पांव-पांव यात्रा में शिवराज का दांव, जनाधार, विरासत और समीकरणों की नई पटकथा

Sourabh Bhatnagar | May 27, 2025, 09:22 IST
shivraj-padyatra-political-message-mp-news
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पांव-पांव पदयात्रा राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। यह यात्रा सिर्फ जनसंपर्क नहीं, बल्कि संगठन और सरकार को संदेश देने की रणनीति है।

मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक पदयात्रा बहुत कुछ कह रही है। यह कोई सामान्य यात्रा नहीं है। यह यात्रा कर रहे हैं शिवराज सिंह चौहान, वही शिवराज जो चार बार प्रदेश के मुखिया रहे। वही, शिवराज जो छह बार संसद पहुंचे। वही, शिवराज जिनकी पहचान गांव, गरीब और महिलाओं के मसीहा के रूप में है और वही शिवराज जिन्हें पार्टी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी से अलग कर दिल्ली बुला लिया। अब वे एक बार फिर मैदान में हैं। नर्मदा तट की धरती पर, पांव-पांव चलते हुए।



राजनीतिक पंडित उनकी इस पदयात्रा को भावुक जनसंपर्क अभियान से ज्यादा सियासी समीकरणों से भरी करार दे रहे हैं। यह तीन हिस्सों में बंटी हुई नजर आती है। अव्वल राजनीतिक समीकरण, दूसरा पारिवारिक उत्तराधिकार और तीसरा संगठन के भीतर असंतोष के संकेत। शिवराज की यह यात्रा धार्मिक, सामाजिक या प्रेरणादायक अभियान नहीं है, यह रणनीतिक संदेश है, जिसे सधे हुए लहजे में शिवराज ने व्यक्त किया है। वे एक बार फिर दोहरा रहे हैं कि 'टाइगर अभी जिंदा है..।'



SHAIVRAJ SINGH PADYATRA


पदयात्रा में भावनाएं भी, भविष्य की बुनियाद भी

एक यात्रा, तीन मैसेज

b262d921-0fe


शिवराज सिंह चौहान की इस यात्रा को देखकर राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे तीन स्पष्ट संदेशों में बांटकर देखा है।



1. संगठन, सरकार नजरअंदाज न करे

शिवराज यह बताने से नहीं चूके कि टाइगर अभी जिंदा है। इस बयान का इस्तेमाल उन्होंने मंच से किया। इसका सीधा सा अर्थ है कि वो आज भी जनाधार रखते हैं, संगठन और सरकार उन्हें नजरअंदाज न करे। ये शब्द सरकार और पार्टी नेतृत्व के लिए चेतावनी के रूप में देखे जा रहे हैं।



2. बेटा और बहू का करियर

3cfc33d1-145


पद यात्रा में परिवार को मंच पर प्रमुखता से लाना, उन्हें जनसेवा का ध्येय बताना, राजनीतिक उत्तराधिकार की पटकथा का पहला दृश्य लगता है। बेटे कार्तिकेय को पहले भी मंचों पर देखा गया, लेकिन बहू को पहली बार इतने केंद्रीय रूप में लाना यह दिखाता है कि शिवराज अब राजनीतिक उत्तराधिकार की बुनियाद रखने लगे हैं।



3. पार्टी संगठन से दूरी या असंतोष का संकेत

इस यात्रा के दौरान उल्लेखनीय बात यह रही कि न प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, न संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और न ही मुख्यमंत्री मोहन यादव इस पदयात्रा की शुरुआत में उपस्थित थे। क्या यह दर्शाता है कि संगठन इस यात्रा से सहमत नहीं या शिवराज ने यह यात्रा पूरी तरह व्यक्तिगत रूप से आयोजित की है? क्या यह संगठन की छाया से बाहर निकलकर अपनी सियासी जमीन दोबारा तैयार करने की कवायद है? ये कुछ अलसुलझे सवाल हैं।



प्रधानमंत्री के संकल्पों की बात

MP News: सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी से की मुलाकात, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर की चर्च


शिवराज ने इस पदयात्रा में एक और नई अवधारणा रखी करोड़पति दीदी। लाडली बहना योजना से आगे बढ़ते हुए अब वे कह रहे हैं कि वे स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को उद्योगपति बनाएंगे। उन्हें छोटे कारोबार से जोड़ने और फैक्ट्री का मालिक बनाने का सपना उन्होंने जनता के सामने रखा।


यह वही शिवराज हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए लाड़ली बहना योजना का मास्टर स्ट्रोक चला था। अब जब वे मुख्यमंत्री नहीं हैं, तब उनके पास योजनाएं भी हैं, सपने भी हैं और मंच भी। यही शिवराज की खासियत रही है, वह सपने देखते हैं, सपने बेचते हैं और फिर जनता को उनसे जोड़ देते हैं।



बुदनी से नहीं मिला टिकट

SHAIVRAJ SINGH PADYATRA


चार चुनावों में अहम भूमिका में कार्तिकेय

MP News: शिवराज के बेट कार्तिकेय लड़ेगे चुनाव


गौरतलब है कि कार्तिकेय 2013 से शिवराज के नक्शे कदम पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने 2013 से बुदनी चुनाव अभियान की कमान संभाली थी। फिर 2018 में भी यह भूमिका निभाई। 2023 के चुनाव में कार्तिकेय सीधे तौर पर मंचों पर नजर आने लगे थे। शिवराज के पक्ष में कई सभाएं की। उनके विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय रहे थे। बैठक लेकर अपनी टीम खड़ी की थी। फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में भी एक्टिव रहे थे। शिवराज की पूरी सोशल मीडिया टीम को कार्तिकेय ही मैनेज करते हैं।



कार्तिकेय की शादी की भव्यता

Karthikeya Amanat Wedding Photos: Kartikeya Chauhan And Amanat Bansal Wedding Pics Vip Guests Atten


कार्तिकेय से पहले शिवराज ने छोटे बेटे कुणाल की शादी की थी। अपेक्षाकृत रूप से कुणाल के मुकाबले कार्तिकेय की शादी ज्यादा भव्य तरीके से हुई। राजस्थान में ​डेस्टिनेशन वेडिंग हुई। दिल्ली में रिसेप्शन हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई दिग्गज नेता, कारोबारी जगत के बड़े लोग, धर्मगुरु और अभिनेता पहुंचे थे।



सियासी पंडित कहते हैं कि शिवराज के हर काम के पीछे एक रणनीति छिपी हुई होती है। अब जब वे पदयात्रा कर रहे हैं तो बहू और बेटे को जनता से सीधे रु-ब-रू करा रहे हैं। अमानत ग्रामीणों के साथ स्थानीय गीतों पर थिरकती नजर आ रही हैं। शिवराज के समर्थक और विरोधी इसे सामान्य बात न मानते हुए किसी रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।



NOTE - अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



एमपी लाड़ली बहना योजना | बीजेपी की लाड़ली बहना योजना | एपी विधानसभा चुनाव 2023 | एमपी बीजेपी चीफ वीडी शर्मा | प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा | कार्तिकेय चौहान | Ladli Behna Yojna



Tags:
  • MP News
  • शिवराज सिंह चौहान
  • SHIVRAJ SINGH CHOUHAN
  • मध्य प्रदेश
  • बीजेपी की लाड़ली बहना योजना
  • एमपी बीजेपी चीफ वीडी शर्मा
  • एमपी लाड़ली बहना योजना
  • एपी विधानसभा चुनाव 2023
  • Ladli Behna Yojna
  • प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा
  • कार्तिकेय चौहान
  • पदयात्रा