शाजापुर की फैमिली गैंग ने बुजुर्ग से वसूले 33 लाख : रेप केस की धमकी से ठगी, पुलिसकर्मी भी हुआ शिकार

Sanjay Dhiman | Apr 16, 2026, 23:35 IST
Photograph: (the sootr)
शाजापुर में एक परिवार ने गैंग बनाकर बुजुर्ग से 33 लाख रुपए वसूले। रेप केस की धमकी देकर उन्होंने कई लोगों को ठगा। पुलिसकर्मी भी इनका शिकार बन चुका है।

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक परिवार हनीट्रैप गैंग चला रहा था। इस गैंग में पति, पत्नी, बेटा और बहू शामिल थे। यह परिवार सोशल मीडिया पर लोगों से दोस्ती करता था और फिर रेप केस में फंसाने की धमकी देता था। इन लोगों ने एक बुजुर्ग से 33 लाख रुपए ठगे। गैंग की सरगना पार्वती बैरागी थी, जो अनपढ़ होने के बावजूद काफी शातिर दिमाग थी। यह महिला लोगों को अपने चंगुल में फंसाती थी। परिवार के बाकी सदस्य इसकी मदद करते थे।



कैसे शुरु हुआ ठगी का सिलसिला?

पार्वती और उसके परिवार ने 2023 में रमेशचंद्र पाटीदार से दोस्ती की। शुरुआत में पार्वती ने उसे बीमारी का बहाना बनाकर पैसे मांगे, लेकिन बाद में वीडियो कॉल करके उसे धमकाना शुरू कर दिया। पार्वती ने उसके वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी और झूठे रेप केस में फंसाने की बात कही। डर के कारण रमेशचंद्र ने पैसे देना शुरू कर दिए। करीब दो सालों में 33 लाख रुपए इस गैंग ने उनसे ठग लिए।



f60391be-8d2


कैसे काम करता था यह 'फैमिली गैंग'?

कोतवाली प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि इस गैंग में काम का बंटवारा बिल्कुल साफ था:



  1. पार्वती बैरागी (सरगना): यह लोगों से दोस्ती करती, वीडियो कॉल रिकॉर्ड करती और ब्लैकमेलिंग की शुरुआत करती थी।
  2. राजेंद्र बैरागी (पति): मंदिर में शिकार ढूंढता और डराने-धमकाने बुजुर्गों के घर जाता था।
  3. शरद बैरागी (बेटा): यह ड्राइवर है और पीड़ितों को कॉल कर पुलिस और कोर्ट कचहरी का डर दिखाता था।
  4. संजना बैरागी (बहू): यह भी इस पूरी साजिश में शामिल रहकर परिवार का साथ देती थी।

इनका मुख्य निशाना 50 साल से ऊपर के सीधे-साधे बुजुर्ग होते थे। ये लोग पकड़े जाने के डर से कभी भी बैंक ट्रांसफर नहीं लेते थे। सारा पैसा सिर्फ 'कैश' में वसूला जाता था।



पुलिस ऑफिसर को भी नहीं बख्शा

यह गैंग कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने एक सब-इंस्पेक्टर (SI) को भी नहीं छोड़ा। साल 2023 में पार्वती ने शुजालपुर थाने के SI आजाद चौधरी पर रेप का केस दर्ज करवा दिया था। असल में उसने SI के साथ भी वही पैंतरा अपनाया था—दोस्ती करना, फोटो-वीडियो बनाना और फिर पैसों की मांग करना। जब पुलिसकर्मी ने पैसे नहीं दिए, तो उसने मामला दर्ज करवा दिया।



ऐशो-आराम और लग्जरी लाइफ का शौक

पुलिस ने जब आरोपियों को पकड़ा, तो उनके पास से 10 लाख रुपए नकद और एक कार बरामद हुई। पार्वती के पास महंगा आईफोन था। ये लोग ठगी के पैसों से आष्टा में अपना आलीशान मकान बनवा रहे थे। इन्हें महंगे कपड़े पहनने और घूमने-फिरने का बहुत शौक था। पुलिस अब इनके मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि और कितने लोग इनके शिकार हुए हैं।



यह खबरें भी पढ़ें...



केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट : प्रशासन के आश्वासन पर किसानों का उग्र आंदोलन 10 दिन के लिए टला



थाने में वर्दी वाले की गुंडागर्दी; केस पूछने गए व्यक्ति को ASI ने जड़े 20 थप्पड़, हुआ सस्पेंड, दर्ज हुई FIR



वंदे मातरम गरिमा विवाद: इंदौर हाईकोर्ट ने पार्षद रुबीना खान और फौजिया शेख को नोटिस किया जारी



इंदौर में एक बिल्डर के रुपए देने से लॉरेंस गैंग की बढ़ी हिम्मत, 12 बिल्डरों को मिल चुकी धमकी



Tags:
  • शाजापुर
  • ब्लैकमेलिंग
  • सोशल मीडिया
  • शुजालपुर
  • वीडियो कॉल
  • हनीट्रैप गैंग