मोहन यादव सरकार को टी राजा की सलाह: यूपी मॉडल लागू करो, तभी रुकेगा धर्मांतरण
तेलंगाना के चर्चित हिंदूवादी नेता औरबीजेपी विधायक टी राजा सिंह (T Raja Singh) ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित गदा यात्रा में शामिल होकर एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में धर्मांतरण (Religious Conversion) की घटनाओं पर सख्ती से नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में मध्यप्रदेश में भगवाधारी सरकार (Saffron Government) बनना मुश्किल हो सकता है।
टी राजा का यह बयान उस समय आया जब वह हिंदू सेवा परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) से अपील की कि प्रदेश में बढ़ते धर्मांतरण और लव जिहाद (Love Jihad) जैसे मामलों पर उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सख्त कार्रवाई की जाए।
गदा यात्रा में शामिल हुए टी राजा
जबलपुर के नौदरा ब्रिज चौराहे पर आयोजित सभा में करीब 5 हजार से अधिक लोग मौजूद थे। इस दौरान हिंदू सेवा परिषद के कार्यकर्ताओं ने गदा यात्रा निकालकर भगवान हनुमान की शक्ति और परंपरा को याद किया। सभा को संबोधित करते हुए टी राजा ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को एकजुट करना है।
धर्मांतरण पर कानून, फिर भी बढ़ रही घटनाएं
टी राजा ने अपने भाषण में कहा कि मध्यप्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून (Anti Conversion Law) पहले से मौजूद है। इसके बावजूद प्रदेश में कई जगहों पर धर्मांतरण की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज और ग्रामीण इलाकों में धर्मांतरण की घटनाएं सामने आती रहती हैं। सरकार ने इसके खिलाफ सख्त कानून बनाया है। लेकिन कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो समाज में असंतोष बढ़ सकता है।
“हिंदू समाज की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी”
टी राजा ने कहा कि जब हिंदू समाज (Hindu Community) ने बड़ी संख्या में वोट देकर सरकार बनाई है, तो सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समाज की सुरक्षा और धार्मिक पहचान की रक्षा करे।
उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह करते हुए कहा:
यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
कार्यकर्ताओं को डराने का आरोप
टी राजा ने अपने भाषण में यह भी कहा कि कुछ समय पहले हिंदू सेवा परिषद (Hindu Seva Parishad) के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण रोकने के लिए एक चर्च में विरोध प्रदर्शन किया था। उनके अनुसार इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया गया। प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई। उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता समाज के लिए काम कर रहे हैं उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने नेताओं से अपील की कि ऐसे कार्यकर्ताओं का समर्थन करना चाहिए।
यूपी मॉडल अपनाने की सलाह
टी राजा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से उत्तर प्रदेश मॉडल (Uttar Pradesh Model) अपनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के मामलों में सख्ती दिखाई जाती है। यदि कोई अपराध करता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई होती है। उन्होंने सुझाव दिए कि धर्मांतरण मामलों में तेज जांच हो। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। लव जिहाद के मामलों में सख्त कार्रवाई हो। सरकर कानून लागू करने में तेजी दिखाए। उनका मानना है कि इस तरह के कदमों से समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
ओवैसी ब्रदर्स पर भी साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान टी राजा ने असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) और उनके भाई पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने गए हैं। उनका मकसद केवल राजनीतिक फायदा उठाना है। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मध्यप्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल
टी राजा के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावी रणनीति से जुड़ा हो सकता है। धार्मिक और सामाजिक मुद्दे फिर से चर्चा में आ सकते हैं। सरकार पर कानून व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ सकता है।
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