कोर्ट पार्किंग में सरकारी वकील ले रहे थे रिश्वत, लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

Jitendra Shrivastava | Jul 13, 2026, 16:40 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. सीधी में लोकायुक्त रीवा ने जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी 20 हजार रुपए मांग रहे थे। कोर्ट परिसर के सामने कार्रवाई हुई।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सीधी में अभियोजन अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाए।
  • कोर्ट परिसर में लोकायुक्त ने की बड़ी कार्रवाई, जानें पूरा मामला।
  • 10 हजार की रिश्वत लेते अफसर गिरफ्तार, वीडियो में हुआ कैद।
  • शिकायत के बाद बिछाया गया जाल, अफसर फंसा रिश्वत लेते।
  • सीधी कोर्ट के बाहर पार्किंग में हुई अफसर की गिरफ्तारी।

सीधी में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी अधिकारी 20 हजार रुपए रिश्वत मांग रहे थे।



जिला न्यायालय परिसर के सामने पार्किंग में ट्रैप लगाया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।



क्या है पूरी शिकायत

ग्राम टेकर, थाना मझौली के रहने वाले पंकज कुमार तिवारी ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 9 जुलाई 2026 को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की। शिकायत में बताया गया कि उनके एक प्रकरण में अभिमत देने के बदले जिला अभियोजन अधिकारी ( सरकारी वकील) रावत रिश्वत मांग रहे थे। मांग 20 हजार रुपए की बताई गई थी।



शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी अधिकारी ने पहले ही 8 हजार रुपए ले लिए थे। इसके बाद 10 हजार रुपए और मांगे गए। शिकायत की पुष्टि होने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की पूरी योजना बनाई।



कैसे हुई गिरफ्तारी

13 जुलाई 2026 को टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में टीम बनाई गई थी। उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने इस टीम का नेतृत्व किया।



टीम ने जिला न्यायालय परिसर सीधी के सामने पार्किंग क्षेत्र में कार्रवाई की। आरोपी अधिकारी राजकुमार रावत को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तारकर लिया।



आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है। यह धारा वर्ष 2018 में संशोधित की गई थी। लोकायुक्त टीम अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई

शिकायतकर्ता पंकज कुमार तिवारी पहले भी रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने थाना मझौली में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। जानकारी देने के बदले सहायक उप निरीक्षक कमलेश त्रिपाठी ने उनसे 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी।



30 अगस्त 2025 को लोकायुक्त की कार्रवाई में कमलेश त्रिपाठी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया था। उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। यह जांच अभी भी जारी बताई जा रही है। दो साल के भीतर एक ही शिकायतकर्ता की वजह से दो अलग अफसर रिश्वत लेते पकड़े गए हैं।



लोकायुक्त ने की अपील

लोकायुक्त संगठन ने आम लोगों से अपील की है। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। रीवा और शहडोल संभाग के लोग सीधे लोकायुक्त पुलिस रीवा से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर 98936 07619 जारी किया गया है। यह अपील भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के मकसद से की गई है।



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