कुलपति की जान बचाने की कोशिश ABVP नेताओं पर पड़ रही भारी, डाकुओं पर लगने वाली धाराएं ठोकीं

Pratibha Rana | Dec 15, 2023, 24:00 IST
कुलपति की जान बचाने की कोशिश ABVP नेताओं पर पड़ रही भारी, डाकुओं पर लगने वाली धाराएं ठोकीं
ग्वालियर में ABVP के दो छात्रों के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज और गिरफ्तारी के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता और पदाधिकारी द्वारा पिछले दो दिनों से धरना प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जाता रहे हैं।

BHOPAL. ग्वालियर में पीके यूनिवर्सिटी के कुलपति की जान बचाने की कोशिश एबीवीपी छात्रों पर भारी पड़ रही है। ट्रेन में जज की तबीयत बिगड़ने पर छात्रों ने रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी हुई एक जज की गाड़ी को जबरन छीन लिया था और वीसी को अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया था। मदद कर रहे इन छात्रों पर एफआईआर दर्ज हो गई और इन्हें जेल भेज दिया गया। वीसी की जान बचाने हाईकोर्ट जज की कार छीनने वाले छात्रों पर वह धाराएं लगाई गई, जो डाकुओं पर लगती थीं। अब जमानत के लिए दोनों छात्र हाईकोर्ट पहुंचे है। जिन छात्रों पर केस हुआ वे एबीवीपी के कार्यकर्ता बताए गए हैं।



क्या था पूरा मामला ?

दक्षिण एक्सप्रेस में रविवार (10 दिसंबर) की रात को दिल्ली से चलकर ग्वालियर आ रही दक्षिण एक्सप्रेस में शिवपुरी की पीके यूनिवर्सिटी के वीसी (वाइस चांसलर) रणजीत सिंह यादव (68) अपने कुछ छात्रों के साथ सफर कर रहे थे। जब ट्रेन आगरा पहुंची तो अचानक वीसी के सीने में दर्द होने लगा और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मुरैना आते-आते रणजीत सिंह यादव की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई। यह देख उनके साथ मौजूद छात्र परेशान हो उठे। छात्रों ने रेलवे की हेल्पलाइन पर मदद मांगी। छात्र ट्रेन से उतर प्लेटफार्म नंबर एक की तरफ पहुंचे। यहां जब छात्रों को अस्पताल तक पहुंचने के लिए कोई मदद नहीं मिली, तो उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बाहर हाईकोर्ट जस्टिस संजीव एस. कालगांवकर की गाड़ी लेकर खड़े ड्राइवर से तड़पते वीसी को अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन जब ड्राइवर तैयार नहीं हुआ तो छात्रों ने ड्राइवर से चाबी छीन ली।



छात्र इसी कार में वीसी को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने वीसी रणजीत सिंह यादव को मृत घोषित कर दिया। इधर, इस मामले में जज के वाहन चालक की शिकायत पर पुलिस ने गाड़ी ले जाने वाले ABVP के दोनों छात्र हिमांशु स्रोतिया और सुकृत पर डकैती का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं 13 दिसंबर को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्यभारत के प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने कहा था कि कुलपति की जान बचाने के लिए जो करना पड़ेगा, वह करेंगे।



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जमानत ना मिलने पर जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

वहीं ABVP ने साफ कर दिया है कि अगर हिमांशु स्रोतिया और सुकृत को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलती है तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और इसके लिए विद्यार्थी परिषद लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ेगा। 14 दिसंबर को दोनों ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, जिसपर अगले हफ्ते सुनवाई की संभावना है। तब तक इन्हें जेल में ही रहना होगा।



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