सिंगरौली अस्पताल में सुरक्षा गार्ड ने लगाए मरीजों को इंजेक्शन, डॉक्टर-नर्स गायब!
पांच पाइंट में समझें पूरा मामला
- सिंगरौली CHC में डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर नहीं थे।
- वीडियो में गार्ड मरीजों को इंजेक्शन और ग्लूकोज ड्रिप लगाते नजर आया।
- कारण पूछने पर गार्ड ने कहा, “जो कर सकते हो कर लो, हटवा दो मुझे।”
- स्थानीय निवासियों और मरीजों ने डॉक्टर की अनुपस्थिति पर चिंता जताई।
- CMHO पुष्पराज सिंह ने जांच के निर्देश दिए, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
सिक्योरिटी गार्ड ने लगाए इंजेक्शन
सिंगरौली जिले के चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में हाल ही में एक अजीब घटना सामने आई। दोपहर लगभग 2 बजे, अस्पताल में मरीजों की भीड़ थी, लेकिन डॉक्टर और नर्स अपनी ड्यूटी पर नहीं थे। इसी दौरान, अस्पताल का सिक्योरिटी गार्ड मरीजों को इंजेक्शन लगाने और ग्लूकोज ड्रिप चढ़ाने लगा।
वीडियो बनाने वाले राकेश मौर्य ने बताया कि उन्होंने गार्ड को मरीजों को इलाज करते देखा। जब उन्होंने आपत्ति जताई, गार्ड ने कहा, "जो कर सकते हो कर लो, हटवा दो मुझे।"
यह पहली बार नहीं है जब CHC में डॉक्टर या नर्स अनुपस्थित रहे। इससे पहले भी वार्ड बॉय और अन्य गैर-चिकित्सक स्टाफ द्वारा मरीजों को इलाज करते कई वीडियो सामने आ चुके हैं।
मरीज और ग्रामीणों की चिंता
स्थानीय निवासी आलोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर और नर्स अक्सर समय पर नहीं आते। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि प्रशिक्षित कर्मियों की जगह अन्य कर्मचारी इलाज कर रहे हैं। इससे मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह का विधानसभा क्षेत्र अस्पताल के पास ही है, लेकिन यहां स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार कमी देखने को मिल रही है।
CMHO ने जांच के निर्देश दिए
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पुष्पराज सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। वीडियो की सत्यता, समय और संदर्भ का पता लगाया जाएगा।
CMHO ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह देखना जरूरी है कि वीडियो में दिखाया गया व्यक्ति किस जिम्मेदारी पर तैनात था और किन परिस्थितियों में उसने मरीजों का इलाज किया।
अस्पतालों में ऐसी घटनाओं की रोकथाम
- अस्पताल में समय पर डॉक्टर और नर्स की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
- सुरक्षा गार्ड या गैर-चिकित्सक कर्मचारियों को मरीजों के उपचार से रोकना अनिवार्य है।
- सख्त प्रशासनिक नियम लागू करके मरीजों की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।
- वायरल वीडियो और शिकायतों की जांच से स्वास्थ्य सेवा में सुधार किया जा सकता है।
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