एमपी में भीषण गर्मी से गाढ़ा हो रहा खून! ब्रेन स्ट्रोक और किडनी डैमेज के बढ़ रहे मरीज
राजधानी में गर्मी का पारा बढ़ने के साथ ही अब इसका सीधा असर लोगों के शरीर के भीतर भी देखने को मिल रहा है। तेज धूप, भीषण गर्मी और शरीर में पानी की कमी की वजह से लोगों का खून गाढ़ा होने लगा है।
डॉक्टरों के अनुसार खून गाढ़ा होने के कारण नसों में खून के थक्के जम रहे हैं। इससे ब्रेन स्ट्रोक और एक बेहद दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी साइनस थ्रोम्बोसिस के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार भोपाल के हमीदिया अस्पताल में वीनस थ्रोम्बोसिस के 38 मरीजों को भर्ती किया गया है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इन मरीजों में से चार मरीज साइनस थ्रोम्बोसिस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं।
पानी की कमी कैसे बन रही मुसीबत?
डॉक्टरों ने साफ तौर पर बताया है कि इस भीषण गर्मी में हमारे शरीर से पानी बहुत तेजी से कम होता है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो खून का गाढ़ापन बढ़ जाता है। खून गाढ़ा होने की वजह से नसों के अंदर उसके थक्के बनने लगते हैं।
हमीदिया अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आयुष दुबे ने बताया है कि अगर यह थक्का दिमाग की नसों में जाकर जम जाता है, तो इससे ब्रेन स्ट्रोक और साइनस थ्रोम्बोसिस का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
यही कारण है कि इन दिनों अस्पताल में तेज सिरदर्द, कमजोरी महसूस होने और बोलने में दिक्कत आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
बच्चों और बुजुर्गों की किडनी पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कड़कती गर्मी सिर्फ हीट स्ट्रोक तक ही सीमित नहीं है। डिहाइड्रेशन के कारण बच्चों और बुजुर्गों में किडनी डैमेज होने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश टिक्का के अनुसार, जब बच्चों के शरीर में पानी की कमी होती है, तो उनकी किडनी पर इसका सीधा असर पड़ता है।
इससे एक्यूट किडनी इंजरी का खतरा काफी बढ़ जाता है। बीते 20 दिनों के भीतर ही हमीदिया अस्पताल में ऐसे छह मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं।
इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
यदि आपको या आपके परिवार में किसी को ये लक्षण दिखते हैं, तो आपको तुरंत सावधान हो जाना चाहिए।
- सिर में बहुत तेज दर्द होना
- आंखों के आगे अचानक अंधेरा छा जाना
- हाथ और पैर में कमजोरी महसूस होना
- बात करने या बोलने में दिक्कत आना
- अचानक चक्कर आना और उल्टी होना
- चलने-फिरने में परेशानी महसूस होना
- पैरों में लगातार सूजन और दर्द बने रहना
डॉक्टरों की जरूरी सलाह
इस गर्मी और बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने कुछ आसान उपाय बताए हैं। इन बातों का ध्यान रखकर आप खुद को और अपने परिवार को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।
| क्या करें? | क्या न करें? |
| रोज कम से कम 2 से 3 लीटर पानी जरूर पीएं। | तेज धूप में बिना वजह बाहर निकलने से बचें। |
| नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं। | लंबे समय तक खाली पेट बिल्कुल न रहें। |
| हमेशा हल्के रंग के और सूती (Cotton) कपड़े ही पहनें। | बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अकेले धूप में न भेजें। |
FAQ
- गर्मी में खून गाढ़ा होने का मुख्य कारण क्या है ?
भीषण गर्मी के मौसम में हमारे शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से बाहर निकल जाता है। जब हम पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है। पानी की इसी कमी के कारण खून गाढ़ा होने लगता है। खून गाढ़ा होने से नसों में थक्के (Clots) जमने लगते हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक और साइनस थ्रोम्बोसिस जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। - डिहाइड्रेशन से बच्चों और बुजुर्गों की किडनी पर क्या असर पड़ रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में पानी का स्तर बहुत कम हो जाता है, जिससे किडनी पर दबाव बढ़ता है। बच्चों और बुजुर्गों का शरीर इसे झेल नहीं पाता और उनमें 'एक्यूट किडनी इंजरी' यानी किडनी डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। हमीदिया अस्पताल में पिछले 20 दिनों में ऐसे 6 मरीज भर्ती हो चुके हैं। - गर्मी में खुद को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों ने क्या उपाय बताए हैं?
डॉक्टरों के अनुसार, बचाव ही सबसे अच्छा इलाज है। इससे बचने के लिए हर व्यक्ति को दिनभर में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। डाइट में नींबू पानी, छाछ और जूस जैसे तरल पदार्थों को शामिल करना चाहिए। धूप में निकलने से बचना चाहिए, हल्के सूती कपड़े पहनने चाहिए और खाली पेट बिल्कुल नहीं रहना चाहिए।
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