सिंहस्थ 2028: जानें महाकाल की नगरी उज्जैन सदियों पहले क्यों कहलाती थी अवंतिका नगरी
Kaushiki | Dec 07, 2025, 16:41 IST
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शिक्षा का केंद्रImage credit : Kaushiki
प्राचीन काल में अवंतिका शिक्षा और ज्ञान का भी एक बहुत बड़ा केंद्र थी। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने यहीं पर सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी। यह सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक थी।
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धार्मिक महत्वImage credit : Kaushiki
पुराणों और ग्रंथों के मुताबिक, अवंतिका को भारत की सात मोक्षदायिनी पुरियों में से एक माना गया है। इसीलिए उज्जैन सिंहस्थ 2028 में दर्शन करने का बहुत बड़ा पुण्य मिलता है।
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महाकाल की नगरीImage credit : Kaushiki
आज इस शहर को महाकाल की नगरी या उज्जैन के नाम से जाना जाता है। ऐसा इसलिेए क्योंकि यहां भगवान महाकालेश्वर का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग स्थित है।
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शिप्रा नदी का तटImage credit : Kaushiki
यह पवित्र शहर शिप्रा नदी के तट पर बसा है। नदी के घाटों पर स्नान करना खासकर सिंहस्थ के दौरान बहुत शुभ माना जाता है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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काल भैरव का वासImage credit : Kaushiki
उज्जैन में ही भगवान काल भैरव (काल भैरव मंदिर) का प्राचीन मंदिर भी है। इन्हें इस नगरी का नगरपाल (रक्षक) कहा जाता है। उनकी कृपा से यहां सब मंगल रहता है।
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सिंहस्थ कुंभ मेलाImage credit : Kaushiki
यह नगरी हर 12 साल में लगने वाले उज्जैन सिंहस्थ मेला के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए आते हैं।
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प्राचीन नाम अवंतिकाImage credit : Kaushiki
उज्जैन नगरी का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध नाम अवंतिका नगरी था। पुराने समय में सभी लोग इसे इसी पवित्र नाम से जानते थे।
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उज्जैन का इतिहासImage credit : Kaushiki
मध्य प्रदेश की पवित्र नगरी उज्जैन का इतिहास और महत्ता बहुत खास है। यह नगरी सिर्फ सिंहस्थ के लिए ही नहीं, बल्कि अपने प्राचीन नाम अवंतिका के लिए भी प्रसिद्ध है। उज्जैन सदियों से धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रही है।