उज्जैन में 48 दिनों से टेंट में विराजमान हैं हनुमान जी, अब तक कोई फैसला नहीं, VHP को मिले 450 आवेदन, 25 अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजरें
संगठन को इस मामले में 450 आवेदन मिले हैं। 25 अक्टूबर के आसपास प्रशासन और कमेटी के बीच बैठक होने की संभावना है।
48 दिन से टेंट में हनुमान जी
उज्जैन में कंठल चौराहा से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान प्रशासन ने एक अति प्राचीन हनुमान मंदिर को हटा दिया था। लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा अब भी वहीं है। दर्शन करने वाले भक्त रोज टेंट में विराजमान हनुमान जी के पास पहुंच रहे हैं।
सड़क चौड़ीकरण का काम अपनी जगह है, लेकिन भक्तों की आस्था का सवाल अब भी बना हुआ है। करीब 48 दिन यानी सात हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन हनुमान जी अब भी टेंट में ही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भक्त शुरू से ही मांग कर रहे हैं कि हनुमान जी को भी मंदिर में विराजमान किया जाए।
भक्तों का कहना है कि प्रभु श्रीराम टेंट से निकलकर अयोध्या के भव्य मंदिर में विराजमान हो गए। लेकिन उनके भक्त हनुमान जी को शासन-प्रशासन ने अब तक टेंट में ही रखा है। इसी बात से उनकी आस्था को ठेस पहुंच रही है।
रिपोर्ट में हनुमान जी को प्रभु श्रीराम का दूत बताया गया है। भक्तों का कहना है कि जब श्रीराम के लिए भव्य मंदिर बन गया, तो उनके परम भक्त हनुमान जी को भी मंदिर में विराजमान किया जाना चाहिए।
खड़े हनुमान मंदिर विवाद में मांग
खड़े हनुमान मंदिर विवाद को लेकर कई दिनों तक हवन, यज्ञ और सुंदरकांड का आयोजन हुआ। इसमें आम भक्तों से लेकर साधु-संत और जनप्रतिनिधि तक पहुंचे। इन सभी आयोजनों में मांग की गई कि हनुमान जी जहां हैं, उन्हें वहीं रहने दिया जाए।
इस पूरे मामले पर VHP उज्जैन के जिलाध्यक्ष राजेश आंजना ने अपनी बात रखी। उनका कहना है कि हालात अब भी पहले दिन जैसे ही हैं। हनुमान जी को प्रभु श्रीराम का दूत बताया गया है। इसी रिश्ते को आधार बनाकर भक्त कह रहे हैं कि उनकी आस्था को ठेस पहुंची है।
पहले दिन जैसी स्थिति, प्रस्ताव नहीं आया
छह फीट में मंदिर, भगवान कब तक टेंट में
जलाधारी यानी शिवलिंग के नीचे के आधार का जिक्र मंदिर के आकार को लेकर किया गया है। उनके मुताबिक, शासन-प्रशासन को इसके लिए कुछ मापदंड तय करने चाहिए।
आंजना ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद को अब तक 450 आवेदन मिल चुके हैं। इनमें 45 हजार हस्ताक्षर, 150 पंचायतें, व्यापारी और 50 समाज शामिल हैं। सभी की एक ही मांग है कि खड़े हनुमान जहां हैं, वहीं रहें। ये सभी आंकड़े विश्व हिंदू परिषद की ओर से दिए गए हैं।
उज्जैन खड़े हनुमान के दर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, उज्जैन के खड़े हनुमान की चर्चा सोशल मीडिया के जरिए देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में पहुंच गई है। इसके बाद से देशभर से श्रद्धालु उनके दर्शन करने आ रहे हैं।
पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक, रोजाना 5 से 10 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इस सप्ताह सबसे ज्यादा भक्त झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मिजोरम और पड़ोसी देश नेपाल से आए हैं।
इस सूची में चार राज्य और नेपाल शामिल हैं। यानी खड़े हनुमान के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से उज्जैन पहुंच रहे हैं। रोजाना हजारों श्रद्धालु टेंट में विराजे खड़े हनुमान के दर्शन कर रहे हैं।
25 अक्टूबर की बैठक पर नजर
25 अक्टूबर के आसपास प्रशासन और कमेटी के बीच बैठक हो सकती है। अब देखना होगा कि इस बैठक से कोई हल निकलता है या नहीं। आंजना ने कहा कि वे प्रशासन से बात करेंगे और इस मामले में फैसला चाहते हैं।
अब तक भक्तों की मांग साफ है कि हनुमान जी जहां हैं, वहीं रहें। फिलहाल हनुमान जी टेंट में ही खड़े हैं।
FAQ
- उज्जैन खड़े हनुमान मंदिर विवाद क्या है?
यह विवाद छत्री चौक के सड़क चौड़ीकरण के दौरान अति प्राचीन हनुमान मंदिर को हटाने के बाद शुरू हुआ, लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा अब भी टेंट में खड़ी है। भक्त चाहते हैं कि हनुमान जी उसी जगह रहें। - विश्व हिंदू परिषद की मांग क्या है?
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सहमंत्री महेश आंजना के मुताबिक, उनकी मांग है कि हनुमान जी वहीं रहें और संगठन केवल छह फीट में शिव जलाधारी आकार का मंदिर चाहते हैं। - प्रशासन और कमेटी की बैठक कब हो सकती है?
प्रशासन और कमेटी के बीच बैठक 25 अक्टूबर के आसपास होने की संभावना है, लेकिन अभी तक प्रशासन से कोई प्रस्ताव नहीं आया है।