बीमार गाय के दूध से बना मट्ठा पीते ही 92 लोग पहुंचे अस्पताल, लगे रेबीज के इंजेक्शन

Sandeep Kumar | May 06, 2026, 22:36 IST
sick-cow-milk
छिंदवाड़ा जिले में कुत्ते के काटने के बाद एक बीमार गाय का दूध से बना मट्ठा बारात में परोसा गया। 90 से अधिक लोगों को रेबीज के इंजेक्शन दिए गए।

News in Short

  • छिंदवाड़ा के भैंसादंड गांव में बीमार गाय का दूध बारात में मट्ठे के रूप में परोसा गया।
  • गाय को कुत्ते ने काटा था और उसकी हालत बिगड़ने के बावजूद दूध निकाला गया।
  • स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 90 से अधिक लोगों को रेबीज के इंजेक्शन दिए।
  • विभाग ने घर-घर जाकर मट्ठा पीने वालों को चिन्हित किया और इलाज सुनिश्चित किया।
  • इस घटना ने पशु स्वास्थ्य सुरक्षा और लापरवाही से होने वाले खतरों पर गंभीर सवाल उठाए।

News in Detail

छिंदवाड़ा जिले के भैंसादंड गांव में एक गंभीर घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। बारात में परोसा गया मट्ठा एक बीमार गाय के दूध से तैयार किया गया था, जिसे कुछ दिन पहले कुत्ते ने काट लिया था। गाय की हालत बिगड़ने के बाद भी दूध निकाला गया और मट्ठा तैयार कर मेहमानों को परोसा गया। जैसे ही गांव में यह जानकारी फैली, स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और 90 से अधिक लोगों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए। इस घटना ने स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।



स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई

जैसे ही मट्ठा पीने के बाद यह जानकारी फैल गई, स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से काम किया। उप स्वास्थ्य केंद्र भैंसादंड में विशेष शिविर आयोजित किया गया और मट्ठा पीने वाले लोगों की पहचान की गई। उन्हें एहतियातन रेबीज के इंजेक्शन दिए गए। अब तक 90 से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त वैक्सीन मंगवाए हैं, ताकि किसी भी व्यक्ति को उपचार से वंचित न रखा जाए।



स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने गांव में घर-घर जाकर मट्ठा पीने वालों को चिन्हित किया। इसके अलावा, स्थानीय निवासियों की मदद से लोगों तक सूचना पहुंचाई जा रही है। हालांकि, सूचना का प्रसार करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सभी प्रभावित व्यक्तियों को स्वास्थ्य केंद्र बुलाया जा रहा है ताकि किसी को भी इलाज से वंचित न रखा जाए।



लापरवाही पर उठे सवाल

यह घटना गंभीर लापरवाही का उदाहरण है। बीमार गाय के दूध का उपयोग और उसे सार्वजनिक रूप से परोसना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। पशु के काटने और बीमार होने की स्थिति में दूध का उपयोग न करने के निर्देश होने के बावजूद इस घटना को अंजाम दिया गया। यह घटना पशु स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है और बताती है कि स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही से कितने बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं।



स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जो लोग मट्ठा का सेवन कर चुके हैं, वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करवाएं और आवश्यक उपचार कराएं। साथ ही, उन्होंने यह भी सलाह दी कि अगर कोई भी पशु काटे या बीमार हो, तो तुरंत पशु चिकित्सक से इलाज कराएं और उसके दूध का उपयोग न करें।



ये खबरें भी पढ़ें...

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान मौसम अपडेट: कहीं गिरेंगे ओले, कहीं चलेगी लू



हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद, भोपाल गैस पीड़ितों को नहीं मिला साफ पानी



एमपी के शिक्षकों को पे-प्रोटेक्शन की बड़ी राहत: तीन साल की प्रोबेशन अवधि पूरी करने वाले शिक्षकों को मिलेगा पूरा वेतन



एमपी में मेगा प्रोजेक्ट पर करोड़ों की बर्बादी, नहरें सूखी, घरों तक नहीं पहुंचा नल से जल



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • छिंदवाड़ा
  • स्वास्थ्य विभाग
  • रेबीज
  • रेबीज के इंजेक्शन