CA से 21 करोड़ ठगी, शिक्षामंत्री के करीबी शाजापुर जिपं सदस्य हिरासत में
ग्वालियर के सीए अशोक विजयवर्गीय से 21 करोड़ 6 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई थी। इस मामले में अब शाजापुर से एक नया कनेक्शन सामने आया है। स्टेट साइबर पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य जगदीश फौजी को हिरासत में लिया है। जांच में उनके खाते में करीब 50 लाख रुपए आने की बात सामने आई है। पुलिस को शक है कि इसके पीछे एक बड़ा साइबर सिंडिकेट सक्रिय है।
ग्वालियर से आई पुलिस टीम
ग्वालियर में हुई 21 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जांच स्टेट साइबर पुलिस कर रही है। जांच के दौरान टीम को कुछ अहम सुराग शाजापुर की ओर ले गए। इसी आधार पर पुलिस टीम शाजापुर पहुंची। टीम ने जिला पंचायत सदस्य जगदीश फौजी से पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लेकर ग्वालियर ले जाया गया। वहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाते में आए 50 लाख रुपए
शाजापुर एसपी प्रियंका शुक्ला ने इस मामले की पुष्टि की है। उनके मुताबिक जगदीश फौजी से जुड़े एक करंट अकाउंट में करीब 50 लाख रुपए का लेनदेन हुआ था। यही जानकारी पुलिस की जांच का आधार बनी। पैसों के स्रोत और लेनदेन की पूरी कड़ी अभी जांच के दायरे में है। पुलिस सभी संबंधित बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है।
बड़े सिंडिकेट का शक
स्टेट साइबर पुलिस के निरीक्षक मुकेश नारोलिया के अनुसार यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जांच में एक संगठित साइबर सिंडिकेट के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इलाके के कुछ और लोगों की भूमिका भी जांच में शामिल है। पुलिस हर वित्तीय लेनदेन को बारीकी से जांच रही है। जल्द ही आरोपी का पुलिस रिमांड लेने की तैयारी है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
कौन हैं जगदीश फौजी
जगदीश फौजी सेना में सूबेदार पद पर रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वे भाजपा से जुड़े और जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 6 से चुनाव जीता। बाद में उन्हें निर्माण समिति का सभापति बनाया गया। वे उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। मंत्री से नजदीकी के चलते यह मामला और भी सुर्खियों में आ गया है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब सभी बैंक खातों और पैसों की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जगदीश फौजी से ग्वालियर में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक कोई भी जानकारी छिपाई नहीं जाएगी। मामले से जुड़े हर अपडेट पर पुलिस की नजर बनी हुई है।
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