कालभैरव मंदिर में VIP दर्शन बंद, अब आम भक्तों की तरह होंगे बाबा भैरव के दर्शन
समझें क्या है पूरा मामला...
- उज्जैन के कालभैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्था बदल दी गई है।
- श्रावण मास में हर दिन दो लाख से ज्यादा भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं।
- भीड़ नियंत्रित करने के लिए वीआईपी गेट के सामने नया जिगजैग बनाया गया है।
- भक्तों की सुविधा के लिए प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था फिलहाल बंद कर दी गई है।
उज्जैन के कालभैरव मंदिर में श्रावण मास शुरू होते ही भक्तों की भीड़ बेतहाशा बढ़ गई है। रोजाना लाखों की संख्या में लोग भगवान कालभैरव के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
इतनी भारी भीड़ को संभालना मंदिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।
भीड़ के लिए नया इंतजाम
मंदिर प्रशासक संध्या मार्कण्डेय ने बताया कि श्रावण मास शुरू होते ही कालभैरव मंदिर में आस्था का ज्वार उमड़ने लगा है। उनके अनुसार प्रतिदिन दो लाख से अधिक भक्त भगवान कालभैरव के दर्शन करने मंदिर पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुगम दर्शन के लिए खास इंतजाम किए हैं।
पटवारी महेश देपन ने इस बदलाव की जानकारी विस्तार से दी है। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रित करने के लिए मंदिर के प्रोटोकॉल द्वार के सामने मैदान से अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद वहां दान में मिले बैरिकेड से नया जिगजैग तैयार किया गया।
अब दर्शनार्थियों को इसी जिगजैग से कतार बनाकर मुख्य द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। इससे भीड़ एक व्यवस्थित लाइन में बंट जाती है। मंदिर परिसर के भीतर भी अफरा-तफरी की आशंका काफी हद तक कम हो गई है।
वीआईपी दर्शन फिलहाल बंद
श्रावण में भीड़ की स्थिति को देखते हुए पूरी व्यवस्था आम भक्तों को केंद्र में रखकर बनाई गई है। आम भक्तों की सुविधा के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल दर्शन को फिलहाल बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन (उज्जैन का कालभैरव मंदिर) का कहना है कि इस समय सामान्य दर्शनार्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
यह फैसला सीधे तौर पर उन लाखों श्रद्धालुओं के हित में लिया गया है, जो घंटों कतार में खड़े होकर दर्शन का इंतजार करते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि हर भक्त को बिना ज्यादा परेशानी के दर्शन मिल सकें।
आम जनता को राहत
VIP एंट्री बंद होने और जिगजैग लाइन बनने से आम भक्तों को बिना किसी भेदभाव के आराम से और कम समय में दर्शन मिल सकेंगे। इससे आम श्रद्धालुओं का भरोसा मंदिर व्यवस्था पर बढ़ता है।
सुरक्षा पर सवाल
मंदिर जैसे पवित्र और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थल के बाहर रंगदारी और मारपीट की घटना से श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अवैध वसूली करने वालों पर लगाम लगेगी।
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