गरीबों के निवाले से निकला जानवर का सिर, राशन की बोरी में हड्डी देख भड़के लोग

Aman Vaishnav | Jul 14, 2026, 09:00 IST
राशन की बोरी में हड्डी, राशन की बोरी से निकली हड्डी
टीकमगढ़ की राशन दुकान में गेहूं की बोरी से जानवर के सिर की हड्डी निकलने से हड़कंप मच गया। राशन लेने आए लोगों ने राशन लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा दमोह से टीकमगढ़ भेजी गई बोरियों में भी कीड़े, घुन और सड़ा-गला गेहूं मिला।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • टीकमगढ़ की एक राशन दुकान पर सोमवार, 13 जुलाई को गेहूं वितरण शुरू हुआ।
  • पहली बोरी खुलते ही उसमें जानवर की हड्डी मिली।
  • उपभोक्ताओं ने राशन लेने से इनकार कर दिया।
  • अधिकारी मौके पर पहुंचे और दुकान को सील कर दिया गया है।
  • जांच में सामने आया कि यह गेहूं विदिशा जिले से भेजा गया था।

हड्डी मिलते ही मचा हड़कंप

दरअसल टीकमगढ़ की शासकीय उचित मूल्य दुकान नन्ही टेहरी में सोमवार को पीडीएस राशन वितरण शुरू हुआ। जब दुकान पर पहली गेहूं की बोरी खोली गई तो वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।



दरअसल बोरी में अचानक किसी जानवर के सिर की हड्डी निकल आई। कई लोगों ने ये देखते ही तुरंत राशन लेने से मना कर दिया। लोगों ने विरोध जताया और मामले की शिकायत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से की।



अधिकारी पहुंचे, दुकान हुई सील

शिकायत मिलते ही कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी यानी जेएसओ (JSO – Junior Supply Officer) सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सतर्कता बरतते हुए बाकी बोरियों की भी जांच कराई।



राहत की बात यह रही कि बाकी बोरियों में कोई हड्डी नहीं मिली। लेकिन उपभोक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। दुकान को सील कर गेहूं वितरण पर रोक लगा दी गई।



कहां से आया था यह गेहूं

जानकारी के मुताबिक इस दुकान पर करीब 163 क्विंटल गेहूं गरीब हितग्राहियों के लिए भेजा गया था। यह गेहूं विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से टीकमगढ़ लाया गया था।



बोरी पर खरीदी केंद्र के तौर पर सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज मिला। यहीं से यह गेहूं पीडीएस के लिए नन्ही टेहरी की दुकान पर भेजा गया था।



जेएसओ सार्थक तिवारी के अनुसार मामले की सूचना नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी अधिकारी को दे दी गई है। पूरी खेप वापस भेजी जाएगी। इसकी जगह नया गेहूं भेजकर हितग्राहियों को वितरण कराया जाएगा। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि आखिर हड्डी बोरी में कैसे पहुंची।



दमोह से आई थीं कीड़े वाली 6265 बोरियां

यह पहला मौका नहीं है जब टीकमगढ़ में खराब गेहूं पहुंचा हो। इससे पहले दमोह जिले से छह हजार 265 बोरियां भेजी गई थीं। इनमें तीन हजार132 क्विंटल गेहूं खराब निकला था।



इन बोरियों में जीवित कीड़े और घुन मिले थे। कुछ गेहूं मिट्टी और पानी से खराब हो चुका था। कुछ हिस्सा सड़ा-गला और बदबूदार भी था। दाने टूटे और सिकुड़े हुए भी पाए गए थे। इस खेप को बड़ोराघाट वेयरहाउस से वापस लौटा दिया गया था।



पुराने मामले ने खड़े किए सवाल

दमोह जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया गेहूं (गेहूं खरीदी) टीकमगढ़ के बड़ोराघाट वेयरहाउस में रखा जा रहा है। 19 मई से 2 जून के बीच 15 दिन में करीब आठ हजार 700 मीट्रिक टन गेहूं दमोह से टीकमगढ़ पहुंचा था।



जब वेयरहाउस प्रबंधन ने इन बोरियों की जांच की तो मिलावट की पोल खुल गई। इस घटना ने गेहूं की सरकारी खरीदी और भंडारण व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए थे। ताजा हड्डी वाला मामला उन्हीं सवालों को फिर से सामने ले आया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग | खाद्य आपूर्ति विभाग



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