श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला: तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने एक ही खाते में 22 बार भेजी राशि
News in Short
- 2021 में श्योपुर जिले में बाढ़ राहत वितरण में 2.57 करोड़ का घोटाला हुआ।
- तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का नाम सामने आया।
- राहत राशि अपात्रों के खातों में ट्रांसफर की गई।
- कुछ खातों में 22 बार राशि ट्रांसफर की गई।
- अमिता सिंह तोमर की जमानत पर 31 मार्च को सुनवाई होगी।
News in Detail
श्योपुर जिले के बड़ौदा तहसील में 2021 में आई बाढ़ के बाद राहत राशि वितरण में 2.57 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। इस घोटाले में श्योपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का नाम सामने आया है। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि अमिता सिंह तोमर ने बाढ़ राहत राशि 87 लोगों के 127 खातों में ट्रांसफर की थी। इनमें से कई खातों में अपात्रों को राशि दी गई। कुछ खातों में राशि बार-बार ट्रांसफर की गई, जिससे तहसीलदार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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अपात्रों के खातों में भेजी गई राहत राशि
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि बाढ़ राहत राशि कई ऐसे खातों में ट्रांसफर की गई, जो पात्रों की सूची में नहीं थे। कुछ खातों का संबंधित तहसील से कोई संबंध नहीं था। इससे यह साफ होता है कि बाढ़ राहत राशि का गलत तरीके से वितरण हुआ है। कई बाहरी लोगों के खातों में भी बाढ़ राहत राशि ट्रांसफर की गई।
एक ही खाते में ट्रांसफर हुई राशि
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कुछ खातों में बाढ़ राहत राशि बार-बार डाली गई। पुलिस को एक खाता मिला जिसमें बाढ़ राहत राशि 22 बार ट्रांसफर की गई थी। ऐसे कई और खाते मिले हैं जिनमें बार-बार राशि भेजी गई है। इससे तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इस घोटाले में अब उनके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की संभावना है।
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क्या है बाढ़ राहत घोटाला ?
2021 में श्योपुर जिले के बड़ौदा तहसील में आई बाढ़ के बाद बाढ़ राहत की राशि का वितरण किया गया था। इस राशि में 2.57 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ, जिसमें तहसीलदार अमिता सिंह तोमर समेत 100 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू कर दी। घोटाले की जांच में और कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
एक परिवार को 11 लाख रुपए दिए गए
इस घोटाले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि एक परिवार के सभी चार सदस्यों को बाढ़ राहत की राशि दी गई। इस परिवार के खातों में कुल 11 लाख रुपए डाले गए। यह राशि उन लोगों को दी गई, जो बाढ़ प्रभावित नहीं थे और किसी भी सूची में उनका नाम नहीं था। यह अनियमितता घोटाले का बड़ा हिस्सा बन गई है।
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31 मार्च को होगी सुनवाई
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर फिलहाल जेल में हैं और जमानत के लिए बेचैन हैं। उन्होंने श्योपुर कोर्ट में अपनी जमानत अर्जी लगाई है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 31 मार्च को होगी। कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी की मांग की है। यह तारीख तहसीलदार के लिए काफी अहम है, क्योंकि इसके बाद ही उनके भविष्य का फैसला हो सकता है।
2011 के केबीसी से सेलिब्रिटी बन गईं थीं तहसीलदार
अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन (Season 5) में शामिल हुई थीं। उन्होंने अपनी शानदार बुद्धिमत्ता और ज्ञान का प्रदर्शन करते हुए इस गेम शो में ₹50 लाख की बड़ी इनामी राशि जीती थी।
अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठकर उन्होंने जिस तरह से 14 कठिन सवालों के जवाब दिए थे, उसने उन्हें रातों-रात पूरे देश और खासकर मध्य प्रदेश में एक सेलिब्रिटी बना दिया था। उस समय उनकी सादगी और एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर उपलब्धियों की काफी सराहना हुई थी। लेकिन अब घोटालों में नाम आने व गिरफ्तारी से तहसीलदार फिर एकबार चर्चा में है।