महाकाल मंदिर में 27 अक्टूबर से बदलेंगे आरतियों के समय, जानें सुबह-शाम की आरती की नई टाइमिंग

Arohi Raj | Oct 24, 2026, 18:55 IST
महाकाल मंदिर में तीन आरतियों का समय बदला।
उज्जैन के महाकाल मंदिर में 27 अक्टूबर से आरतियों का समय बदल जाएगा। ठंड शुरू होने के साथ बाबा महाकाल की पूजा का समय भी बदलेगा। नई व्यवस्था कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लागू होगी। यह व्यवस्था होली तक जारी रहेगी। हालांकि, भस्म आरती के समय में बदलाव नहीं किया गया है।

27 अक्टूबर से तीन आरतियों की नई टाइमिंग

महाकाल मंदिर में मौसम के अनुसार पूजा और आरती का समय बदलता है। इस बार भी इसी परंपरा के तहत नई समय-सारणी लागू होगी। दद्योदक आरती अब सुबह 7 बजे के बजाय 7:30 बजे होगी। यानी यह आरती आधे घंटे देरी से शुरू होगी। भोग आरती भी सुबह 10 बजे के बजाय 10:30 बजे होगी।



वहीं, संध्या आरती शाम 7 बजे के बजाय 6:30 बजे होगी। इसलिए श्रद्धालुओं को शाम की आरती के लिए आधे घंटे पहले पहुंचना होगा। आरतियों के समय में यह बदलाव मंदिर की परंपरा का हिस्सा है। नई व्यवस्था कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लागू होकर होली तक चलेगी। श्रद्धालु इसी के अनुसार दर्शन की योजना बनाएं।



भस्म आरती और शयन आरती का समय नहीं बदलेगा

महाकाल मंदिर में भस्म आरती और शयन आरती पुराने समय पर होंगी। इन दोनों आरतियों की टाइमिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भस्म आरती तड़के 4 बजे शुरू होगी। यह सुबह 6 बजे तक चलेगी। वहीं, शयन आरती रात 10:30 बजे शुरू होगी। यह रात 11 बजे तक चलेगी। भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालु पुरानी टाइमिंग का ध्यान रखें।



दूसरी आरतियों में शामिल होने वाले भक्त नई टाइमिंग के अनुसार पहुंचें। मौसम बदलने के साथ मंदिर की पूजा-पद्धति में भी बदलाव होता है। यह महाकाल मंदिर की पुरानी परंपरा है। नई व्यवस्था कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लागू होगी। यह व्यवस्था होली तक जारी रहेगी। इसलिए श्रद्धालु दर्शन की योजना नए समय के अनुसार बनाएं।



रूप चौदस से गर्म जल से होगा बाबा का स्नान

सर्दियों की शुरुआत के साथ बाबा महाकाल के स्नान की व्यवस्था बदलेगी। रूप चौदस से भगवान को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। इस दौरान पुजारी परिवार की महिलाएं बाबा को गर्म जल से स्नान कराएंगी। इसके बाद भगवान को सुगंधित उबटन अर्पित किया जाएगा। यह व्यवस्था होली तक जारी रहेगी।



मंदिर में मौसम के अनुसार पूजा की परंपराएं बदलती हैं। गर्म जल से स्नान और सुगंधित उबटन अर्पित करना भी इसी परंपरा का हिस्सा है। ठंड के मौसम में भगवान की दैनिक पूजा का क्रम भी बदल जाता है।



शरद पूर्णिमा पर बाबा महाकाल को लगेगा विशेष भोग

महाकाल मंदिर में 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस अवसर पर भगवान महाकाल को विशेष भोग अर्पित होगा। संध्या आरती में बाबा महाकाल को केसरिया मीठा दूध चढ़ाया जाएगा। यह शरद पूर्णिमा का विशेष भोग होगा।पूर्णिमा की तारीख को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। इसी वजह से आरतियों की नई समय-सारणी 27 अक्टूबर से लागू होगी।



FAQs



  1. महाकाल मंदिर में आरतियों का समय कब से बदलेगा?
    उज्जैन के महाकाल मंदिर में आरतियों की नई समय-सारणी 27 अक्टूबर से लागू होगी। यह व्यवस्था होली तक जारी रहेगी।
  2. दद्योदक आरती और भोग आरती कितने बजे होगी?
    नई व्यवस्था के अनुसार, दद्योदक आरती सुबह 7:30 बजे और भोग आरती सुबह 10:30 बजे होगी।
  3. बाबा महाकाल को गर्म जल से स्नान कब से कराया जाएगा?
    रूप चौदस से बाबा महाकाल को गर्म जल से स्नान कराने की परंपरा शुरू होगी। इस दौरान सुगंधित उबटन भी अर्पित किया जाएगा। यह व्यवस्था होली तक चलेगी।
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