सरकारी विभागों की फिजूलखर्ची पर सख्त एक्शन: लैपटॉप-कंप्यूटर की मनमानी खरीद पर लगी रोक
शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...
- राज्य सरकार ने कंप्यूटर और लैपटॉप की मनमानी खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
- अब कोई भी सरकारी विभाग साल में एक करोड़ से ज्यादा के कंप्यूटर नहीं खरीदेगा।
- बड़े प्रोजेक्ट के लिए सीनियर सेक्रेटरी की कमेटी से मंजूरी लेना अब जरूरी होगा।
- पहले अधिकारी बजट को छोटे हिस्सों में बांटकर बिना अनुमति सामान खरीद लेते थे।
- नए नियमों से सरकारी पैसों का दुरुपयोग रुकेगा और खरीद में पारदर्शिता आएगी।
सरकारी कंप्यूटर खरीद के नए नियम
राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों में होने वाले खर्चों को लेकर एक बहुत ही बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी विभागों में कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे महंगे आईटी सामान की मनमानी खरीद पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
पहले के समय में अलग-अलग सरकारी विभाग और उनके विभागाध्यक्ष बिना किसी तय सीमा या लिमिट के करोड़ों रुपए इन सामानों को खरीदने में खर्च कर रहे थे। अब ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।
वित्त विभाग ने सरकारी पैसों की इस बर्बादी को रोकने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों के आने के बाद अब कोई भी सरकारी विभाग साल भर में एक करोड़ रुपए से ज्यादा के कंप्यूटर, लैपटॉप या प्रिंटर नहीं खरीद पाएगा। सरकार के इस कदम से फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी और सरकारी पैसों का सही जगह इस्तेमाल हो सकेगा।
कारण बताने के बाद 20 करोड़ तक की मंजूरी
वहीं यदि नया प्रोजेक्ट शुरू हो या कोई नया विभाग बने और उपकरण लेने जरूरी हों, तो उसका कारण बताने के बाद सीनियर सेक्रेटरी की कमेटी 20 करोड़ रुपए तक की खरीद की मंजूरी देगी। यह कमेटी पहले सब कुछ जांच कर जरूरत और उपयोगिता देखकर ही हरी झंडी देगी।
खरीद में खेल चल रहा था
अभी तक कंप्यूटर और लैपटॉप की खरीद में बड़ा खेल चल रहा था। कई बड़े विभागों में यह तरीका बन गया था कि 20 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा के बड़े प्रोजेक्ट का पैसा सीधे एक साथ खर्च न किया जाए। इसके बजाय इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर खरीदारी की जाती थी।
नया नियम क्या कहता है
वित्त विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नए प्रोजेक्ट्स में खरीद पर पुराने नियम नहीं चलेंगे। साथ ही 20 करोड़ रुपए से ज्यादा के आईटी प्रोजेक्ट में कंप्यूटर तभी खरीदे जाएंगे जब सीनियर कमेटी की मंजूरी हो। सही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो। 20 करोड़ तक के प्रोजेक्ट में भी खरीद के लिए सक्षम वित्तीय समिति की मंजूरी लेना जरूरी होगा।
FAQ
- सरकारी विभागों में कंप्यूटर खरीद की नई सालाना सीमा क्या है?
राज्य सरकार के नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी सरकारी विभाग एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक के कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर या अन्य आईटी उपकरण नहीं खरीद सकता है। यदि किसी विभाग को इससे अधिक मूल्य के उपकरणों की आवश्यकता होती है, तो उन्हें इसके लिए विशेष अनुमति प्रक्रिया से गुजरना होगा और उचित कारण बताना होगा। - सरकार को कंप्यूटर खरीद के नियमों में बदलाव क्यों करना पड़ा?
पहले विभागों में बड़े बजट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर बिना वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के महंगे उपकरण खरीद लिए जाते थे। इस वित्तीय गड़बड़ी और फिजूलखर्ची को रोकने के लिए वित्त विभाग ने नियमों को सख्त किया है। अब सही टेंडर प्रक्रिया और सक्षम वित्तीय समिति की मंजूरी के बिना कोई भी बड़ी खरीद मुमकिन नहीं होगी।
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