NH 44 पर निहंग सिखों ने टोलकर्मियों को पीटा, वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में नेशनल हाईवे 44 स्थित मड़ई टोल प्लाजा शुक्रवार सुबह जंग का मैदान बन गया। पंजाब से महाराष्ट्र के नांदेड़ जा रहे निहंग सिखों के एक जत्थे और टोल कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।
निहंगों पर आरोप है कि उन्होंने टोल कर्मियों पर तलवार की मूठ और बेसबाल डंडों से हमला किया, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए।
क्यों शुरू हुआ विवाद
यह पूरी घटना 20 मार्च 2026 की सुबह लगभग 9:40 की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, निहंग सिखों का जत्था तीन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर मड़ई टोल पर पहुंचा था।
टोल कर्मियों का आरोप है कि जत्थे ने बगैर टोल भुगतान किए वाहनों को निकालने का प्रयास किया। इस दौरान जब बूम बैरियर तोड़कर निकलने की कोशिश की गई और कर्मचारियों ने उन्हें रोका, तो विवाद शुरू हो गया।
सीसीटीवी में कैद हुआ मारपीट
विवाद के दौरान गुस्साए निहंग सिख अपने वाहनों से नीचे उतर आए और टोल प्रभारी मुनेश सिंह बघेल के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने लात-घूंसों के अलावा तलवार की मूठ और बेसबाल डंडों का इस्तेमाल किया, जिससे मुनेश को काफी चोटें आई हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह निहंगों ने वहां मौजूद स्टाफ को निशाना बनाया।
महाराष्ट्र की ओर भागे हमलावर
वारदात को अंजाम देने के बाद निहंगों का जत्था अपने वाहनों में सवार होकर महाराष्ट्र की ओर भाग निकला। टोल प्रबंधन ने तत्काल इसकी सूचना कुरई पुलिस को दी। पुलिस ने खवासा टोल के पास इन वाहनों को रोककर पूछताछ की।
हालांकि, निहंगों ने पुलिस को बताया कि टोल कर्मियों ने ही उनके साथ अभद्रता की थी। इसके बाद जत्था खवासा टोल पार कर नांदेड़ के लिए रवाना हो गया।
लखनादौन थाने में केस दर्ज
मड़ई टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने लखनादौन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी केपी धुर्वे के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है।
साथ ही उनके खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। टोल मैनेजर का कहना है कि ऐसी घटनाओं से कर्मचारियों के बीच असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
मड़ई टोल पर विवादों का पुराना नाता
NH 44 पर स्थित मड़ई और खवासा टोल प्लाजा अक्सर विवादों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का अक्सर यह आरोप रहता है कि बाहर से आए टोल कर्मचारी चालकों के साथ बदतमीजी करते हैं।
वहीं, टोल प्रबंधन का तर्क है कि कई बार रसूखदार और विशेष समूह के लोग नियम तोड़ने की कोशिश करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए बदला नियम, ई-मेल पर आया नोटिस होगा मान्य
जंगल खत्म करने में एमपी अव्वल, CSE रिपोर्ट में खुलासा, 23 हजार हेक्टेयर जंगल सिर्फ 5 साल में गायब
मोनालिसा के पिता बोले- बेटी नाबालिग, धोखे से की शादी, एमपी पुलिस ने शुरू की जांच