4 में रखा गया, जहां रात भर उनका हाल ठीक नहीं रहा।
जानकारी के अनुसार पूरी रात वह बेचैनी में टहलते रहे। ब्लड प्रेशर इतना बढ़ा कि नींद नहीं आई। जेल प्रबंधन को डॉक्टर बुलाना पड़ा। दवाई दी गई, तब जाकर थोड़ी राहत मिली। खाने में दाल, रोटी और चावल दिए गए, लेकिन सिर्फ दो निवाले ही खा सके।
गिरफ्तारी से पहले भी था BP हाई
यह पहली बार नहीं था, जब डिप्टी कलेक्टर माहौर का ब्लड प्रेशर चढ़ा हो। जब सिविल लाइन थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया तब भी उनका बीपी बहुत ज्यादा था। उस वक्त उन्हें ड्रिप चढ़ानी पड़ी थी। जेल ले जाते समय भी उनके हाथ में केनुला लगा हुआ था।
शान-ओ-शौकत में जीने वाले माहौर ने शायद कभी नहीं सोचा था कि एक दिन जेल की बैरक में रात गुजारनी पड़ेगी।
जेल अधीक्षक सुनीत शर्मा ने बताया कि तबीयत में अभी सुधार नहीं हुआ है। हालत और बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है।
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अफसरी का घमंड, थप्पड़ का इतिहास
एसडीएम माहौर का स्वभाव पहले से ही आक्रामक और रुखा रहा है। अपने स्टेनो को गाली देना उनके लिए आम बात थी। फरवरी 2026 में होटल इंद्रलोक में एक प्राइवेट कंपनी के सुरक्षा गार्ड ने उनसे गाड़ी बाहर खड़ी करने को कहा।
माहौर ने बिना कुछ सोचे उसे थप्पड़ जड़ दिया। बाद में दबाव बनाकर उस गार्ड से माफीनामे का वीडियो जारी करवाया गया जबकि गलती उसकी थी ही नहीं।
इसके बाद सबलगढ़ में एक जनसुनवाई के दौरान उन्होंने एक सामाजिक कार्यकर्ता को सरेआम धमकाया। अपशब्द कहे और थप्पड़ मारने की बात कही। यह मामला मीडिया में खूब चर्चा में रहा।
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अंबाह से शुरू हुई कहानी, जेल पर खत्म हुई
माहौर और उस महिला की कहानी तब शुरू हुई जब वह अंबाह में एसडीएम थे। इसके बाद उनका ट्रांसफर सबलगढ़ हुआ, जहां वह विवादों में घिरे रहे।आखिरकार उसी महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप में उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा।
जो अफसर कभी गाड़ी पार्किंग पर गार्ड को थप्पड़ मार देता था, आज वही जेल की बैरक में दाल-रोटी के दो निवाले खा रहा है।
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