इंदौर शिवानी हत्याकांड में बैंक अफसर पति को 6 साल बाद उम्रकैद की सजा

Anjali Dwivedi | Jul 07, 2026, 11:45 IST
इंदौर शिवानी हत्याकांड
शिवानी मर्डर केस में पति अमितेष ने तकिए से गला घोंटकर पत्नी की हत्या की। मामले को सर्पदंश का रूप देने के लिए आरोपी अलवर से 30 हजार में कोबरा लाया और उसे मारकर उसके दांत मृतका के हाथ में गड़ा दिए। हालांकि, पीएम रिपोर्ट में इस मिस्ट्री का पर्दाफाश हो गया।

इंदौर के चर्चित 2019 शिवानी हत्याकांड में जिला कोर्ट ने आरोपी बैंक अफसर पति अमितेष पटेरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अमितेष ने पत्नी की हत्या को सर्पदंश दिखाने के लिए अलवर से 30 हजार रुपए में ब्लैक डेजर्ट कोबरा खरीदा था।



उसने पहले तकिए से पत्नी का गला घोंटा, फिर मरे हुए सांप के दांत उसके हाथ में गड़ा दिए। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।



सर्पदंश की झूठी कहानी

शिवानी पटेरिया की मौतके बाद पति अमितेष औरकिरायेदार निखिल उसे MYHअस्पताल लेकर पहुंचे थे। अमितेष के परिजनों नेडॉक्टरों को बताया कि सांप केकाटने से शिवानी की मौत हुई है।हालांकिपुलिस को शुरू से ही मामलासंदिग्ध लग रहा था।



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चाचा और पिता का आरोप

शिवानी के मायके पक्ष ने शुरू से ही सर्पदंश की कहानी को संदिग्ध माना था। शिवानी के चाचा प्रभात दीक्षित ने हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा कि अमितेष तलाक चाहता था और वह दिल्ली की किसी महिला के संपर्क में था।



वहीं, पिता आनंद दीक्षित का आरोप और भी गंभीर था, उनका कहना था कि शव का रंग सांप के जहर के असर से मेल नहीं खा रहा था।



पिता ने बताया कि बेटी की शादी नौ साल पहले हुई थी। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन बाद में दामाद का व्यवहार बदलने लगा और वह दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करने लगा था।



हमने इसके एवज में करीब 25 लाख रुपए भी दिए थे। बेटी की सुनियोजित हत्या का पूरा अंदेशा होने के कारण ही पिता ने कोबरा के पोस्टमॉर्टम की मांग की थी, जिससे आखिरकार सच सामने आ गया।



शिवानी के मर्डर का राज कैसे खुला

पुलिस ने अमितेष को हिरासत में लेकर दो दिन पूछताछ की। पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, बाद में उसने सच कबूल कर लिया।



उसने बताया कि पत्नी शिवानी से उसका अक्सर विवाद होता था। इसी वजह से उसने तकिए से उसका दम घोंट दिया। इसके बाद कोबरा को मौत से जोड़ने की योजना बनाई थी।



अमितेष इंदौर से 620 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर गया था। वहां से उसने ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का कोबरा 30 हजार रुपए में खरीदा। उसे 11 दिन घर में छिपाकर रखा। फिर मौका पाकर तकिए से पत्नी का गला घोंट दिया।



इसके बाद कोबरा को मारकर उसके दांत पत्नी के हाथ में गड़ा दिए, ताकि मौत को सर्पदंश से हुई साबित किया जा सके।



पोस्टमॉर्टम ने बदली कहानी

मेडिकल बोर्ड ने साफ किया कि मौत सांप के जहर से नहीं हुई थी। दम घुटने से शिवानी की जान गई थी। उसके शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले थे।बिस्तर की हालत और तकिए के कवर पर मिले धब्बे भी शक की पुष्टि करते थे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए थे।



रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत

जांच में अमितेष और उसकी बहन के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई। अभियोजन ने दावा किया कि इसमें साजिश के संकेत मिलते हैं। कॉल रिकॉर्ड और वॉइस सैंपल को कोर्ट ने अहम सबूत माना।



पड़ोसियों ने भी अदालत को बताया कि घटना के वक्त घर में सिर्फ पति-पत्नी मौजूद थे। जब शिवानी की मौत हुई तब अमितेष ने शोर मचाकर लोगों को बुलाया था।



कनाडिया पुलिस की भूमिका

घटना की सूचना मिलते ही कनाडिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। घर में मृत कोबरा देखकर पुलिस को पहले ही शक हुआ। थाना प्रभारी ने तुरंत जांच शुरूकरवाई।



पुलिस नेडॉक्टरों के बयान औरपरिस्थितिजन्य साक्ष्यों कोआधार बनाया।धीरे-धीरे मामले कीपरतें खुलती गईं।आखिरकार पुलिस नेअमितेष को गिरफ्तार करलिया।



साढ़े छह साल बाद फैसला

करीबसाढ़े छह साल की सुनवाई के बाद जिला कोर्ट नेफैसला सुनाया। बुधवार 24 जून 2026 को अमितेष कोहत्या का दोषी करार दिया गया। कोर्ट नेमाना कि उसने सुनियोजित साजिश रची थी।



हत्या के लिए उसे उम्रकैद की सजा मिली।कोबरा को मारने पर तीन साल की सजा और 25हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया। साक्ष्यमिटाने के मामले में दो साल की अलग सजादी गई।



वन्यजीव कानून भी लागू हुआ

इसकेस में एक दुर्लभ पहलू भी सामने आया।हत्या के लिए संरक्षित वन्यजीव कोबरा काइस्तेमाल हुआ। हत्या के आरोप में अमितेषपर IPC कीधाराएं लगीं। इसके साथ ही वन्यजीवसंरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 के तहतभी केस दर्ज हुआ।



कोर्ट ने कहा किसंरक्षित प्रजाति की हत्या और उसकाआपराधिक इस्तेमाल गंभीर अपराध है। पुलिसने अमितेष के पिता ओमप्रकाश और बहन ऋचाके खिलाफ भी केस दर्ज किया था।



केस से जुड़े सवाल अब भी बाकी

कोर्ट नेअमितेष को दोषी करार दे दिया है। लेकिनपिता और बहन को लेकर आरोप अभी जांच केदायरे में हैं। परिवार का कहना है किसाजिश में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।



आगे की सुनवाई और अपील में इन पहलुओं परस्पष्टता आ सकती है। फिलहाल शिवानी केपरिवार ने कोर्ट के फैसले का स्वागत कियाहै।



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