ट्विशा शर्मा सुसाइड केस: जेल पहुंचते ही मां-बेटे को मिला VIP ट्रीटमेंट, कार से ले जाने की जिद खारिज

Aman Vaishnav | Jun 04, 2026, 09:26 IST
twisha sharma death case
ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। दोनों आरोपियों ने पहली रात भोपाल सेंट्रल जेल के अस्पताल और महिला वार्ड के बेड पर गुजारी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • ट्विशा शर्मा केस में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन के लिए जेल भेजा गया है।
  • दोनों आरोपियों ने पहली रात भोपाल सेंट्रल जेल के अस्पताल और महिला वार्ड के बेड पर गुजारी।
  • जेल में दाखिल होते समय रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने कार से अंदर जाने की जिद की थी।
  • पैर में चोट की वजह से समर्थ सिंह को जेल के खंड (ब) वाले अस्पताल में भर्ती किया गया है।
  • कोर्ट ने मृतका ट्विशा शर्मा के परिवार की एक और अर्जी को खारिज कर दिया है।

ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरफ्तार हुईं गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की पहली रात भोपाल सेंट्रल जेल में गुजरी। कोर्ट से 14 दिन की न्यायिक हिरासत मिलने के बाद दोनों को मंगलवार, 02 जून की शाम को जेल लाया गया था। जेल प्रशासन ने दोनों को सामान्य कैदियों की तरह ही रखा और नियमों के मुताबिक ही खाना-पीना दिया।



जेल के अस्पताल वार्ड में क्यों रखा गया?

जेल पहुंचते ही दोनों को सीधे बैरक में न भेजकर अस्पताल वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसकी वजह दोनों की सेहत और सुरक्षा को बताया गया है।



  • गिरिबाला सिंह को बुजुर्ग होने और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए महिला वार्ड के भीतर बने बेड में से एक दिया गया है।
  • समर्थ के वकील एनॉश जॉर्ज कॉलों ने बताया कि पिछली पेशी के दौरान समर्थ के पैर में चोट लग गई थी। उसका पैर का एक्स-रे कराया जाना है। इसलिए उसे जेल के खंड (ब) में बने अस्पताल में भर्ती किया गया है।

कैदियों को क्या मिला VIP खाना?

मंगलवार शाम जब दोनों आरोपी जेल पहुंचे, तो उन्हें आम कैदियों की तरह ही रात का भोजन दिया गया। इसके बाद अगले दिन सुबह नाश्ते में उन्हें नमकीन, दलिया और चाय दी गई।



कार से अंदर जाने की जिद अड़ीं रिटायर्ड जज

जेल में एंट्री के वक्त एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा भी देखने को मिला था। रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जेल प्रबंधन के सामने मांग रख दी कि उन्हें पैदल न ले जाया जाए, बल्कि उनकी कार को सीधे जेल के अंदर तक जाने की अनुमति दी जाए।



हालांकि जेल प्रबंधन ने नियमों का हवाला देते हुए उनकी इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया था। इसके बाद महिला प्रहरियों की सुरक्षा के बीच उन्हें पैदल ही जेल के अंदर ले जाया गया।



परिजनों को नहीं मिलेगी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

इस मामले से जुड़ी एक और बड़ी खबर कोर्ट से आई है। ट्विशा शर्मा के परिजनों ने अदालत में एक आवेदन लगाकर दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग की थी। वहीं कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया है।



मामले की जांच कर रही सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि इस केस की जांच अभी जारी है। जांच के इस मोड़ पर परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं सौंपी जा सकती।



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