शहडोल में नौकरी के नाम पर ठगी : वार्ड बॉय ने CMHO की फर्जी सील लगाकर युवाओं को लगाया लाखों का चूना

Sanjay Dhiman | Apr 07, 2026, 21:06 IST
Photograph: (the sootr)
शहडोल में बेरोजगार युवाओं से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी हुई। आरोपी वार्ड बॉय ने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और सील-साइन के साथ युवाओं से लाखों रुपए ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

आजकल बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। उस पर कोई यह कहे कि वो सरकारी नौकरी लगवा देगा तो कोई भी झांसे में आ जाएगा। सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी का ताजा मामला शहडोल जिले से सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए ठगे गए। आरोपी ने खुद को रसूखदार व्यक्ति बताते हुए नौकरी का झांसा देकर 15 युवाओं को चूना लगा दिया। आरोपी स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स पर वार्ड बॉय का काम करता है।



कैसे हुआ पूरा स्कैम

इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड था ज्ञानेंद्र सिंह है। वह शहडोल जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटासी में आउटसोर्स में काम करता था। उसने शहडोल और उमरिया जिलों के 15 बेरोजगार युवाओं को वार्ड बॉय की सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। युवाओं से वह 6 लाख रुपए से अधिक की रकम ऐंठ चुका था। आरोपी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के फर्जी हस्ताक्षर और जाली सील का इस्तेमाल कर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए।



फर्जी सील और CMHO के जाली साइन

ठगी के लिए आरोपी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के नाम की फर्जी सील बनवाई। आरोपी ने अधिकारियों के फर्जी साइन करके युवाओं को बाकायदा जॉइनिंग लेटर थमा दिए। इन कागजों को देखकर किसी को भी शक नहीं हुआ कि ये नकली हैं। इन फर्जी दस्तावेजों के बदले आरोपी ने करीब 7 लाख रुपए ऐंठ लिए। युवाओं को लगा कि उनकी किस्मत चमक गई है और अब वे सरकारी बाबू बनेंगे।



शिकायत मिलने के बाद खुली पोल

जब इन युवाओं ने ज्वाइनिंग लेटर लेकर संबंधित विभाग में ज्वाइन करने दस्तक दी तो उन्हें यह पता चला कि यह एक ठगी का मामला है। इन युवाओं ने पूरे मामले की शिकायत शहडोल एसपी से की। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। हालांकि, आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।



न्याय की उम्मीद

इस घटना ने एक बार फिर से बेरोजगारी के कारण होने वाली जालसाजी को उजागर किया है। प्रशासन और पुलिस पर भी सवाल उठते हैं कि आखिर ऐसे मामलों में कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है। हालांकि, पुलिस ने अब जांच शुरू कर दी है, लेकिन देखना होगा कि इन युवाओं को कब तक न्याय मिलता है। आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है या नहीं।



यह खबरें भी पढ़ें...



एमपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर सिंघार ने जताई हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका, मंत्री ने किया पलटवार



एमपी पुलिस बैंड आरक्षक भर्ती में 679 पदों पर भर्ती, जल्द करें आवेदन, इन बातों का रखें ध्यान



अतीक अहमद मरा है गैंग नहीं, एमपी के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी, 10 लाख मांगे



सरकारी अस्पताल में नौकरी का मौका, एमपी में नर्सिंग के दो हजार से अधिक पदों पर भर्ती