शादी का वादा कर संबंध बनाए, अश्लील वीडियो से किया ब्लैकमेल, युवती ने BJP नेता के भाई पर लगाए आरोप
कैसे हुई रिश्ते की शुरुआत?
इंस्टाग्राम से पहचान
दरअसल साल 2023 में इंस्टाग्राम के जरिए युवती की आरोपी से पहचान हुई थी। आरोपी केशवाही का रहने वाला है। जनवरी 2024 में दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए थे। शिकायत के मुताबिक इसके बाद दोनों लंबे समय तक एक-दूसरे से बातचीत करते रहे।
युवती का आरोप है कि आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया था। इसी भरोसे पर उसने उसके साथ शारीरिक संबंध (शादी का वादा कर बनाए संबंध) बनाए। युवती ने 29 अक्टूबर 2024 की एक घटना का भी जिक्र किया है। उसका आरोप है कि आरोपी उसे ग्राम कुम्हारी के एक खाली बाड़े में ले गया था। यहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी वह शादी का वादा करके उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
युवती का कहना है कि इस दौरान वह तीन बार गर्भवती हुई। आरोप है कि आरोपी उसे गर्भपात की गोलियां देता था और शादी के बाद बच्चा करने की बात कहता था। एएसपी अभिषेक दीवान ने भी बताया कि शिकायत में युवती ने दो-तीन बार गर्भवती होने और आरोपी द्वारा गर्भपात कराने की बात कही है।
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो बनाए थे। बाद में इन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया गया। युवती ने शहडोल के पारुल पैलेस में भी वीडियो बनाने की बात कही है। उसका आरोप है कि आरोपी ने उसके नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाई और उस पर अश्लील वीडियो पोस्ट किए। आरोपी ने ये वीडियो उसे भी भेजे थे।
पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। वह वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। युवती का आरोप है कि इसी दबाव में आरोपी ने कई बार उसकी इच्छा के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए।
युवती का दावा है कि उसके पास 45 ऑडियो-वीडियो, 139 चैट और 15 रील के सबूत हैं। उसने इन्हें पुलिस को सौंपने की बात कही है। पीड़िता के मुताबिक दूसरी आईडी से हुई एक चैट में आरोपी ने लिखा था- मैं सेक्स सर्विस देता हूं। हालांकि इन डिजिटल सबूतों की सच्चाई पुलिस जांच और उनकी तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगी।
अलग-अलग नंबरों से कॉल और मैसेज करने का आरोप
युवती का कहना है कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उसे कॉल और मैसेज करता था। वह लगातार उससे संपर्क करने की कोशिश करता था। पीड़िता का दावा है कि उसके पास इन बातचीत और संपर्क से जुड़े डिजिटल सबूत भी मौजूद हैं। उसने इन्हें पुलिस को देने की बात कही है।
शादी से इनकार और धमकी देने का आरोप
युवती के मुताबिक आरोपी के परिवार ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया। युवती ने आरोपी के परिवार के लोगों पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
आरोपी के परिवार पर भी आरोप
शिकायत में युवती ने आरोपी के बड़े भाई हर्ष प्रताप सिंह को भाजपा नेता और बुढ़ार जनपद का उपाध्यक्ष बताया है। युवती का आरोप है कि हर्ष प्रताप सिंह ने उसे सामने और मोबाइल पर धमकाया था।
उसने आरोपी के बड़े पिता विक्रम सिंह पर भी गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। युवती का दावा है कि उसके पास धमकी से जुड़ी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। उसने पुलिस को इसकी जानकारी देने की बात कही है।
परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता
युवती ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। उसने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसका कहना है कि आरोपी के परिवार की तरफ से मिल रही धमकियों के कारण वह परेशान है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा
शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी कनिष्क सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बुढ़ार थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि केशवाही चौकी क्षेत्र की युवती की शिकायत पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के मामले में केस दर्ज किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
एएसपी अभिषेक दीवान ने बताया कि युवती ने शिकायत में करीब दो-तीन साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए कनिष्क सिंह से दोस्ती होने की बात कही थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। युवती का आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए और गर्भपात कराया।
युवती ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
युवती का आरोप है कि उसने महिला थाने में दर्ज शिकायत में शारीरिक शोषण, अश्लील वीडियो बनाने, उन्हें वायरल करने की धमकी देने और ब्लैकमेलिंग की बातें बताई थीं। इसके बावजूद उसे लगता है कि शिकायत में बताए गए सभी आरोपों पर अलग-अलग कार्रवाई नहीं हुई।
युवती सवाल उठा रही है कि बाकी आरोपों को लेकर अलग से कार्रवाई क्यों नहीं की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपों और डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।