इंदौर का 3 साल से पीछा कर रहा था सूरत, बीते साल से सूरत ने 222 अंक ज्यादा की जंप ली, पूर्व सीएम चौहान पहले ही चेता चुके थे

Jitendra Shrivastava | Jan 12, 2024, 24:00 IST
इंदौर का 3 साल से पीछा कर रहा था सूरत, बीते साल से सूरत ने 222 अंक ज्यादा की जंप ली, पूर्व सीएम चौहान पहले ही चेता चुके थे
सूरत लगातार तीन साल से दूसरे नंबर पर था और इंदौर का पीछा कर रहा था। उसने बीते साल की तुलना में इंदौर से 222 अंकों की अधिक जंप ली।

संजय गुप्ता, INDORE. देश का लगातार सातवीं बार सबसे साफ स्वच्छ शहर का तमगा इंदौर ने हासिल किया, लेकिन इस बार यह खुशी उसे सूरत के साथ संयुक्त तौर पर बांटनी पड़ी। सूरत लगातार तीन साल से दूसरे नंबर पर था और इंदौर का पीछा कर रहा था। उसने ओवरऑल भी बीते साल की तुलना में इंदौर से 222 अंकों की अधिक जंप ली। आखिर में इंदौर ने सर्विस लेवल प्रोग्रेस में 6 अंक ज्यादा जुटा लिए और सूरत के साथ बराबरी पर रहा। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के सफाई में छक्का मारने के बाद चेतावनी देते हुए कहा था कि इस बार इंदौरियों संभलकर रहना, कई शहर बड़ी चुनौती दे रहे हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इन शब्दों ने हमें चेताया और मोटिवेट किया। इसके चलते ही इंदौर नंबर वन पर कायम रह सका।



सूरत ने इस तरह ली अधिक अंकों की जंप



2022 के स्वच्छता अवार्ड में सूरत के कुल अंक 6925 थे और वह दूसरे नंबर पर था। वहीं इंदौर के 7147 अंक थे। इस बार इंदौर और सूरत के अंक समान 9348 रहे। सूरत ने अपने अंकों में 2423 की जंप ली तो इंदौर केवल 2201 अंक की जंप ले सका। अब दोनों शहरों के सामने लगभग एक जैसा चैलेंज खड़ा है, जो बाजी मार गया, वह अगली बार नंबर 1 हो जाएगा।



एक कैटेगरी में इंदौर तो एक में सूरत आगे निकला, इस तरह बने दोनों नंबर वन...



  • सर्विल लेवल प्रोग्रेसः इंदौर को 4709 अंक, सूरत को 4703 अंक
  • सिटीजन वाइस स्कोरः इंदौर को 2139 अंक, सूरत को 2145 अंक
  • दस्तावेजीकरणः इंदौर को 2500 अंक, सूरत को 2500 अंक

आखिर में 6 अंक आ गए इंदौर के काम



इंदौर और सूरत के बीच आखिरी लड़ाई केवल 6 अंकों के फासले पर थी। फाइनल टेबुलेशन में सिर्फ तीन कैटेगरी सर्विस लेवल प्रोग्रेस यानी SLP स्कोर, पब्लिक वाइज स्कोर और डाक्युमेंटेशन स्कोर में इजाफे से इंदौर नंबर वन पहुंचा। स्वच्छता से जुड़ीं सुविधाएं देने के मामले में यानी SLP स्कोर में इंदौर, सूरत से 6 अंक आगे रहा। यही हमारी जीत की वजह बना क्योंकि सूरत पब्लिक वाइज स्कोर में हमसे 6 अंक आगे हो गया था। इससे दोनों के अंक टाई हो गए और संयुक्त विजेता बन गए। डाक्युमेंटेशन में भी दोनों बराबरी पर छूटे, जबकि सिटीजन वाइज स्कोर में सूरत हमसे आगे रहा। डाक्युमेंटेशन में दोनों के बराबर अंक रहे।



अलग-अलग कचरा कलेक्शन ने सूरत को आगे किया



इस बार छह तरह से 1. सूखा, 2. गीला 3. कांच 4. लोहा 5. सेनेटरी वेस्ट 6. इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट कचरा कलेक्ट करना था, वो भी घर-दुकानों से ही। इसी पर सूरत ने काम किया जिसने उसे नंबर 1 पर लाने में मदद कर दी। इंदौर, सूरत से 0.25% पिछड़े और सूरत ने 6 अंक अधिक ले लिए।



सूरत में भी इंदौर की तरह सफाई जनांदोलन बन गई



सूरत ने इस बार सफाई पर बेहद ध्यान दिया और जनता ने भरपूर सहयोग किया। सूरत पहले भी पब्लिक ओपिनयन में अधिक अंक हासिल करती रही है। सूरत ने चौराहों को सुंदर किया। पेंटिंग्स से सड़कों को संवारा, पब्लिक टॉयलेट्स की 100% सफाई की, कचरा रीयूज कर सीएनजी, खाद बनाने जैसे प्रयोग किए और 6 तरह के कचरे का अलग-अलग कनेक्शन किया।



200 करोड़ से गाड़ियां खरीदेंगे



महापौर ने कहा कि अब फिर से हम आठवीं बार सफाई में नंबर वन बनने के अभियान में लग गए हैं। इसके लिए 200 करोड़ से नई कचरा गाड़िया खरीदेंगे, नए इनोवेशन करेंगे। इसमें हम इस बार का अवार्ड लेने से पहले ही जुट गए हैं।



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