उज्जैन के त्रिनेत्र मॉडल को मिला नेशनल गोल्ड अवार्ड, जल्द देशभर में होगा लागू
समझें क्या है पूरा मामला...
- उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा प्रणाली त्रिनेत्र एआई सिस्टमको बड़ा सम्मान मिला है।
- इसे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में स्वर्ण पदक दिया गया है।
- जयपुर में आयोजित सम्मेलन में यह पुरस्कार दिया गया है।
- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईएएस रौशन कुमार सिंह को सम्मानित किया।
- अब यह मॉडल पूरे देश में लागू होने जा रहा है।
जयपुर सम्मेलन में मिला सम्मान
जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में दो दिवसीय 29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन हुआ। सम्मेलन 1 और 2 जुलाई को आयोजित किया गया था।
पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की। सम्मेलन की थीम विकसित भारत रखी गई थी। दूसरे दिन गुरुवार, 02 जुलाई को समापन और पुरस्कार वितरण समारोह हुआ था।
इसी समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को सम्मानित किया। कलेक्टर ने यह पुरस्कार उज्जैन जिले की ओर से प्राप्त किया।
क्या है त्रिनेत्र प्रोजेक्ट?
दरअसल त्रिनेत्र महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र में लगाई गई एआई आधारित निगरानी प्रणाली है। इसमें मंदिर परिसर में 500 से अधिक स्मार्ट कैमरे लगाए गए हैं।
ये कैमरे 24 घंटे मंदिर की निगरानी करते हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह और निकास मार्ग तक हर गतिविधि पर नजर रहती है। किसी भी संदिग्ध हरकत की स्थिति में तुरंत सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंच जाते हैं।
यह प्रणाली उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत विकसित की गई है। मध्यप्रदेश में यह पहला मंदिर है जहां इतने बड़े स्तर पर एआई कैमरा नेटवर्क लगाया गया है।
दिल्ली में 13 सदस्यीय ज्यूरी के सामने प्रजेंटेशन
बता दें कि मंदिर में तकनीक के जरिए सुरक्षा मजबूत करने के लिए ये पुरस्कार दिया गया है। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने इस प्रोजेक्ट को तैयार करवाया और दिल्ली में 13 सदस्यीय ज्यूरी के सामने इसका प्रजेंटेशन दिया था। साथ ही टीम ने खुद उज्जैन आकर पूरे सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण भी किया था।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत ?
पीएम नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2022 में उज्जैन के श्रीमहाकाल महालोक का भव्य लोकार्पण किया था। इसके बाद से ही उज्जैन में आने वाले भक्तों की संख्या बहुत बढ़ गई। आज के समय में हर दिन करीब 1.5 से 2 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
त्योहारों और सावन के महीने में ये संख्या बढ़कर 8 से 10 लाख तक हो जाती है। इतनी भारी भीड़ को संभालना और उनकी सुरक्षा करना मंदिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। इसी चुनौती से निपटने के लिए उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने यह सिस्टम बनाया।
अब पूरे देश में लागू होगा मॉडल
सम्मेलन में एक बड़ी घोषणा भी हुई। डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन ने बताया कि उज्जैन के त्रिनेत्र मॉडल को जल्द ही पूरे देश में लागू किया जाएगा।
इसके लिए जल्द ही एक एमओयू साइन होगा। यानी अब उज्जैन में तैयार यह स्वदेशी एआई मॉडल देश के दूसरे शहरों की सुरक्षा व्यवस्था का आधार बनेगा।
सीएम मोहन यादव ने बताई बड़ी उपलब्धि
वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पुरस्कार को प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान राज्य में हो रहे तकनीकी नवाचार की पहचान है।
सम्मेलन में और क्या हुआ
वहीं सम्मेलन के दौरान देशभर के विभिन्न राज्यों ने अपने-अपने ई-गवर्नेंस नवाचार भी प्रदर्शित किए। जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने मॉडल पेश किए।
यह पुरस्कार सिर्फ उज्जैन के लिए नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। महाकालेश्वर मंदिर अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्मार्ट सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी पहचाना जाएगा।
FAQ
- त्रिनेत्र क्या है?
त्रिनेत्र महाकालेश्वर मंदिर में लगी एआई आधारित निगरानी प्रणाली है। इसमें 500 से अधिक स्मार्ट कैमरे लगे हैं। यह मंदिर की 24 घंटे निगरानी करती है। - त्रिनेत्र को कौन सा पुरस्कार मिला?
त्रिनेत्र को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में स्वर्ण पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार जयपुर में हुए 29वें राष्ट्रीय सम्मेलन में दिया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कलेक्टर को सम्मानित किया।
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