फिर बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, एक की मौत, रोज 10 हजार मरीज पहुंच रहे अस्पताल
समझें क्या है पूरा मामला...
- मौसम बदलने से वायरल और श्वसन संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है
- भोपाल शहर में स्वाइन फ्लू के 6 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।
- जेपी, हमीदिया और एम्स की ओपीडी में रोज 10 हजार मरीज पहुंच रहे हैं।
- जीएमसी में एच1एन1 (H1N1) जांच किट न होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।
- उज्जैन की एक महिला की स्वाइन फ्लू से इंदौर में मौत हो गई।
भोपाल में बढ़ता संक्रमण
भोपाल में इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है। दिन और रात के तापमान में बड़ा फर्क आ रहा है। इसी वजह से वायरल और श्वसन संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं।
शहर में अब तक स्वाइन फ्लू के 6 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह शुरुआती दौर है। समय पर सावधानी बरती जाए तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
अस्पतालों में मरीजों की भीड़
जेपी अस्पताल, हमीदिया अस्पताल और एम्स की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना करीब 10 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
इनमें से करीब 60% मरीजों को गले में खराश, खांसी और बुखार की शिकायत है। कुछ मरीजों को नाक बहने और लगातार थकान की समस्या भी हो रही है। डॉक्टर इन लक्षणों को मौसमी बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं।
जांच किट की कमी बड़ी चुनौती
इस बीच एक बड़ी चिंता सामने आई है। जीएमसी में फिलहाल एच1एन1 जांच किट उपलब्ध नहीं है। एम्स में भी इसकी जांच नहीं हो रही।
कोविड की नियमित जांच भी अभी बंद है। ऐसे में सिर्फ गंभीर हालत वाले मरीजों का ही निजी अस्पतालों में वायरल पैनल टेस्ट कराया जा रहा है। आम मरीजों की समय पर पहचान मुश्किल हो रही है।
उज्जैन की महिला की मौत
इंदौर में एक दुखद मामला भी सामने आया है। उज्जैन की रहने वाली 60 वर्षीय महिला का 16 दिन तक इलाज चला। इसके बाद उनकी मौत (स्वाइन फ्लू मौत) हो गई।
जांच में महिला के एच1एन1 संक्रमित होने की पुष्टि हुई। यह घटना दिखाती है कि स्वाइन फ्लू को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
दूसरे शहरों में भी बढ़े मामले
मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई और शहरों में भी फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली में साल 2026 में अब तक 1,344 मामले दर्ज हो चुके हैं।
बेंगलुरु में भी असर देखा गया है। वहां करीब 500 छात्र और 21 कर्मचारी फ्लू जैसे लक्षणों से बीमार हुए हैं। कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में भी मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
हालांकि, मध्य प्रदेश में अभी तक कोई औपचारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी है। एमडी मेडिसिन डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार बीमार व्यक्ति को घर के दूसरे सदस्यों से दूरी बनानी चाहिए।
क्या सावधानी बरतें
भीड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें। बार-बार हाथ धोते रहें। खांसते या छींकते समय मुंह जरूर ढकें। बुखार या गले में खराश होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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