UGC का आदेश : MP सरकार फर्जी विश्वविद्यालयों पर कसे शिकंजा

Ravi Singh | Jan 07, 2025, 21:51 IST
UGC action MP government fake private university NSUI Ravi Parmar Photograph: (the sootr)
एनएसयूआई की शिकायत पर यूजीसी ने मध्य प्रदेश में फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यूजीसी ने राज्य सरकार से जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।

NSUI की शिकायत पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। NSUI नेता रवि परमार ने मध्य प्रदेश में फर्जी निजी विश्वविद्यालयों की शिकायत की थी। UGC ने राज्य सरकार से इन विश्वविद्यालयों की जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। UGC ने स्पष्ट किया है कि फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। UGC ने फर्जी निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।



उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट दे सरकार

यूजीसी ने कहा, "विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य सरकार द्वारा की जाती है। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए नियम, अधिनियम, उपनियम, अध्यादेश आदि राज्य सरकार द्वारा पारित या अनुमोदित किए जाते हैं। राज्य सरकार को विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने का भी अधिकार है। इसलिए अनुरोध है कि सरकार इस मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे। साथ ही पूरे मामले से संबंधित रिपोर्ट यूजीसी से साझा करे।



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शिकायत के मुख्य बिंदु

70% निजी विश्वविद्यालय फर्जी

राज्य के 70% से अधिक निजी विश्वविद्यालय केवल कागजों पर संचालित हो रहे हैं। इन विश्वविद्यालयों में न तो नियमानुसार स्टाफ है और न ही मानक भवन।



32 विश्वविद्यालयों में अयोग्य कुलपति

हाल ही में मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने 32 विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी कर 15 दिनों में योग्य कुलपति नियुक्त करने के निर्देश दिए थे।



फर्जी पते पर संचालन

कई विश्वविद्यालय फर्जी पते पर संचालित हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, छात्रों का प्रवेश भोपाल के नाम पर लिया जाता है, लेकिन कॉलेज रायसेन, विदिशा या सीहोर में चलता है।



डिग्री बेचने का धंधा

कुछ विश्वविद्यालय डिग्री बेचने का गोरखधंधा भी कर रहे हैं। छात्रों के प्रवेश का कोई समय निर्धारित नहीं है, और सत्र में सालभर दाखिले लिए जा रहे हैं।



फर्जी विश्वविद्यालयों द्वारा अवैध वसूली

छात्र छात्राओं से निजी विश्वविद्यालयों द्वारा अटेंडेंस लेट फीस के जुर्माने के नाम पर अवैध वसूली की जा रहीं जो विवि में बड़ी वित्तीय अनियमितताएं हैं।



दोषी संस्थानों को किया जाए बंद

रवि परमार ने बताया कि मध्य प्रदेश में संचालित सभी निजी विश्वविद्यालयों की गहन जांच होनी चाहिए और फर्जी विश्वविद्यालयों को बंद किया जाना चाहिए तथा दोषी संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह कदम जरूरी है। रवि परमार ने कहा कि फर्जी विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हम राज्य सरकार और यूजीसी से आग्रह करते हैं कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और दोषी संस्थानों को बंद किया जाए।



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