सिर्फ 1 वोट से जीते TVK नेता श्रीनिवास सेतुपति, मंत्री और चार बार के विधायक को हराया
सोमवार 04 मई को देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आ गए हैं। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सभी को चौंकाते हुए 108 सीटों पर जीत हासिल की है।
हालांकि टीवीके को पूर्ण बहुमत नहीं मिला लेकिन कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों का समर्थन मिलने के बाद विजय का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
इस चुनाव में कई ऐसी बातें देखने को मिलीं हैं जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की हो। इनमें से सबसे चर्चित किस्सा टीवीके नेता श्रीनिवास सेतुपति की जीत का अंतर है।
सिर्फ एक वोट से मिली बड़ी जीत
श्रीनिवास सेतुपति ने तिरुपत्तूर सीट से चुनाव लड़ते हुए डीएमके के मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को हराया है। पेरियाकरुप्पन 2006 से तिरुपत्तूर इलाके से विधायक थे और लगातार चार बार चुनाव जीत चुके थे।
इस बार सेतुपति ने पहले ही चुनाव में पेरियाकरुप्पन के जीत के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इस जीत की सबसे खास बात जीत का अंतर है क्योंकि सेतुपति ने सिर्फ एक वोट से पेरियाकरुप्पन को हराया।
तमिलनाडु चुनाव में हारे सीएम एमके स्टालिन
तमिलनाडु चुनाव में वर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को भी हार का सामना करना पड़ा है। कोलाथुर सीट से टीवीके के वीएस बाबू ने उन्हें 8 हजार 795 वोटों से हराया है।
चुनाव के नतीजे आने के बाद स्टालिन ने अपनी हार को स्वीकार किया है। वहीं बाबू ने कहा कि वह हमेशा ईमानदारी बनाए रखेंगे और कभी भी भ्रष्ट आचरण में लिप्त नहीं होंगे।
एमपी के राज्यसभा सांसद को दक्षिण में मिली हार
वहीं विधानसभा चुनाव 2026 में मध्य प्रदेश के लिए एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। मध्य प्रदेश से दो राज्यसभा सांसद को दक्षिण भारत के चुनावी मैदान में हार का मुंह देखना पड़ा है। ये दोनों नेता अपनी-अपनी सीटों पर अपनी साख नहीं बचा पाए।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद को मिली हार
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को भाजपा ने केरल की कांजीरापल्ली सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। इस ईसाई बहुल इलाके में कुरियन से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वो मुकाबले से पूरी तरह बाहर होते नजर आए। वो तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें 26 हजार 984 वोट ही मिले।
केरल में LDFऔर UDF के बीच हुए सीधे मुकाबले में भाजपा के बड़े नेता जॉर्ज कुरियन अपनी जमीन नहीं बना सके।
जॉर्ज कुरियन को 29 हजार वोट से मिली हार
विजेता रोनी के. बेबी (कांग्रेस) को 56 हजार 646 वोट मिले हैं। वहीं दूसरे नंबर पर: डॉ. एन. जयराज (केरल कांग्रेस-एम) को 50 हजार 874 वोट मिले हैं।
इसके बाद तीसरे नंबर पर केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन (BJP) रहे जिन्हें 26 हजार 984 वोट मिले। जॉर्ज कुरियन को विजेता से 29 हजार 662 वोटों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
मंत्री एल. मुरुगन को मिली हार
मध्य प्रदेश से सांसद और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन तमिलनाडु की अविनाशी (SC) सीट से चुनाव लड़ रहे थे। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते उनके लिए यह चुनाव बहुत अहम था, क्योंकि यह उनकी साख का सवाल था।
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगनने चुनाव तो लड़ा लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। वो चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे। उन्हें 56 हजार 200 से ज्यादा वोट मिले, लेकिन विपक्षी उम्मीदवार ने उन्हें बड़े अंतर से हरा दिया।
तमिलनाडु में क्षेत्रीय अस्मिता और डीएमके (DMK) गठबंधन की लहर के आगे मुरुगन का दिल्ली कार्ड काम नहीं आया।
बता दें कि अविनाशी सीट पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक रोड शो किया था। इसमें सीएम ने डॉ. एल. मुरुगन के लिए समर्थन मांगा था।
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