इंदौर के ब्यूटी पार्लर से चला बच्चा तस्करी नेटवर्क: एमपी के चार जिलों में फैला, 6 दिन की बच्ची 1 लाख में बिकी

Amresh Kushwaha | Apr 27, 2026, 12:28 IST
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श्योपुर में हाईवे पर 2 साल की बच्ची लावारिस मिली थी। जांच में बड़ा मानव तस्करी नेटवर्क सामने आया है। बच्ची का सौदा सिर्फ छह दिन की उम्र में एक लाख रुपए में हुआ था।

News In Short

  • श्योपुर के हाईवे पर 18 अप्रैल को 2 साल की बच्ची लावारिस मिली थी।
  • जांच में चार जिलों में फैला मानव तस्करी नेटवर्क सामने आया है।
  • बच्ची का सौदा 21 नवंबर 2024 को महज छह दिन की उम्र में हुआ था।
  • इंदौर के ब्यूटी पार्लर की आड़ में खरीदार और सप्लायर जुड़ते थे।
  • 35 घंटे के ऑपरेशन में उद्योगपति दंपती समेत छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

News In Detail

हाईवे पर मिली मासूम, खुला बड़ा राज

18 अप्रैल की बात है। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सोंईकलां के पास हाईवे किनारे एक 2 साल की बच्ची अकेली मिली। कोई उसके साथ नहीं था। पुलिस को सूचना मिली और टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में यह एक साधारण मामला लग रहा था। वहीं, जांच आगे बढ़ी तो परत-दर-परत एक बड़े मानव तस्करी (Human Trafficking) नेटवर्क की तस्वीर सामने आने लगी।



पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक कार संदिग्ध नजर आई। कैमरे में कार की रफ्तार उस जगह के पास असामान्य रूप से धीमी थी। पुलिस ने कार मालिक का पता लगाया। वह राजगढ़ के आकाश मूंदड़ा निकले। यहीं से पूरे रैकेट की परतें उधड़ने लगीं।



6 दिन की उम्र में 1 लाख में हुआ सौदा

जांच में जो सच सामने आया, वह रूह कंपा देने वाला है। यह बच्ची 21 नवंबर 2024 को सिर्फ 6 दिन की थी, जब उसका पहला सौदा हुआ। धार जिले की एक क्लीनिक संचालिका ने उसे खरगोन की एक महिला से लिया था। इसके बाद बच्ची इंदौर पहुंची जहां ब्यूटी पार्लर संचालिका नीता जैन और उसके पति वैभव जैन के जरिए उसे राजगढ़ के आकाश मूंदड़ा को करीब एक लाख रुपए में बेच दिया गया।



ब्यूटी पार्लर बना तस्करी का अड्डा

जांच में इंदौर के महालक्ष्मी नगर स्थित ब्यूटी पार्लर सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। यहीं से खरीदार और सप्लायर एक-दूसरे के संपर्क में आते थे। पार्लर की आड़ में बच्चों की खरीद-फरोख्त का काम चलता था। नीता जैन और वैभव जैन इस नेटवर्क की मजबूत कड़ी बताए जा रहे हैं।



यह नेटवर्क श्योपुर, इंदौर, राजगढ़, धार और खरगोन, यानी कम से कम 4 से 5 जिलों तक फैला था। अलग-अलग जिलों में अलग-अलग लोग अपनी भूमिका निभाते थे।



35 घंटे, 3 जिले, 6 गिरफ्तारी

श्योपुर एसपी सुधीर अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत तीन स्पेशल टीमें बनाईं। करीब 20 पुलिसकर्मियों ने 35 घंटे के लगातार ऑपरेशन में इंदौर, धार और खरगोन में एक साथ दबिश दी। सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके श्योपुर लाया गया।



गिरफ्तार आरोपियों में इंदौर की ब्यूटी पार्लर संचालिका नीता जैन, उनके पति वैभव जैन, राजगढ़ के उद्योगपति आकाश मूंदड़ा और उनकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा के साथ धार और खरगोन की दो महिलाएं शामिल हैं। एसपी सुधीर अग्रवाल ने कहा है कि जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।



असली माता-पिता की तलाश जारी

अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि बच्ची के असली माता-पिता कौन हैं। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। बच्ची फिलहाल सुरक्षित है।



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