मुख्यमंत्री किसान मित्र योजना को कैबिनेट की मंजूरी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका का मानदेय बढ़ा, कई अहम फैसलों पर लगी मुहर

Vikram Jain | Sept 16, 2023, 24:00 IST
मुख्यमंत्री किसान मित्र योजना को कैबिनेट की मंजूरी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका का मानदेय बढ़ा, कई अहम फैसलों पर लगी मुहर
शिवराज कैबिनेट ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए किसान मित्र योजना शुरू होगी। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका का मानदेय बढ़ाया गया।

BHOPAL. भोपाल में शनिवार को हुई शिवराज कैबिनेट ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए किसान मित्र योजना को मंजूरी दी है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कृषक / कृषकों के समूह को स्थाई कृषि पंप कनेक्शन देने के लिए मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना को मंजूरी दी गई। योजना लागू होने की तिथि से 2 सालों तक प्रभावशील रहेगी। इसके साथ ही शिवराज कैबिनेट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को बड़ी सौगात देते हुए उनका मानदेय बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अतिथि विद्वानों और अतिथि शिक्षकों के मानदेय बढ़ाने समेत कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है।



मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना को मंजूरी



शिवराज सरकार ने किसान हित में फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत किसानों को 3 हार्सपावर या अधिक क्षमता के स्थाई पंप कनेक्शन के लिए वितरण कंपनी द्वारा अधिकतम 200 मीटर दूरी तक 11 KV लाइन का विस्तार एवं वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, लाइन विस्तार केबल के माध्यम से किया जाएगा। विद्युत अधोसंरचना विकास लागत की केबल की 50 प्रतिशत राशि का वहन संबंधित किसान/ कृषकों के समूह को करना होगा। शेष 40 प्रतिशत राशि का वहन राज्य शासन एवं 10 प्रतिशत राशि का वहन विद्युत वितरण कंपनी करेगी। पंप कनेक्शन के लिए स्थापित लाइन, ट्रांसफार्मर आदि का मेंटेनेंस भी वितरण कंपनी द्वारा किया जाएगा।



आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का बढ़ाया मानदेय



आंगनवाड़ी सहायिका के मासिक मानदेय की राशि 5 हजार 750 से बढ़ाकर 6 हजार 500 रूपए और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के मासिक मानदेय को 6 हजार 500 से बढ़ाकर 7 हजार 250 रूपए किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी कॉलेज में स्वीकृत प्राध्यापक/ सहायक प्राध्यापक/क्रीड़ी अधिकारी/ग्रंथपाल के रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों की मानदेय वृद्धि को मंजूरी दी गई। इस पर होने वाले 65 करोड़ रुपए के अतिरिक्त वित्तीय भार की भी स्वीकृति मिल गई है।



एकात्म धाम परियोजना के लिए 1535 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत



कैबिनेट ने ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना के तहत आचार्य शंकर संग्रहालय अद्वैत लोक और मांधाता पार्किंग के निर्माण के लिए राशि 1 हजार 535 करोड़ 79 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। EPC-1 के लिए प्रयुक्त FIDIC डाक्यूमेंट आधारित निविदा प्रपत्र को एकात्म धाम परियोजना के अन्य चरणों में परियोजना घटकानुसार परिवर्तन कर "Quality and Cost" आधार पर EPC मोड में निविदा आमंत्रित करने की अनुमति प्रदान की गई। आदि शंकराचार्य संग्रहालय "अद्वैत लोक" अंतर्गत निर्माण एवं संचालित की जाने वाली गतिविधियों यथा कला एवं प्रादर्शो का प्रदर्शन, डायरोमा, नौका विहार, श्रष्टि गैलरी, हाई स्क्रीन थिएटर, लाईट एवं साउंड शो इत्यादि के डिजाइन का कार्य पूर्ण होने के उपरांत इनका आयटम रेट अथवा अन्य प्रचलित मान्य पद्धति से निविदा आमंत्रित कर EPC-2 के अनुबंध में नोवेट (Novate) करने की अनुमति प्रदान की गई।



मुरैना में मेडिकल कॉलेज को मिली मंजूरी



मुरैना जिले में 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र की जनता को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध होने के साथ-साथ प्रदेश के छात्रों के लिये चिकित्सा क्षेत्र की 100 एमबीबीएस सीट की वृद्धि होगी।



ABPAS 3.0 पोर्टल की स्वीकृति



कैबिनेट बैठक में प्रदेश स्तर पर लागू ABPAS (ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम) परियोजना अंतर्गत एबीपीएएस पोर्टल के माध्यम से दी जा रही समस्त नागरिक सेवाओं और विभागीय कार्यों को डिजिटल माध्यम से रखे जाने एवं भविष्य के लिए आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार करने के उद्देश्य से एबीपीएएस 3.0 (वर्ष 2023- 2030) के लिए पोर्टल का विकास, क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए मंजूरी दी गई है। ABPAS 3.0 पोर्टल का विकास 1 साल में किया जाएगा और 06 साल तक इसका संचालन एवं संधारण किया जाएगा, परियोजना की कुल समयावधि 07 साल की होगी। इस निर्णय से नागरिकों को त्वरित एवं ऑनलाइन माध्यम से सेवायें प्राप्त होगी और विभागीय कार्यों को पारदर्शी एवं बेहतर प्रबंधन के साथ क्रियान्वित किया जा सकेगा।



मुरैना एनर्जी स्टोरेज हाइब्रिड परियोजना की स्वीकृति



प्रधानमंत्री द्वारा COP-26 में लिए गए संकल्प अनुसार वर्ष 2030 तक देश में नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढाकर 500 गीगावाट करना लक्षित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रदेश की सहभागिता के लिए सौर परियोजनाओं की क्षमता वृद्धि आवश्यक है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 3000 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित हैं। प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की सौर ऊर्जा पार्क योजना के अंतर्गत अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क मोड में स्वीकृत 1400 मेगावाट मुरैना एनर्जी स्टोरेज आधारित हाइब्रिड पार्क के लिए रम्स सौर पार्क परियोजना विकसित किये जाने के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।



ऊर्जा क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनने का टारगेट



मुरैना एनर्जी स्टोरेज आधारित हाइब्रिड परियोजना से मुरैना क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रगति के अतिरिक्त राज्य को कई प्रकार के लाभ होंगे। राज्य के RPO target को पूरा किया जा सकेगा। ऊर्जा क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। मुरैना हाइब्रिड परियोजना से राज्य की डिस्कॉम को विद्युत की आपूर्ति तापीय विद्युत परियोजनाओं के समकक्ष की जा सकेगी जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी के लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकेगा। परियोजना से उत्पादित 400MW RE RTC विद्युत् MPPMCL व्दारा क्रय की जाएगी। परियोजना विकास के लिए 'सोलर एनर्जी कार्पोरेशन ऑफ इंडिया एवं राज्य शासन की "मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम की संयुक्त कंपनी "रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड" (रम्स) को मंत्रिपरिषद द्वारा अधिकृत किया गया।



10 सीएम राईज स्कूल भवन निर्माण को भी मिली स्वीकृति



जनजातीय कार्य विभाग में सीएम राईज योजना के अंतर्गत 10 सीएम राईज स्कूल भवनों के निर्माण और अन्य कार्य के लिए 323 करोड़ 13 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई।



नीमच में बायोटेक्नॉलॉजी पार्क की स्थापना



कैबिनेट ने मध्यप्रदेश में जैव प्रौद्योगिकी उद्योगों के विकास के उद्देश्य से भारत सरकार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा संचालित National Biotechnology Parks Scheme के तहत प्रदेश में जैव विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान प्रयोगशालाओं, अकादमिक उत्कृष्टता केंद्र उ‌द्योग उन्मुख सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना कर संस्थागत मजबूती, क्षमता निर्माण और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाने एवं जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहित कर राज्य में युवा उद्यमियों के लिये रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश के जिला नीमच की तहसील जावद में बायोटेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया।




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