कारोबारी दंपती ने किया सुसाइड, बच्चों ने राहुल गांधी को दी थी गुल्लक
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां आष्टा के शांति नगर में मनोज परमार नाम के एक शख्स ने पत्नी के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि फांसी लगाने वाले शख्स के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से परेशान होकर इस शख्स ने आत्महत्या को गले लगाया है। दिग्विजय ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी को शख्स के बच्चों ने गुल्लक भेंट की थी, जिसकी वजह से मनोज के घर पर ED ने छापा मारा था।
जानकारी के मुताबिक, गुल्लक टीम चलाने वाले मनोज परमार और उनकी पत्नी अपने निवास पर फांसी के फंदे पर लटके मिले। बता दें कि 5 दिसंबर को ED ने उनके ठिकानों पर दबिश दी थी, जिसके बाद उनकी चल-अचल संपत्ति को सीज कर दिया गया था।
दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
विवेक तन्खा ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
दिग्विजय के अलावा कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भी इस सुसाइड केस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि इसकी सम्पूर्ण जांच होनी चाहिए। एजेंसीज की वर्किंग पे संसद में डिबेट जरूर होना चाहिए। अधिकारियों को प्रताड़ित करने का अधिकार किसने दिया है ? जरूरत पड़ी तो न्यायिक जांच की दरखास्त हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी लग सकती है। बहुत दुखद।
17 लोगों के नाम सुसाइड नोट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुदकुशी करने से पहले व्यापारी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित 17 लोगों के नाम 6 पेज का सुसाइड नोट छोड़ गया है। परमार की ओर से इसमें 6 प्वाइंट्स पर पूरे घनाक्रम का जिक्र किया गया है, जिसकी वजह से उसे खुदकुशी करने पर मजबूर होना पड़ा। सुसाइड नोट में जांच एजेंसी के अधिकारी द्वारा दबाव बनाकर बीजेपी में शामिल होने की बात लिखी गई है।
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