उज्जैन में बनेगा स्थाई सिंहस्थ कार्यालय, आज मोहन कैबिनेट से मिल सकती है मंजूरी

Amresh Kushwaha | Jun 23, 2026, 08:00 IST
मोहन कैबिनेट
मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में आज उज्जैन में स्थाई सिंहस्थ मेला कार्यालय खोलने का प्रस्ताव रखा जाएगा। साथ ही 24 लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज देने की योजना आगे बढ़ाई जा सकती है।

साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ (कुंभ) मेला होने वाला है। इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश सरकार उज्जैन में एक स्थाई सिंहस्थ मेला कार्यालय खोलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी 23 जून होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।



यह कार्यालय सिर्फ एक मेले के लिए नहीं होगा। हर 12 साल में एक बार सिंहस्थ और हर छह साल में अर्धकुंभ होता है। यह दफ्तर दोनों आयोजनों की तैयारी और प्रबंधन संभालेगा। इसके लिए बाकी औपचारिकताएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं।



किसानों को बड़ी राहत जारी रहने का प्रस्ताव

कैबिनेट की इसी बैठक में एक और जरूरी प्रस्ताव रखा जा सकता है। प्रदेश में करीब एक करोड़ किसान हैं। इनमें से 24 लाख किसान राज्य की सहकारी बैंकों में खाताधारक हैं। ये किसान किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर लोन लेते हैं।



नियम यह है कि यदि किसान एक साल के भीतर कर्ज चुका दे तो उसे कोई ब्याज नहीं देना होता। इस ब्याज का बोझ राज्य सरकार अपने खजाने से उठाती है। अब सरकार इस योजना को आगे भी जारी रखने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में ला सकती है। इसके अलावा करीब 10 अन्य विषयों पर भी कैबिनेट में चर्चा होनी है।



भोपाल बायपास को हरी झंडी

भोपाल के लिए एक बड़ी सौगात भी इसी कैबिनेट बैठक में आने वाली है। भोपाल वेस्टर्न बायपास को राज्य स्तरीय साधिकार समिति यानी एसएलईसी (State Level Empowered Committee) पहले ही मंजूरी दे चुकी है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में यह मंजूरी मिली थी। अब इसे कैबिनेट की अंतिम मुहर का इंतजार है। इस प्रस्थाव को भी मोहन कैबिनेट में लाया जा सकता है।



पहले इस फोरलेन बायपास की लंबाई 41 किमी प्रस्तावित थी। अब इसे घटाकर 35.61 किमी कर दिया गया है। यह नया रास्ता भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर मंडीदीप के पास से शुरू होगा। फिर कोलार और रातीबड़ होते हुए इंदौर मार्ग पर फंदा कला के पास जाकर मिलेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 2900 करोड़ रुपए खर्च होंगे।



कैसे बनेगा यह बायपास?

यह बायपास दस लेन के ढांचे पर तैयार किया जाएगा। इसमें से छह लेन के स्ट्रक्चर (structure) पर चार लेन की मुख्य सड़क बनेगी। दोनों तरफ दो-दो लेन की सर्विस रोड भी होगी। इस पर एक रेलवे ओवर ब्रिज (Railway Over Bridge), दो फ्लाईओवर, 15 अंडरपास और दो बड़े जंक्शन बनाए जाएंगे।



प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्यूटी मोड (Hybrid Annuity Mode) पर बनाया जाएगा। इस मॉडल में प्रोजेक्ट की कुल लागत का 40 फीसदी हिस्सा पांच किश्तों में दिया जाएगा। बाकी 60 फीसदी राशि सड़क बनने के बाद अगले 15 सालों तक चुकाई जाएगी।



समय और दूरी दोनों बचेंगे

इस बायपास का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जबलपुर और नर्मदापुरम से आने वाले वाहनों को अब भोपाल शहर के बीच से नहीं गुजरना होगा। वे सीधे इंदौर रोड पर निकल सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक अभी जो सफर डेढ़ घंटे में पूरा होता है, वह 45 मिनट से भी कम में हो जाएगा।



दूरी भी करीब 23 से 25 किमी कम हो जाएगी। भोपाल के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र और इंदौर के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। व्यापार और आवाजाही दोनों के लिए यह बड़ा बदलाव होगा।



बायपास का रूट क्या है?

औबेदुल्लागंज से आते हुए मंडीदीप से ठीक पहले यह बायपास शुरू होगा। कोलार रोड के गोल जंक्शन से निकलकर यह पहाड़ी इलाके और जंगल की जमीन से होकर गुजरेगा। फिर रातीबड़ रोड को करीब चार किमी आगे जाकर क्रॉस करेगा। अंत में जैन मंदिर-खजूरी और फंदा के सेंटर प्वाइंट पर इंदौर रोड से जुड़ जाएगा।



MP News: मोहन कैबिनेट की ये खबरें भी पढ़िए...

मोहन कैबिनेट से 48 लाख परिवारों को मिला बड़ा तोहफा, मुफ्त होगी संपत्तियों की रजिस्ट्री



मोहन कैबिनेट से किसानों को मिली राहत भरी सौगात, 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मिली मंजूरी



मोहन कैबिनेट ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, SC छात्रों को मिलेंगे 10 हजार रुपए, FTRI को मंजूरी



मोहन कैबिनेट बैठक: सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज, किसानों और जल अभियान पर फोकस



Tags:
  • मोहन कैबिनेट
  • Kisan Credit Card
  • किसान क्रेडिट कार्ड
  • सिंहस्थ
  • भोपाल वेस्टर्न बायपास
  • मुख्य सचिव अनुराग जैन