स्वामी कैलाशानंद का वक्फ बोर्ड पर बड़ा बयान, सरकार की मॉनिटरिंग को बताया सही
समझें क्या है पूरा मामला...
- स्वामी कैलाशानंद बोले, वक्फ बोर्ड मॉनिटरिंग सही कदम।
- नीमच में गरजे महामंडलेश्वर, मंदिर दान पर चिंता।
- मंदिरों में दान की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी।
- नीमच के लोगों को बताया सज्जन और कर्मठ।
- वक्फ बोर्ड और मंदिर दान पर बड़ा बयान।
नीमच के टाउन हॉल में शनिवार को बड़ी धर्मसभा हुई। निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि पहली बार नीमच पहुंचे। महामंडलेश्वर ने वक्फ बोर्ड पर सरकार की मॉनिटरिंग को सही कदम बताया। उन्होंने मंदिरों में दान की गड़बड़ियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने नीमच के लोगों को सज्जन और कर्मठ बताया।
नीमच में पहली बार पहुंचे स्वामी कैलाशानंद
नीमच के टाउन हॉल में शनिवार को एक बड़ी धर्मसभा का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में हरिद्वार की दक्षिण काली पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज शामिल हुए। मालवा की धरती पर यह उनका पहला आगमन था। उन्होंने क्षेत्र की धार्मिक विरासत और लोगों के सेवा भाव की खुलकर तारीफ की।
नीमच के लोगों की तारीफ
मीडिया से बातचीत में स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि मध्य प्रदेश भक्ति और आस्था का गढ़ है। उन्होंने कहा कि नीमच की धरती की बात ही कुछ खास है।
उन्होंने कहा कि यहां के लोग धार्मिक, सज्जन और कर्मठ हैं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रमुख संतोष चोपड़ा और उनके परिवार की समाजसेवा की भी सराहना की।
वक्फ बोर्ड मॉनिटरिंग को बताया सही कदम
धर्मसभा के दौरान स्वामी जी ने देश के धार्मिक मुद्दों पर भी बेबाक राय रखी। उन्होंने वक्फ बोर्ड (Waqf Board – इस्लामिक धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन हेतु बना बोर्ड) पर सरकार की मॉनिटरिंग को पूरी तरह सही बताया।
उन्होंने कहा कि पहले वक्फ बोर्ड की जमीनों पर अवैध कब्जे और पैसों के दुरुपयोग की कई शिकायतें आई थीं। उनका कहना था कि सरकार का मॉनिटरिंग फैसला स्वागत योग्य कदम है।
मंदिरों में दान की गड़बड़ी पर सख्त रुख
आचार्य महामंडलेश्वर ने अयोध्या और मध्य प्रदेश के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दान राशि और आभूषणों से जुड़ी गड़बड़ियों पर गहरी चिंता जताई।
महामंडलेश्वर ने कहा कि देश के मठ और मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। उनका कहना था कि वित्तीय प्रबंधन में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर प्रशासन को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थाओं की कमान केवल विद्वान और योग्य लोगों को ही मिलनी चाहिए।
हवाई पट्टी से टाउन हॉल तक उमड़ी भीड़
स्वामी कैलाशानंद के नीमच आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। शुक्रवार को वे विशेष विमान से नीमच हवाई पट्टी पहुंचे। उनके स्वागत में बड़ी संख्या में लोग जुटे।
समाजसेवी अशोक अरोरा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों ने उनसे आशीर्वाद लिया। शनिवार के मुख्य कार्यक्रम में मालवा और मेवाड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में संत, विद्वान और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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