पं. प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा, पांच लाख से ज्यादा शामिल, तीन लापता, एक को हार्ट अटैक
Nafees khan@Sehore. सीहोर में सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक कांवड़ यात्रा निकली। करीब 5 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। भीड़ के कारण एक श्रद्धालु को एंबुलेंस तक पहुंचने में आधा घंटा लगा। पुणे के एक परिवार की पत्नी समेत 3 साथी कई घंटे लापता रहे। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए भारी इंतजाम किए थे।
12 किलोमीटर की यात्रा, उमड़ा जनसैलाब
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में मंगलवार को कांवड़ यात्रा संपन्न हुई। यह यात्रा सीवन नदी से शुरू होकर कुबेरेश्वर धाम तक करीब 12 किलोमीटर लंबी रही। मंदिर प्रशासन के अनुसार एक ही दिन में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं ने धाम में दर्शन किए।
महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंचे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सीहोर के आसपास करीब 20 किलोमीटर के इलाके में ट्रैफिक थम गया। पुलिस ने भारी वाहनों को शहर से बाहर ही रोक दिया था।
बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। लोग छाता, रेनकोट और पॉलिथीन ओढ़कर कांवड़ लेकर आगे बढ़ते रहे। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी सीवन नदी से कांवड़ भरकर यात्रा में हिस्सा लिया।
पत्नी समेत 3 साथी घंटों लापता रहे
पुणे से आए दिलीप माने पांच लोगों के समूह के साथ यात्रा में शामिल हुए थे। जल भरने के दौरान वह और एक साथी आगे निकल गए। पीछे दो महिलाएं और एक लड़का रह गए।
सभी का एक तय जगह पर मिलने का प्लान था, लेकिन बाद में तीनों नहीं मिले। दिलीप ने बताया कि उनकी पत्नी वंदना माने समेत तीनों साथी करीब 3 घंटे से लापता रहे। भारी भीड़ के बीच परिवार परेशान नजर आया।
हार्ट अटैक आया, एंबुलेंस 100 मीटर दूर फंसी रही
महाराष्ट्र के जलगांव से आए एक श्रद्धालु की तबीयत यात्रा के दौरान अचानक बिगड़ गई। लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन भारी भीड़ के कारण हाईवे पर खड़ी एंबुलेंस मरीज तक नहीं पहुंच सकी, जबकि वह मुश्किल से 100 मीटर दूर थी।
करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद मौके पर मौजूद एक डॉक्टर ने श्रद्धालु को अपने कंधे पर बैठाया। इसके बाद उन्हें पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। वहां से मरीज को अस्पताल भेजा गया।
घाट पर एंट्री बंद, पुल से भरा गया जल
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सीवन नदी के घाट पर श्रद्धालुओं की सीधी एंट्री रोक दी थी। इसकी जगह कांवड़ियों के लिए पुल पर नलों से जल भरने की व्यवस्था की गई।
इसी जल को लेकर श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंचे और भगवान कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक किया। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। गुजरात समेत अलग-अलग राज्यों से आए सेवादारों ने रास्ते में भोजन और अन्य सेवाएं दीं।
हाईवे पर रेंगता रहा ट्रैफिक
सीहोर में कांवड़ यात्रा के कारण भोपाल-इंदौर हाईवे पर मंगलवार को ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित रहा। सीहोर के आसपास करीब 20 किलोमीटर के इलाके में वाहन रेंगते नजर आए। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को शहर से बाहर ही रोक दिया।
प्रशासन ने भोपाल-इंदौर मार्ग पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर डायवर्ट किया। इससे आम यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कहीं ज्यादा समय लगा। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 25 और 26 अगस्त की ट्रेनों की समय-सारणी भी अलग से जारी की गई, ताकि सड़क मार्ग पर दबाव कुछ कम किया जा सके।
यात्रा में क्या रहा खास
कुबेरेश्वर धाम में बाबा का शृंगार करीब 5 क्विंटल फूलों से किया गया। पंडित प्रदीप मिश्रा ने 25 क्विंटल नुक्ती का भोग लगाया। धाम की 2 एकड़ में बनी भोजनशाला से प्रसादी बांटी गई।
यात्रा मार्ग पर 100 से ज्यादा सेवा स्टॉल लगाए गए। यहां भोजन, फलाहारी खिचड़ी, नाश्ता और चाय-पानी की मुफ्त व्यवस्था रही। सुरक्षा के लिए 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए और 10 वॉच टावर से निगरानी हुई।
पांच जगहों पर मेडिकल पॉइंट बनाए गए, जिनमें मानक बाग, डी-मार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगरा फूल जोड़ शामिल हैं। कलेक्टर के आदेश पर यात्रा में डीजे ले जाने पर रोक रही। नदी तट पर बोट और गोताखोर भी तैनात किए गए।
भारी भीड़ के चलते भोपाल-इंदौर मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 25 और 26 अगस्त की ट्रेनों की समय-सारणी भी जारी की गई।
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