लेंसकार्ट के बाद मारुति सुजुकी शोरूम में तिलक पर विवाद, जान से मारने की दी धमकी
लेंसकार्ट (Lenskart) विवाद की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब नागदा के एक ऑटोमोबाइल शोरूम में धार्मिक पहचान को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। यहां एक युवक को माथे पर तिलक लगाकर काम पर आने से न केवल रोका गया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना उज्जैन-जावरा स्टेट हाईवे-17 पर स्थित मारुति सुजुकी शोरूम की है। यहां रितिक राठौर मैकेनिक के पद पर काम करता है। रितिक का आरोप है कि वह रोजाना माथे पर तिलक लगाकर काम पर जाता था।
शोरूम में ही काम करने वाला एक सहकर्मी मुबारक लाला पिछले तीन महीनों से रितिक के तिलक लगाने पर आपत्ति जता रहा था।
गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
सोमवार, 27 अप्रैल को यह विवाद तब और बढ़ गया जब रितिक तिलक लगाकर शोरूम पहुंचा। आरोप है कि मुबारक लाला ने उन्हें देखते ही गलत भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
रितिक का आरोप है कि मुबारक ने उन्हें बेल्ट से पीटने और जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस घटना के बाद से ही शोरूम के अंदर तनाव का माहौल पैदा हो गया है।
हिंदू संगठन नाराज और पुलिस की कार्रवाई
जैसे ही इस घटना की जानकारी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली, वे तुरंत मारुति शोरूम पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने वहां जमकर नारेबाजी की। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
हंगामे को देखते हुए मंडी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। रितिक के बयान और प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी मुबारक लाला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है लेंसकार्ट विवाद?
लेंसकार्ट, जो एक प्रमुख eyewear कंपनी है, इस समय अपने ड्रेस कोड को लेकर विवादों में घिरी हुई है। सोशल मीडिया पर कंपनी का एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ था।
इस डॉक्यूमेंट में कंपनी के कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया था। इसके अलावा हिजाब और पगड़ी को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई थी।
विवाद तब बढ़ा जब एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने इस वायरल डॉक्यूमेंट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष बंसल से सवाल किया। शेफाली ने कहा कि क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट में हिजाब ठीक है, लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं?
इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर लोग कंपनी के इस ड्रेस कोड पर सवाल उठाने लगे। साथ ही लेंसकार्ट को ट्रोल करना शुरू कर दिया गया ।
वायरल डॉक्यूमेंट में क्या-क्या लिखा था?
सोशल मीडिया पर वायरल हुई ग्रूमिंग गाइड ने काफी सुर्खियां बटोरीं। इसके मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार थे
- महिला कर्मचारियों को स्टोर में बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है।
- महिला कर्मचारी स्टोर में क्लेचर नहीं लगा सकती हैं।
- कलावा या किसी भी धार्मिक रिस्ट बैंड को हटाने का निर्देश दिया गया है।
- पुरुष कर्मचारियों को भी तिलक लगाकर स्टोर में आने की मनाही है।
- हिजाब या पगड़ी पहनने वालों को केवल काले रंग का हिजाब/पगड़ी पहनने की अनुमति है।
- लेकिन, इसी डॉक्यूमेंट में यह भी लिखा है कि बुर्का पहनकर स्टोर में काम करने की मनाही है।
लेंसकार्ट की नई पॉलिसी
लेंसकार्ट ने इस विवाद के बाद हाल ही में कर्मचारियों के लिए अपनी स्टाइल गाइड और ग्रूमिंग पॉलिसी में बदलाव किया है। कंपनी ने अब धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, हिजाब, पगड़ी आदि को पहनने की अनुमति दे दी है।
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