तीन रूपों में नगर भ्रमण पर निकलेगी महाकाल की तीसरी सवारी, पुलिस बल देगा सलामी

Aman Vaishnav | Aug 17, 2026, 08:22 IST
महाकाल की तीसरी सवारी
सावन के तीसरे सोमवार पर आज शाम 4 बजे उज्जैन में महाकाल की भव्य तीसरी सवारी निकाली जाएगी। मंदिर से निकलने से पहले मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे।

समझें क्या है पूरा मामला...

उज्जैन में आज नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक साथ पड़ा है।



इस वजह से महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।



साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात खोले गए।



महाकाल मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खुले और भस्म आरती हुई।



शाम 4 बजे भगवान महाकाल की तीसरी सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी।



शाम को निकलेगी भव्य सवारी

उज्जैन महाकालेश्वर की तीसरी सवारी आज शाम 4 बजे मंदिर से शुरू होगी। यह सवारी नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरेगी। सवारी से पहले मंदिर के सभामंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन होगा।



पूजन के बाद भगवान पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान भगवान को सलामी देंगे। यह दृश्य हर साल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहता है।



95593e41-993


सवारी में कौन-कौन शामिल

इस बार की सवारी में श्री चंद्रमौलेश्वर पालकी में विराजित रहेंगे। श्री मनमहेश की प्रतिमा हाथी पर सजाई गई है। शिव-तांडव की प्रतिमा गरुड़ रथ पर रहेगी।



सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल और सशस्त्र पुलिस बल भी चलेगा। इसके अलावा होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली और पुलिस बैंड भी शामिल रहेंगे। पूरा मार्ग भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आएगा।



mahakal-ka-tasara-savara_1690197684-199924.jpeg?w=414&dpr=3


तड़के खुले महाकाल के पट

सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा महाकाल के पट तड़के 2:30 बजे खोले गए। पट खुलने के बाद वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन कर भगवान से आज्ञा ली गई। इसके बाद चांदी का पट खोलकर कर्पूर आरती हुई।



नंदी हॉल में नंदीजी का स्नान, ध्यान और पूजन हुआ। इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन हुआ।



भगवान का रजत चंद्र, त्रिशूल और मुकुट से श्रृंगार हुआ। भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट भी अर्पित किए गए। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट और रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई। अंत में फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।



1645587700-566-684586


महानिर्वाणी अखाड़े से भस्म अर्पण

भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था लागू रही। बिना परमिशन वाले श्रद्धालुओं ने भी चलित दर्शन किए। पूरा मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान को भस्म अर्पित की गई।



साल में एक दिन खुलता मंदिर

बता दें कि उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर के तीसरे तल पर स्थित है। नागपंचमी के अलावा पूरे वर्ष यहां पट बंद रहते हैं। इसी कारण इस दिन देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।



इस बार नागपंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन पड़ने से भीड़ और बढ़ने की संभावना है। मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खोले गए। मंदिर अगले 24 घंटे दर्शन के लिए खुला रहेगा।



29b2f380-c84


दर्शन की पूरी व्यवस्था

महाकाल मंदिर में इस बार शीघ्र दर्शन के लिए गेट नंबर-1 बंद रहेगा। शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालु 250 रुपए की व्यवस्था के तहत दर्शन कर सकेंगे। ये श्रद्धालु नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे।



सामान्य दर्शन के लिए प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय स्थित द्वार से होगा। यहां से श्रद्धालु नंदी द्वार, मानसरोवर फैसिलिटी, गणेश मंडप और कार्तिक मंडप होते हुए दर्शन मार्ग पर पहुंचेंगे। दर्शन के बाद एंबुलेंस गेट से होकर पिनाकी द्वार से बाहर निकलेंगे।



श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है। प्रवेश और निर्गमन के रास्ते भी अलग-अलग रखे गए हैं। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद की है।



d4450667-ec6


ये खबरें भी पढ़िए...

महाकाल मंदिर में आज दो बड़े संयोग, भस्म आरती के साथ नागचंद्रेश्वर के दर्शन



महाकाल मंदिर में एक दिन में 6.5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, कमाई एक करोड़ के पार



पहली बार सामने आई महाकाल मंदिर की कुल संपत्ति, 472 करोड़ की FD और 300 करोड़ का सोना



उज्जैन में बाबा महाकाल का दिव्य रूप: चांदी की पालकी में निकली पहली सवारी



Tags:
  • महाकाल मंदिर
  • नागपंचमी
  • उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर
  • उज्जैन महाकालेश्वर
  • महाकालेश्वर
  • नागचंद्रेश्वर मंदिर