ट्विशा शर्मा की मौत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बताया दुर्भाग्यपूर्ण, जानें SC ने क्यों उठाया मामला?

Aman Vaishnav | May 25, 2026, 09:28 IST
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ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि पीड़ित या दूसरे परिवार के बयानों के पीछे न भागें। सब कुछ कानून और प्रक्रिया के हिसाब से ही आगे बढ़ने दें।

ट्विशा शर्मा केस में सोमवार, 25 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि केस में दो-तीन अहम मुद्दे थे। पोस्टमॉर्टम से जुड़ा एक मामला अब पूरा हो चुका है।



CJI ने मीडिया से कहा कि पीड़ित या दूसरे परिवार के बयानों के पीछे न भागें। सब कुछ कानून और प्रक्रिया के हिसाब से ही आगे बढ़ने दें।



उन्होंने ये भी कहा कि मृतक की सास रिटायर्ड जिला जज हैं। न्यायपालिका पर यह सवाल उठाना कि निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी गलत है।



CJI ने भरोसा जताया कि पीड़ित और आरोपी दोनों जांच में सहयोग करेंगे। राज्य एजेंसियां या CBI जांच में कोई बाधा नहीं डालेंगे। जांच सही तरीके से पूरी होगी और सच सामने आएगा।



जानें SC ने क्यों उठाया मामला?

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि इंडिया टुडे में 18 मई को छपी खबर में यह सवाल उठाया गया था कि क्या जांच निष्पक्ष हुई या नहीं। खबर में बताया गया था कि मृतका का पति वकील हैं और मां पूर्व जिला जज हैं, इसलिए लोग सोच रहे थे कि जांच पर कोई असर तो नहीं पड़ा। कोर्ट की भागीदारी की वजह से भी सही जांच नहीं हो पाई। इसलिए हमने खुद कदम उठाए और कार्रवाई शुरू कर दी।



तीनों अदालतों में सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद एमपी हाई कोर्ट में आज पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई होगी। भोपाल कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, जिसे रद्द कराने के लिए सरकारी पक्ष और ट्विशा के पिता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।



भोपाल जिला अदालत

जिला अदालत में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की कॉल डिटेल सुरक्षित रखने पर सुनवाई होगी। साथ ही भोपाल एम्स के सीसीटीवी फुटेज को भी संभालकर रखने की मांग वाले आवेदन पर कोर्ट फैसला सुनाएगा।



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दिल्ली एम्स की टीम ने किया दूसरा पोस्टमार्टम

हाई कोर्ट के आदेश के बाद रविवार, 24 मई को दिल्ली एम्स की फॉरेंसिक टीम ने भोपाल एम्स में ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम किया। यह पूरी प्रक्रिया करीब तीन घंटे तक चली थी।



ट्विशा के परिवार ने पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि पहली रिपोर्ट में चोटों, गले की जांच, लिगेचर मार्क को ठीक से नहीं दिखाया गया है।



अब इस दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को पूरी तरह गोपनीय यानी सीलबंद लिफाफे में एसआईटी को सौंपा जाएगा।



घटनास्थल का मुआयना और सीन रीक्रिएशन

पोस्टमार्टम करने के बाद दिल्ली एम्स की टीम कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। टीम वहां करीब 14 मिनट रुकी थी। चीम ने जरूरी फोटो लिए और जांच के बाद रवाना हो गई।



टीम के जाने के 15 मिनट बाद पुलिस ने उस जगह को फिर से सील कर दिया। डीसीपी विकास कुमार सहवाल ने बताया कि जल्द ही आरोपी पति समर्थ को घर ले जाया जाएगा। वहां जाकर सीन रीक्रिएशन कराया जाएगा और सबूतों की पहचान होगी।



मुख्य बिंदुकेस से जुड़ी जरूरी जानकारी
अंतिम संस्कारमौत के 12 दिन बाद भोपाल के भदभदा घाट पर ट्विशा का अंतिम संस्कार हुआ। भाई मेजर हर्षित ने मुखाग्नि दी।
सास की गैरमौजूदगीअंतिम संस्कार के दौरान सास गिरिबाला सिंह वहां मौजूद नहीं थीं। उस वक्त उनके घर एम्स की टीम जांच कर रही थी।
पति का रवैयाआरोपी पति समर्थ ने भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कोर्ट से कोई इजाजत नहीं मांगी।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में समयएम्स दिल्ली के डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि फाइनल रिपोर्ट आने में समय लगेगा, क्योंकि विसरा और हिस्टोपैथोलॉजी जैसी लैब जांचें अभी बाकी हैं।

बचाव पक्ष के वकील का दावा?

दूसरी तरफ इंदौर में आरोपी समर्थ सिंह के वकीलों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वकील ज्ञानेंद्र शर्मा का दावा है कि घटना के तुरंत बाद समर्थ ने ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था।



वही उसे अस्पताल लेकर भागा था। वकीलों का कहना है कि अगर समर्थ की मंशा हत्या करने की होती, तो वह खुद ट्विशा को अस्पताल क्यों ले जाता? उनका आरोप है कि इस पूरे मामले को समाज के सामने एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है।



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