नरसिंहपुर में भ्रष्टाचार का खेल: तेंदूखेड़ा SDM का स्टेनो 30,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार
News in Short
- तेंदूखेड़ा के एसडीएम कार्यालय में रिश्वत लेने का मामला सामने आया।
- स्टेनो सौरभ यादव को 30,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
- शिकायतकर्ता अशोक राय ने तेंदूखेड़ा कार्यालय में नक्शा प्रस्तुत करने के लिए रिश्वत की मांग की।
- ईओडब्ल्यू जबलपुर की टीम ने 14 मई 2026 को कार्रवाई की।
- सौरभ यादव पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया।
News in Detail
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से भ्रष्टाचार की एक बड़ी खबर सामने आई है । ईओडब्ल्यू. (EOW) जबलपुर की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में तैनात 26 साल के स्टेनो सौरभ यादव को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। यह कार्रवाई गुरुवार 14 मई 2026 को दोपहर में की गई। आरोपी स्टेनो एक कालोनाइजर से काम के बदले पैसे मांग रहा था ।
कालोनाइजर की शिकायत और EOW का बिछाया गया जाल
पूरी कहानी शुरू होती है वार्ड नंबर-7 के निवासी संजय राय की एक फाइल से। संजय राय एक कालोनाइजर हैं और वे अपनी कालोनी निर्माण का नक्शा पास कराना चाहते थे। उन्होंने टीएनसीपी (TNCP) को रिपोर्ट भेजने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। लेकिन स्टेनो सौरभ यादव ने जानबूझकर उस फाइल को दबाकर रख दिया और देरी की। काम को आगे बढ़ाने के लिए उसने 30,000 रुपए की रिश्वत की मांग रखी थी। परेशान होकर संजय राय ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर का दरवाजा खटखटाया।
रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी: दफ्तर में मची भारी अफरा-तफरी
ईओडब्ल्यू की टीम ने शिकायत मिलते ही तुरंत मामले की पूरी गोपनीयता से जांच की। जब रिश्वत की मांग की पुष्टि हो गई, तो टीम ने जाल बिछाने का फैसला किया। आज दिनांक 14 मई 2026 को जैसे ही संजय राय ने रुपये दिए, वैसे ही टीम ने छापा मारा। स्टेनो सौरभ यादव को 30,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया गया। ईओडब्ल्यू की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों के बीच अब इस घटना के बाद खौफ देखा जा रहा है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई
पकड़े गए आरोपी सौरभ यादव की उम्र महज 26 साल है, जो छोटी उम्र में रिश्वतखोर बन गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला किया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कोई और शामिल है। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति को यहां अमली जामा पहनाया गया। जनता के बीच संदेश गया कि रिश्वत मांगने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब कोर्ट के माध्यम से आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी चल रही है।
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