करोड़ों की संपत्ति हड़पने ब्रोकर ने रचा खेल, शकुंतला-हेमंत की हत्या का खुला राज
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती की हत्या हुई थी।
- पुलिस ने 20 दिन बाद दो भाइयों को पकड़ा।
- दोनों प्रॉपर्टी डीलरों पर हत्या की साजिश का आरोप है।
- संपत्ति हड़पने के लिए दानपत्र बनवाने की बात सामने आई।
- रिश्तेदार शिवानी की भूमिका की भी जांच जारी है।
कब हुई थी हत्या
भोपाल के सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती की गोली मारकर हत्या हुई थी। 20 दिन बाद पुलिस ने दो प्रॉपर्टी डीलर भाइयों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि दोनों ने संपत्ति हड़पने के लिए दानपत्र तैयार करवाया था। मकान बिकने की नौबत आते ही उन्होंने हत्या की साजिश रची। दंपती की रिश्तेदार शिवानी की भूमिका की भी जांच चल रही है।
संपत्ति के लिए बनी साजिश
हिरासत में लिए गए आरोपियों के नाम शशिकांत और श्रीकांत हैं। दोनों भाई लंबे समय से इस बुजुर्ग दंपती के करीबी और भरोसेमंद माने जाते थे। वे दंपती की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त का पूरा काम संभालते थे।
कुछ समय पहले दोनों भाइयों ने दंपती का इटारसी में एक प्लॉट बिकवाया था। आरोप है कि उसी दौरान दस्तावेज तैयार करते वक्त चालाकी से एक दानपत्र (Gift Deed) भी बनवा लिया गया। इस दानपत्र में लिखा था कि दंपती की मौत के बाद सुदामा नगर की करोड़ों की संपत्ति दोनों आरोपियों के नाम हो जाएगी।
मकान बिकते ही बदली रणनीति
आरोपियों को उम्मीद थी कि दंपती की स्वाभाविक मौत के बाद संपत्ति उनके नाम हो जाएगी। लेकिन हाल ही में हालात बदल गए। दंपती ने अचानक अपना सुदामा नगर वाला मकान बेचने का फैसला कर लिया। सौदा भी लगभग तय हो चुका था।
मकान बिकने का मतलब था कि उनके द्वारा बनवाए गए दानपत्र की कोई कीमत नहीं रह जाएगी। इसी लालच और घबराहट में आरोपियों ने दंपती की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली।
रिश्तेदार शिवानी भी शक के घेरे में
इस हत्याकांड की परतें सिर्फ प्रॉपर्टी डीलरों तक सीमित नहीं हैं। पुलिस अब मृतका की करीबी रिश्तेदार शिवानी बारीक की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आया कि शिवानी पर बैंक और निजी उधारी मिलाकर 20 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज था।
हत्या से कुछ दिन पहले ही शिवानी के खाते में 6 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। वह लगातार दोनों आरोपी भाइयों के संपर्क में भी थी। पुलिस अब इन वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
अब आगे क्या होगा
पुलिस फिलहाल शशिकांत और श्रीकांत से कड़ी पूछताछ कर रही है। उस दानपत्र की कानूनी वैधता की भी बारीकी से जांच हो रही है। यह भी देखा जा रहा है कि दानपत्र किन परिस्थितियों में तैयार करवाया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा हो सकता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति भी शामिल था। आने वाले दिनों में एक और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह मामला दिखाता है कि भरोसे का रिश्ता कितना खतरनाक साबित हो सकता है। बुजुर्गों को अपनी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते वक्त विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
FAQ
- भोपाल दंपती हत्याकांड में किसे हिरासत में लिया गया है?
पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर भाई शशिकांत और श्रीकांत को हिरासत में लिया है। दोनों दंपती के करीबी और भरोसेमंद माने जाते थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। - हत्या की वजह क्या बताई जा रही है?
आरोप है कि आरोपियों ने संपत्ति हड़पने के लिए दानपत्र तैयार करवाया था। मकान बिकने की नौबत आते ही उन्होंने हत्या की साजिश रची। पुलिस अभी इसकी पुष्टि कर रही है।
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