फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह का एक और कांड उजागर, होटल लीज के नाम पर ठगे 50 लाख

Aman Vaishnav | Sept 03, 2026, 10:58 IST
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह
खुद को IAS और आयकर अधिकारी बताने वाली तृप्ति सिंह पर भोपाल में 50 लाख की ठगी का नया केस दर्ज हुआ है। होटल लीज के नाम पर कारोबारी को चूना लगाने वाली तृप्ति पर यह चौथी FIR है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल की तृप्ति सिंह पर ठगी का एक नया मामला सामने आया है।
  • उसने खुद को एमपी पर्यटन विकास निगम की अधिकारी बताकर लोगों को ठगा।
  • सिवनी के कारोबारी गगन उपवंशी से करीब 50 लाख रुपए लिए गए।
  • होटल और रिसॉर्ट लीज पर दिलाने का झांसा दिया गया था।
  • बागसेवनिया थाने में तृप्ति, उसके भाई और साथी के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

चौथी एफआईआर दर्ज हुई

आईएएस अधिकारी बनकर ठगी करने वाली तृप्ति सिंह का एक और कांड सामने आया है। इस बार मामला पर्यटन विकास निगम के होटल लीज से जुड़ा है।



बागसेवनिया थाने में उसके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि यह तृप्ति के खिलाफ चौथी और भोपाल की दूसरी एफआईआर है।



इस मामले में तृप्ति के साथ उसके भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर सिंह को भी नामजद किया गया है। तीनों पर मिलकर ठगी की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था।



तृप्ति फिलहाल अशोकनगर जेल में बंद है। बागसेवनिया पुलिस अब उसे प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाने की तैयारी कर रही है। पूछताछ में गिरोह के बारे में और जानकारी मिल सकती है।





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कैसे हुई पहचान

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार पीड़ित गगन उपवंशी सिवनी के रहने वाले हैं। उनकी उम्र 31 साल है। अगस्त 2025 में रिश्तेदार रोहित के जरिए गगन की मुलाकात तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु से हुई थी।



तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया। उसने यह भी दावा किया कि वह मध्यप्रदेश पर्यटन निगम में एडीशनल डायरेक्टर है। अपनी पहचान का हवाला देकर उसने धीरे-धीरे गगन का भरोसा जीत लिया।



होटल लीज का झांसा

भरोसा जीतने के बाद तृप्ति ने बड़ा प्रस्ताव रखा। उसने खुद को पर्यटन निगम अधिकारी बताते हुए दावा किया कि वह पंचमढ़ी, तवा और रातापानी के सरकारी होटल और रिसॉर्ट कम कीमत में लीज पर दिला सकती है।



यह प्रस्ताव इतना आकर्षक था कि गगन को इस पर शक नहीं हुआ। उसके भाई सुधांशु और साथी प्रखर सिंह ने भी बीच में आकर इस बात की पुष्टि की। इससे गगन का यकीन और मजबूत हो गया।



तीन किश्तों में मिले पैसे

पुलिस जांच में सामने आया कि गगन ने अलग-अलग समय पर कुल 49.96 लाख रुपए दिए। यह रकम नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यम से दी गई थी।



14 दिसंबर 2025 को 17 लाख रुपए नकद दिए गए। इसके बाद 23 फरवरी को 13 लाख रुपए और 31 मार्च को 15 लाख रुपए नकद सौंपे गए। शेष राशि का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया गया।



इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी जब होटल लीज की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तब गगन को शक हुआ। जांच पड़ताल के बाद उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।



अब आगे क्या होगा

पुलिस अब तृप्ति को प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाकर पूछताछ करेगी। इससे यह पता चल सकता है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को निशाना बनाया।



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