सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में प्रॉपर्टी रेट्स में 100 से प्रतिशत अधिक बढ़ोतरी!
News in Short
- उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए 13 हजार करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर काम कर रहा है।
- रियल एस्टेट में गाइडलाइन दरों में 17.18% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया।
- शहरी क्षेत्रों में 12.96% और ग्रामीण क्षेत्रों में 21.38% की दरों में वृद्धि प्रस्तावित है।
- 33 लोकेशन्स पर 100% से अधिक बढ़ोतरी की योजना है।
- सिंहस्थ 2028 के लिए 52 नई सड़कें, 19 नए पुल और आरओबी का निर्माण किया जा रहा है।
News in Detail
उज्जैन 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही शहर में रियल एस्टेट में बड़े बदलाव हो रहे हैं। 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की योजना है। नए सड़कों, पुलों, मेडिकल कॉलेज और आईटी पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। जिला प्रशासन ने प्रॉपर्टी गाइडलाइन दरों में 17.18 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। यह वृद्धि उज्जैन के बदलते भूगोल और बढ़ती मांग का संकेत है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक में नई दरों पर चर्चा की गई।
बैठक में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और सभी तहसीलों के राजस्व अधिकारी शामिल थे। जिले की 4353 लोकेशनों में से 3229 स्थानों पर दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया। इसमें शहरी क्षेत्र की 1665 और ग्रामीण क्षेत्र की 1564 लोकेशन्स शामिल हैं।
प्रस्तावित वृद्धि के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 12.96 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 21.38 प्रतिशत बढ़ोतरी की जा रही है। यह दर्शाता है कि शहर, ग्रामीण और परिधीय क्षेत्रों में जमीन की मांग बढ़ रही है। तहसीलवार विश्लेषण के अनुसार उज्जैन में 1189, तराना में 507, खाचरौद में 356, महिदपुर में 346, बडनगर में 321, नागदा में 310 और घट्टिया में 200 लोकेशन्स पर दरों में इजाफा प्रस्तावित है।
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100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का प्रस्ताव
उज्जैन जिले में 33 लोकेशन पर 100 प्रतिशत या उससे अधिक वृद्धि का प्रस्ताव है। इसमें रत्नाखेड़ी, दताना, मंगरोला, लिम्बापिपलिया, तिरुपति ग्रांड कालोनी और नागदा का जवाहर मार्ग शामिल हैं। शहर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे महाकाल मार्ग, दशहरा मैदान, वजीर पार्क, दवा बाजार और ग्रैंड रतन एवेन्यू में भी दरों में वृद्धि प्रस्तावित है।
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19 नए पुल व आरओबी शामिल
40 नई कॉलोनियों को गाइडलाइन में शामिल किया गया है। इनमें उज्जैन तहसील की 29 कॉलोनियां प्रमुख हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की दरों में भी बढ़ोतरी हो रही है। कई स्थानों पर 50 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में 13 हजार 534 करोड़ रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें 276 किमी लंबी 52 सड़कों का चौड़ीकरण, 304 किमी लंबी 26 नई सड़कों का निर्माण और 19 नए पुल व आरओबी शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से शहर का विस्तार और कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। इससे रियल एस्टेट बाजार में उछाल देखा जा रहा है। प्रशासन ने गाइडलाइन की अंतिम दरों पर सुझाव और आपत्तियां 22 मार्च तक आमंत्रित की हैं। इसके बाद अंतिम प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा जाएगा।
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घर खरीदना महंगा
गाइडलाइन दरों में वृद्धि से जमीन मालिकों और निवेशकों को लाभ होता है। शहर की आर्थिक गतिविधियां भी तेज होती हैं। लेकिन घर खरीदना आम नागरिकों के लिए महंगा हो जाता है। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री खर्च बढ़ने से मध्यम वर्ग पर दबाव बढ़ता है। नए खरीदारों की पहुंच सीमित होती है।