पटवारी ने बुजुर्ग को बनाई अपनी सवारी, कंधे पर चढ़ नाला किया पार
समझें क्या है पूरा मामला...
- सीधी जिले के ग्राम पंचायत माटा में एक अजीब मामला सामने आया है।
- यहां पटवारी नीलेश नामदेव नाला पार करने के लिए बुजुर्ग की पीठ पर चढ़ गया।
- यह घटना बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के दौरान हुई।
- बुजुर्ग ने पटवारी को दो बार अपने कंधे पर बैठाकर नाला पार कराया।
- मामले की शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर से की है।
जूतों की खातिर बुजुर्ग का सहारा
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद हुए नुकसान का जायजा लेने राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची थी। इसी दौरान हल्का पटवारी नीलेश नामदेव को एक छोटा बरसाती नाला पार करना था।
नाला पार करने का पटवारी साहब का तरीका अब चर्चा का विषय बन गया है। सामने आए वीडियो में एक बुजुर्ग ग्रामीण पटवारी को अपने कंधों पर बैठाकर नाला पार करा रहा है। पटवारी खुद चलकर नाला पार करने के बजाय बुजुर्ग के कंधों का सहारा लेते नजर आए।
दो बार उठाया पटवारी का बोझ
ग्रामीणों के अनुसार नाला इतना गहरा या खतरनाक नहीं था कि उसे पार करने के लिए इस तरह की मदद जरूरी हो। खास बात यह है कि पटवारी साहब को बुजुर्ग ने केवल एक बार नहीं, बल्कि दो बार कंधे पर बैठाकर नाला पार कराया।
वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि नुकसान का निरीक्षण करने पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी आखिर इस तरह मौका देखने कैसे गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी को नाले का पानी अपने जूतों पर पड़ने का डर था। इसी वजह से उन्होंने बुजुर्ग ग्रामीण को अपना सहारा बना लिया।
गांव में नाराजगी
गांववालों ने बताया कि यह पटवारी की गरिमा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि बुजुर्ग के सम्मान का सवाल है। ग्रामीणों ने कहा कि किसी बुजुर्ग के साथ इस तरह का व्यवहार पूरे गांव का अपमान है। इस घटना के बाद गांव में लोगों में गुस्सा साफ देखा जा सकता है।
कलेक्टर से शिकायत दर्ज
अब ग्रामीणों ने हल्का पटवारी नीलेश नामदेव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई और जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी अपने हल्के में मनमानी करते हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि राजस्व संबंधी कामों के लिए रिश्वत मांगी जाती है।
पटवारी की तरफ से चुप्पी
पटवारी की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इससे यह साफ नहीं हो पाया है कि उन्होंने किस वजह से बुजुर्ग के कंधे का सहारा लिया। दूसरी तरफ रिश्वत और मनमानी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले में तस्वीर प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी।
सोशल मीडिया पर चर्चा
फिलहाल पटवारी के कंधे पर सवार होकर नाला पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यह मामला अब प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस वीडियो और शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी न्यूज: पुलिस की फिटनेस का खुली पोल, 62% जवान 1 घंटे में 10 किमी भी नहीं दौड़ पाए
जनपद-पंचायतों के पास 1200 करोड़ का हिसाब नहीं! काम हुआ या नहीं इसका भी रिकॉर्ड नहीं
मध्यप्रदेश न्यूज: शिक्षा का बजट 36 हजार करोड़ के पार, फिर भी स्कूल बंदी में एमपी सबसे आगे
MP में एक पते से बने 20 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट, पहचान छिपाने बौद्ध धर्म का लिया सहारा