ट्विशा शर्मा केस को AIIMS बोर्ड ने बताया आत्महत्या, CBI चार्जशीट की धाराओं पर उठे सवाल
समझें क्या है पूरा मामला...
- दिल्ली AIIMS बोर्ड ने मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताया है।
- शव पर संघर्ष या मारपीट के निशान नहीं मिले।
- CBI ने अपनी चार्जशीट में आरोपी के खिलाफ BNS की धाराएं लगाई हैं।
- परिजन के वकील का दावा है कि दहेज मृत्यु की धारा चार्जशीट के निष्कर्ष में शामिल नहीं है।
बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया।
मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया था। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठे। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोबारा जांच के आदेश दिए।
क्या कहती है AIIMS रिपोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 22 मई के आदेश पर दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमॉर्टम किया। इस पांच सदस्यीय बोर्ड ने 11 पन्नों की रिपोर्ट CBI को सौंपी। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 10 जुलाई को दी गई थी। सोमवार को इसका ब्योरा सामने आया।
रिपोर्ट के मुताबिक ट्विशा के शव पर ऐसी कोई चोट नहीं थी, जो मेडिकोलीगल (कानूनी और चिकित्सीय) नजरिए से हमले या संघर्ष का संकेत देती हो।
दोनों पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण एक जैसा बताया गया है। यह लिगेचर से एंटी-मॉर्टम हैंगिंग है।
एम्स में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि बोर्ड ने हर पहलू की गहराई से जांच की। उनके मुताबिक यह आत्महत्या का मामला है। शव पर मारपीट का कोई निशान नहीं मिला।
चार्जशीट में क्या आरोप
CBI ने अपनी चार्जशीट में गिरीबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ BNS की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत अपराध बताया है।
चार्जशीट के निष्कर्ष वाले हिस्से में दहेज मृत्यु से जुड़ी धारा का जिक्र नहीं है। इसी बिंदु पर दोनों पक्षों के वकील अलग-अलग दावे कर रहे हैं।
वकीलों के अलग-अलग दावे
ट्विशा के परिजन की ओर से वकील अंकुर पांडे का कहना है कि चालान के पहले पन्ने पर दहेज मृत्यु सहित अन्य धाराओं का जिक्र है। उनके मुताबिक निष्कर्ष वाले हिस्से में इन धाराओं का उल्लेख नहीं है।
वहीं आरोपी पक्ष के वकील इनोग जॉर्ज कार्लो का कहना है कि चार्जशीट के निष्कर्ष में दहेज मृत्यु या प्रताड़ना का आरोप कायम नहीं रखा गया। उनके मुताबिक निष्कर्ष में सिर्फ तीन धाराओं का जिक्र है। यह दावा फिलहाल चार्जशीट के उपलब्ध पन्नों पर आधारित है।
DVR और iPhone जांच बाकी
CBI के मुताबिक ट्विशा के प्राथमिक फोन यानी iPhone से डेटा एक्सट्रैक्शन की रिपोर्ट अभी लंबित है। एजेंसी को उम्मीद है कि इससे आरोपियों की भूमिका और साफ हो सकती है। नए गवाहों से जुड़ी जानकारी भी मिल सकती है।
आरोपी के घर से जब्त DVR का डेटा फोरेंसिक जांच के लिए CFSL, DFSS नई दिल्ली भेजा गया है। CBI का कहना है कि अगर डेटा से छेड़छाड़ मिलती है, तो इस पहलू पर आगे जांच होगी। यह रिपोर्ट भी अभी आनी बाकी है।
लैपटॉप-वॉइस सैंपल विवाद
बता दें कि 3 अगस्त की सुनवाई में CBI ने आरोपी समर्थ सिंह का वॉइस सैंपल और लैपटॉप का पासवर्ड मांगा था। समर्थ सिंह के वकील ने पासवर्ड देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। वॉइस सैंपल को लेकर शर्त रखी गई कि इसकी एक कॉपी कोर्ट में सुरक्षित रखी जाए।
CBI का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए यह पासवर्ड और वॉइस सैंपल जरूरी हैं। मामले की आगे की सुनवाई और जांच अभी जारी है।
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