छह महीने में दूसरी बार धंसा 2600 करोड़ का हाईवे, अब टूटेगा 500 मीटर हिस्सा
उज्जैन-गरौठ नेशनल हाईवे (NH – National Highway) का एक हिस्सा फिर धंस गया है। देवास रोड पर रेलवे ब्रिज के पास करीब 500 मीटर सड़क धंस गई। इससे पहले फरवरी में भी 200 मीटर हिस्सा धंसा था। जांच में तकनीकी खामी पाई गई है। अब इस हिस्से को तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा।
क्यों धंसा हाईवे का हिस्सा
देवास रोड स्थित रेलवे ब्रिज के पास हाईवे का हिस्सा तकनीकी खामी के चलते बैठ गया। यह सड़क 2600 करोड़ रुपए की लागत से बनी है। दो दिन पहले इसी जगह मटेरियल गिरने का एक वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद हाईवे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।
इससे पहले 6 फरवरी को भी इसी इलाके में करीब 200 मीटर हिस्सा धंस चुका था। कुछ महीनों में यह दूसरी बड़ी घटना है। इसके बाद प्रशासन ने पूरे प्रभावित हिस्से की तकनीकी जांच कराई।
दोबारा होगा निर्माण
निर्माण एजेंसी GVR ने सोमवार से खुदाई का काम शुरू कर दिया है। कंपनी के सीनियर इंजीनियर अमित राय के अनुसार, IIT (Indian Institute of Technology) दिल्ली की जांच में 100 से 200 मीटर हिस्से में गड़बड़ी मिली थी।
भविष्य में दोबारा हिस्सा न धंसे, इसके लिए एहतियात बरती जा रही है। करीब 500 मीटर हिस्से को पूरी तरह खोलकर जमीन से नए सिरे से बनाया जा रहा है। इससे हाईवे के हैंडओवर और ट्रैफिक शुरू होने में देरी हो सकती है।
परियोजना में देरी क्यों
यह प्रोजेक्ट करीब एक साल पहले पूरा होना था। लेकिन अब भी यह पूरी तरह अधूरा है। हाईवे के दो पैकेज पूरे हो चुके हैं। चंदेसरी से खेड़ा खजूरिया के बीच का 41 किलोमीटर हिस्सा अभी बाकी है।
करीब 900 करोड़ रुपए का यह पैकेज GVR कंस्ट्रक्शन कंपनी बना रही है। रेलवे ओवरब्रिज (ROB – Rail Over Bridge) और सड़क का काम दिसंबर तक पूरा करने की योजना थी। लेकिन अब धंसे हिस्से के दोबारा निर्माण से प्रोजेक्ट में और देरी की आशंका है।
उज्जैन सिंहस्थ के लिए अहम रूट
आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते से उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में समय पर हाईवे का पूरा होना जरूरी है। बार-बार धंसने की घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ी है।
कब शुरू होगा ट्रैफिक
NHAI (National Highways Authority of India) उज्जैन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवम शर्मा के मुताबिक, तकनीकी जांच के बाद धंसे हिस्से को दोबारा बनवाया जा रहा है। इसका मकसद है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
विभाग की कोशिश है कि 31 मार्च तक हाईवे पर ट्रैफिक शुरू करा दिया जाए। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए इस डेडलाइन पर भी सवाल उठ सकते हैं।
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उज्जैन सिंहस्थ कुंभ