मध्यावधि 2026: उज्जैन संभाग में CM मोहन यादव की सीट पर 76% संतुष्टि, आलोट-महिदपुर में खतरे की घंटी

The Sootr | Jun 15, 2026, 15:41 IST
उज्जैन संभाग
शहडोल संभाग: 13 जून 2026 को मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार का आधा सफर पूरा हो गया। ढाई साल बीत गए। अब उल्टी गिनती शुरू है। और ठीक इसी दौरान thesootr लेकर आया है मध्यप्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा और विश्वसनीय सर्वे…

मध्यप्रदेश की हर विधानसभा से डेटा लेकर तैयार किए गए इस सर्वे में जानिए... उज्जैन संभाग के लोगों के मन की बात… और हां! ये सर्वे किसी तरह की घोषणा नहीं करता सिर्फ प्राप्त आंकड़ों से परसेप्शन बताता है।



हमने पूछे सिर्फ तीन सवाल

  1. क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं?
  2. BJP और डॉ. मोहन यादव की सरकार से संतुष्ट हैं या नहीं?
  3. क्या कांग्रेस प्रदेश में active दिखती है?

तो पहली बार हर नागरिक जान सकेगा

  • उसके अपने जिले का मूड क्या है
  • उसके विधायक को जनता पास करती है या फेल
  • मोहन यादव सरकार के बारे में उसके इलाके की राय क्या है
  • कांग्रेस जनता को active दिखती है या नहीं
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मध्यावधि 2026: उज्जैन संभाग thesootr Survey

CM की सीट पर बड़ा उछाल

उज्जैन संभाग में कुल 7 जिले और 29 विधानसभा सीटें आती हैं। 2023 के चुनाव में इनमें से 24 सीटें बीजेपी ने जीती थीं, जबकि 4 सीटें कांग्रेस के पास और 1 सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास गई थी।



द सूत्र के मध्यावधि 2026 सर्वे में सबसे बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उज्जैन दक्षिण सीट पर देखने को मिला है। पहले यहां विधायक संतुष्टि 55.2% थी, जो अब बढ़कर 76.2% हो गई है। यानी करीब 21 अंकों की बड़ी छलांग।



इसी तरह सरकार से संतुष्टि भी 53.1% से बढ़कर 68.5% पहुंच गई है। इस बढ़त के बाद उज्जैन दक्षिण पूरे संभाग में विधायक संतुष्टि के मामले में नंबर-1 सीट बन गई है।



इसके साथ ही उज्जैन जिला भी अब 65.1% विधायक संतुष्टि के साथ सभी 7 जिलों में टॉप पर पहुंच गया है।



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संभाग का समग्र चित्र

पूरे संभाग में विधायक संतुष्टि का औसत 63.4%, सरकार संतुष्टि 58.9% और कांग्रेस सक्रियता 53.2% है। तीनों आंकड़ों का यह क्रम एक साफ संदेश देता है कि जनता विधायकों को सरकार से थोड़ा आगे आंक रही है। लेकिन आधे से ज्यादा लोग विपक्ष को भी सक्रिय मान रहे हैं, जो BJP के लिए एक सतर्कता का संकेत है।



मंदसौर में कांग्रेस विधायक दूसरे नंबर पर

एक दिलचस्प तथ्य यह है कि विधायक संतुष्टि में दूसरे स्थान पर कांग्रेस के मंदसौर विधायक विपिन जैन (71.7%) हैं। यह बताता है कि जनता विधायक का मूल्यांकन पार्टी के आधार पर नहीं बल्कि उनके व्यक्तिगत काम के आधार पर कर रही है। शीर्ष के दो स्थानों पर सत्ता और विपक्ष दोनों का होना लोकतंत्र की परिपक्वता का संकेत है।



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मजबूत और कमजोर सीटें

मजबूत सीटों में उज्जैन दक्षिण, मल्हारगढ़ (SC) और घट्टिया (SC) सबसे आगे हैं। मल्हारगढ़ में BJP विधायक जगदीश देवड़ा की सीट पर सरकार संतुष्टि 69.9% के साथ पूरे संभाग में सबसे ऊंची है। शुजालपुर में विधायक इन्दर सिंह परमार (BJP) 69% संतुष्टि के साथ हैं और यहां कांग्रेस सक्रियता मात्र 42.8% है जो संभाग में सबसे कम है।



वहीं सबसे कमजोर तस्वीर आलोट (SC) और महिदपुर की है। आलोट में BJP विधायक चिंतामणि मालवीय की सीट पर सरकार संतुष्टि केवल 36.3% है जो पूरे संभाग में सबसे कम है। यहां कांग्रेस सक्रियता 67.1% है। महिदपुर में कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस की सीट पर सरकार संतुष्टि 43.9% है और कांग्रेस सक्रियता 70.9% के साथ संभाग में सबसे ऊंची है।



जिलावार तस्वीर: रतलाम सबसे चुनौतीपूर्ण

सातों जिलों में रतलाम BJP के लिए सबसे मुश्किल जिला है। यहां सरकार संतुष्टि केवल 52.6% है जो सभी जिलों में सबसे कम है। इसके साथ कांग्रेस सक्रियता 57.5% के साथ सबसे ज्यादा है। रतलाम ग्रामीण (ST यानी Scheduled Tribe आरक्षित) में सरकार संतुष्टि 51.5% और कांग्रेस सक्रियता 62.1% है। सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार की मौजूदगी एक नया कारक है।



मंदसौर और नीमच इस मामले में सबसे सुदृढ़ जिले हैं। मंदसौर में विधायक और सरकार दोनों की संतुष्टि 63% के आसपास है और कांग्रेस सक्रियता मात्र 48.6%। नीमच में सरकार संतुष्टि 62.3% और विधायक संतुष्टि 63.8% है।



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देवास में सबसे कड़ा मुकाबला

देवास जिला (5 सीटें) विधायक संतुष्टि (60.6%) में सभी जिलों में सबसे नीचे है और कांग्रेस सक्रियता (54.6%) में सबसे ऊपर है। यह संभाग का सबसे प्रतिस्पर्धी जिला है। बागली (ST) सीट पर BJP विधायक मुरली भैवरा की संतुष्टि 53.1% है जो पूरे संभाग में सबसे कम है।



शाजापुर में शुजालपुर सीट मजबूत है लेकिन शाजापुर शहर की सीट पर सरकार संतुष्टि 51.1% और कांग्रेस सक्रियता 64.9% तक पहुंची है, जो BJP के लिए सतर्कता का बिंदु है।



FAQ

  1. सवाल 1: उज्जैन संभाग सर्वे 2026 में CM मोहन यादव की सीट का क्या हाल रहा?
    जवाब: thesootr के मध्यावधि 2026 सर्वे में CM डॉ. मोहन यादव की उज्जैन दक्षिण सीट पर विधायक संतुष्टि 55.2% से बढ़कर 76.2% हो गई, यानी 21 अंकों का बड़ा उछाल। सरकार संतुष्टि भी 53.1% से बढ़कर 68.5% पहुंची। यह सीट अब पूरे 29 सीटों वाले संभाग में विधायक संतुष्टि में नंबर 1 है।
  2. सवाल 2: उज्जैन संभाग में BJP के लिए कौन से जिले सबसे कमजोर हैं?
    जवाब: रतलाम जिला BJP के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण है जहां सरकार संतुष्टि केवल 52.6% और कांग्रेस सक्रियता 57.5% है। इसके अलावा आलोट सीट पर सरकार संतुष्टि 36.3% के साथ पूरे संभाग में सबसे कम है। महिदपुर में कांग्रेस सक्रियता 70.9% के साथ संभाग में सबसे ज्यादा है। देवास जिला भी प्रतिस्पर्धी है।
  3. सवाल 3: उज्जैन संभाग में कांग्रेस की क्या स्थिति है?
    जवाब: कांग्रेस सक्रियता का संभाग औसत 53.2% है यानी आधे से ज्यादा मतदाता विपक्ष को सक्रिय मानते हैं। कांग्रेस के विधायक मंदसौर में विपिन जैन (71.7% संतुष्टि) विधायक संतुष्टि में संभाग में दूसरे नंबर पर हैं। रतलाम, महिदपुर और आलोट जैसी सीटों पर कांग्रेस सक्रियता सबसे ज्यादा है जहां सरकार कमजोर है।


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