3 अगस्त से उज्जैन में गूंजेगा हर-हर महादेव, सजेगी बाबा महाकाल की सवारी
Mahakal Sawari 2026: सावन का महीना आने में अब कुछ ही समय बचा है। ऐसे में सभी शिव मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ लगने वाली है। ये महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इसी महीने एमपी के उज्जैन में महाकाल की सवारी निकाली जाती है। सावन के महीने में महाकाल अपने प्रजा के हालचाल जानने के लिए नगर भ्रमण को निकलते हैं।
महाकाल की सवारियां श्रावण और भादौ मास में निकलती है। इस साल सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। तो इसी क्रम में उज्जैन में महाकाल की सवारियों की तैयारियां चल रही है। इस पूरे आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने अहम बैठक ली।
सभी विभागों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उज्जैन में हर साल की तरह इस बार भी महाकाल की सवारियां श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेंगी। आइए जानें इस साल कब-कब और कैसी रहेगी उज्जैन महाकाल की सवारियों की व्यवस्था।
कब-कब निकलेगी महाकाल की सवारी
उज्जैन में महाकाल की सवारियां श्रावण भादौ मास में निकलेंगी...
- पहली सवारी सोमवार 3 अगस्त को निकलेगी।
- दूसरी सवारी 10 अगस्त को होगी।
- तीसरी सवारी 17 अगस्त को निकलेगी।
- चौथी सवारी 24 अगस्त को निकाली जाएगी।
- भादौ मास में पांचवीं सवारी 31 अगस्त को होगी।
- छठी और आखिरी शाही सवारी 7 सितंबर को निकलेगी।
सवारियों का नया भव्य स्वरूप
उज्जैन में इस बार भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ 2026 की सवारियां सिर्फ धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक होंगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने इसे और अधिक भव्य बनाने के लिए एक खास थीम प्लान तैयार किया है।
इस बार के मुख्य आकर्षण:
- हर सोमवार नई थीम: श्रद्धालुओं को प्रत्येक सोमवार की सवारी में एक नया और अनूठा अनुभव मिलेगा।
- जनजातीय लोक नृत्य: मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के ट्राइबल डांस ग्रुप्स अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे।
- सिंहस्थ 2028 की झलक: अंतिम 'राजसी सवारी' में आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की भव्य झलक देखने को मिलेगी।
- ड्रोन से पुष्पवर्षा: राजसी सवारी में आकर्षण बढ़ाने के लिए ड्रोन के जरिए आसमान से फूलों की बारिश की जाएगी।
सवारी का मार्ग क्या रहेगा
महाकाल की सवारी महाकाल मंदिर के सभा मंडप से पूजन के बाद शुरू होगी। ये महाकाल लोक, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। शिप्रा तट पर पूजन के बाद सवारी वापसी शुरू करेगी।
वापसी में रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, टंकी चौराहा और गोपाल मंदिर होते हुए सवारी मंदिर लौटेगी। शाही सवारी के दिन मार्ग थोड़ा अलग रहेगा। यह टंकी चौराहा से मिर्जा नईमबेग, तेलीवाड़ा चौराहा, कंठाल और सराफा बाजार से होकर गुजरेगी।
मंदिर के पट खुलने का समय
सावन और भादौ के महीने में भस्म आरती पर मंदिर के पट खुलने के समय में कुछ बदलाव किए जाएंगे। सावन-भादौ मास में रोज 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर के पट सुबह 3 बजे खुलेंगे।
हर सोमवार को ये समय 2:30 बजे रहेगा। भस्म आरती रोज सुबह 3 से 5 बजे तक होगी। सोमवार को यह आरती सुबह 2:30 से 4:30 बजे तक चलेगी। 8 सितंबर से पुराना समय फिर लागू होगा।
ऐसी रहेगी दर्शन की व्यवस्था
सावन और भादौ के महीने में आम श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के पास से नंदी द्वार, महालोक और फैसिलिटी सेंटर होते हुए दर्शन करेंगे। शीघ्र दर्शन की सुविधा गेट नंबर एक और पांच से मिलेगी। जूता स्टैंड की सुविधा सात अलग जगहों पर रहेगी। पार्किंग के लिए छह स्थान तय किए गए हैं, जिनमें मेघदूत वन और चारधाम पार्किंग शामिल हैं।
कावड़ यात्रियों को जल अर्पण की सुविधा मंगलवार से शुक्रवार तक मिलेगी। इन यात्रियों को गेट नंबर एक और हरसिद्धि चौराहा से विशेष मार्ग से प्रवेश मिलेगा। शनिवार, रविवार और सोमवार को भीड़ ज्यादा होने के कारण कावड़ दल को अनुमति नहीं दी जाएगी।
साथ ही नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेन्टर-1 एवं टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत (निर्माल्य द्वार) अथवा नवीन इमरजेंसी एग्जिट डोर से सीधे बाहर के लिए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए जल चढ़ाने की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप और कार्तिकेय मंडपम में जलपात्र के माध्यम से रहेगी।
सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं
उज्जैन महाकालेश्वर मेंसावन और भादौ के महीने में पूरे सवारी मार्ग पर सीसीटीवी, पीए सिस्टम और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी। सफाई, चिकित्सा और पानी की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट्स की ड्यूटी लगाई जाएगी।
बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। हर सवारी में ट्राइबल कल्चरल ट्रोपेस की प्रस्तुति होगी। हर सवारी के साथ पांच एलईडी रथ चलेंगे। कार्तिक मंडप की पहली तीन पंक्तियों से श्रद्धालु चलित आरती देख सकेंगे।
स्वास्थ्य सुविधा के लिए 15 जगहों पर मेडिकल टीम और 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा रहेगी। सावन महोत्सव और सांस्कृतिक संध्या जैसे आयोजन भी होंगे।
बाबा महाकाल की दर्शन व्यवस्था
- विशेष दिन की व्यवस्था: इस बार तीसरी सावन सोमवार की सवारी और श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन एक ही दिन पड़ रहे हैं, इसलिए उस दिन की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए एक अलग से विशेष बैठक कर नियम तय किए जाएंगे।
- चलित आरती दर्शन: बाबा महाकाल की सभी आरतियों के दौरान कार्तिक मंडप की पहली तीन पंक्तियों (रोज) से श्रद्धालुओं को रुकने के बजाय चलते-चलते (चलित) आरती के दर्शन कराए जाएंगे, ताकि भीड़ जमा न हो।
- एलईडी रथ से लाइव दर्शन: सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को बाबा के सुगमता से दर्शन हो सकें, इसके लिए हर सवारी के साथ 5 विशेष एलईडी रथ शामिल किए जाएंगे, जिन पर लाइव प्रसारण होगा।
सांस्कृतिक और भव्य आयोजन
- जनजातीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: पिछले साल की तरह इस साल भी बाबा महाकाल की सभी सवारियों में जनजातीय सांस्कृतिक दलों की शानदार और पारंपरिक प्रस्तुतियां शामिल की जाएंगी।
- थीम आधारित झांकियां: हर सवारी (शिव और सावन) के लिए पहले की तरह एक विशेष थीम तय की जाएगी। उसी थीम के आधार पर सवारी में खूबसूरत झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
- श्रावण महोत्सव का आयोजन: सावन के पवित्र महीने के दौरान भव्य 'श्रावण महोत्सव' और विशेष सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा, जो इसे और भी भव्य बनाएंगे।
सुरक्षा, बैरिकेडिंग और मार्ग व्यवस्था
- मैजिस्ट्रेट की तैनाती: सवारी मार्ग और शहर के सभी प्रमुख व संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यपालक दंडाधिकारियों (एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट) की ड्यूटी लगाई जाएगी।
- समय से पहले बैरिकेडिंग: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन के लिए प्रशासन समय से पहले ही पर्याप्त मात्रा में मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था करके उन्हें तय स्थानों पर स्थापित कर देगा।
- पब्लिक एड्रेस सिस्टम: सवारी मार्ग के सभी प्रमुख और महत्वपूर्ण स्थानों पर श्रद्धालुओं की मदद के लिए दिशा सूचक (साइन बोर्ड) और पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) लगाए जाएंगे ताकि जरूरी घोषणाएं सुनी जा सकें।
सफाई, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं
- 24×7 मेडिकल और एंबुलेंस: श्रद्धालुओं की सेहत का ध्यान रखने के लिए 15 चिन्हित जगहों पर मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति के लिए 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी।
- सफाई और भवनों की सुरक्षा: नगर निगम द्वारा पूरे सवारी मार्ग पर सफाई व्यवस्था और आसपास के भवनों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन और जरूरी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
- बिना रुकावट बिजली सप्लाई: पूरे महोत्सव के दौरान निर्बाध (बिना रुकावट) बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही खुले विद्युत तारों (उज्जैन महाकाल सवारी)और खंभों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
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