अफसरों की खींचतान में फंसा करोड़ों का निवेश, सिया अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी
सिया (SEIAA) और पर्यावरण विभाग के बीच चल रही तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है। सिया के अध्यक्षशिवनारायण चौहानने मुख्य सचिव को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के कुछ अधिकारी सिया के काम में रुकावट डाल रहे हैं। उनका कहना है कि सिया सचिवालय, जो संस्था की मदद के लिए बना है वही कामकाज को प्रभावित कर रहा है।
अध्यक्ष ने मुख्य सचिव से मांग की है कि सिया की बैठकों की कार्यवाही परिवेश पोर्टल पर समय पर अपलोड कराई जाए। साथ ही नियमित रूप से बैठकें आयोजित कराई जाएं।
चौहान ने यह भी कहा कि जो अधिकारी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि सिया का काम बिना किसी बाधा के चल सके।
21 एकड़ के सरकारी जंगल के पेड़ों की कटाई
सिया अध्यक्ष चौहान ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि भोपाल के बैरसिया इलाके में लगभग 21 एकड़ सरकारी जंगल के सैकड़ों पेड़ काट दिए गए। इसकी पर्यावरणीय अनुमति की मंजूरी पर्यावरण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी द्वारा दी गई थी।
अध्यक्ष चौहान का कहना है कि जिन मामलों में पर्यावरणीय अनुमति जारी करने का अधिकार नहीं था, उनमें भी प्रमुख सचिव ने 39 प्रकरणों में डीम्ड मंजूरी दे दी।
चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि इन अनुमतियों को रद्द किया जाना चाहिए था। वहीं पर्यावरण विभाग के वर्तमान एसीएस अशोक बर्णवाल ने आदेश जारी कर इन्हें वैध मान लिया।
300 करोड़ का अटका निवेश
सिया अध्यक्ष चौहान ने पत्र में कहा कि एक मामले में जारी पर्यावरणीय अनुमति को एसीएस ने रद्द नहीं किया। इस कारण प्रदेश में लगभग 300 करोड़ रुपए का निवेश अटका हुआ है। इससे सरकार को मिलने वाले जीएसटी राजस्व और लोगों के लिए रोजगार के अवसरों पर भी असर पड़ रहा है।
एसएनएस चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने गड़बड़ियों में अपने वरिष्ठ अधिकारियों का साथ दिया, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें फायदा पहुंचाया गया।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद भी Environmental Planning & Coordination Organisation में संविदा पर नियुक्ति दे दी गई। चौहान ने मुख्य सचिव से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
जून में सिया की दो बैठकों का अनुरोध
सिया अध्यक्ष चौहान ने पत्र में कहा है कि सिया की 948वीं बैठक 4 मई 2026 को हुई थी, लेकिन उसका कार्यवाही विवरण अब तक परिवेश पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। जबकि नियमों के मुताबिक बैठक के पांच दिन के भीतर यह जानकारी पोर्टल पर डालना जरूरी होता है।
चौहान ने बताया कि इस मामले में पर्यावरण विभाग के एसीएस को भी पत्र लिखा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चौहान ने यह भी कहा कि उन्होंने जून में सिया की दो बैठकें कराने का अनुरोध किया था। सदस्य सचिव ने इसकी सूचना जारी नहीं की। जबकि नियमों के अनुसार सिया की बैठकें नियमित रूप से होना जरूरी हैं।
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